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Crime News : Most Wanted Rajan Tiwari Arrested मोस्ट वांटेड माफिया राजन तिवारी रक्सौल से गिरफ्तार

Shaheed Diwas
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राजन तिवारी पर गोरखपुर में 60 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. NBW जारी होने के बाद से राजन तिवारी फरार था. राजन तिवारी का नाम उत्तर प्रदेश के टॉप 45 माफियाओं की सूची में शामिल है.

Raxaul 18 August : मोस्ट वांटेड माफिया राजन तिवारी रक्सौल से गिरफ्तार कर लिया गया है. बिहार नेपाल सीमा तरफ परिस्थिति रक्सौल शहर से राजन तिवारी को गिरफ्तार किया गया है. राजन तिवारी पर गोरखपुर में 60 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. NBW जारी होने के बाद से राजन तिवारी फरार था. राजन तिवारी का नाम उत्तर प्रदेश के टॉप 45 माफियाओं की सूची में शामिल है.

Shaheed Diwas


बिहार के मोतिहारी के गोविंदगंज से राजन तिवारी विधायक रह चुके हैं. नेपाल भागने की फिराक में था राजन तिवारी. राजन तिवारी के खिलाफ गैर जमानती वारंट 2005 में हुई जारी किए गए थे. इसके बाद से राजन तिवारी फरार चल रहा था. हरैया थाना प्रभारी की नजर राजन तिवारी पर रक्सौल में पड़ी और उन्होंने दबोचने में देरी नहीं की.


बिहार और यूपी की पुलिस ने मिलकर बाहुबली पूर्व विधायक राजन तिवारी को गिरफ्तार किया है. गौरतलब है कि 17 साल पूर्व निकले गैर जमानती वारंट के मामले में गिरफ्तारी हुई है. मोतिहारी के आरक्षी अधीक्षक कुमार आशीष ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है. राजन तिवारी पर ₹20000 का पुरस्कार भी घोषित कर रखा है उत्तर प्रदेश की पुलिस ने. यूपी पुलिस की टीम मोतिहारी आई थी. राजन तिवारी को गिरफ्तार करने के लिए इस कार्रवाई में बिहार पुलिस ने उनके साथ साझा कार्रवाई की. गुप्त जानकारी के अनुसार राजन तिवारी के रक्सौल के हरैया थाना क्षेत्र में छुपे होने की जानकारी मिली. इसके बाद राजन तिवारी पर नजर रखी गई और उन्हें धर दबोचा गया.

Shaheed Diwas


बाहुबली पूर्व विधायक राजन तिवारी का खौफ दोनों राज्यों में खूब खूब रहा है. गोरखपुर में जन्म लिए राजन तिवारी ने कॉलेज में ही अपनी पकड़ अपराध पर बना ली थी. कॉलेज के समय में ही कुख्यात श्री प्रकाश शुक्ला के गैंग में शामिल हो गए थे. राजन तिवारी बाद में प्रकाश शुक्ला के एनकाउंटर होने के बाद बिहार में अपना साम्राज्य बना लिया. बिहार सरकार के मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की हत्या में भी राजन तिवारी का नाम आया था.15 साल जेल में भी रहा इस हत्या कांड में. सबूतों के अभाव में 2014 में पटना हाई कोर्ट से उन्हें बरी कर दिया गया.

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