वाराणसी में देव दीपावली का त्योहार क्यों मनाया जाता है?

दीपावली के 15 दिन बाद वाराणसी में देव दीपावली का त्योहार मनाया जाता है. अयोध्या की दीपावली के बाद शिव की काशी में भव्य देव दीपावली मनाई गई.  

वाराणसी के 84 घाटों में पर रोशन हुए 21 लाख दीपक,अलग ही रौनक देखने को मिली . घाटों पर आरती और घण्टा घड़ियालों से देवताओं का स्वागत हुआ. 

देव दीपावली का वर्णन शिव पुराण में मिलता है। कार्तिक मास में त्रिपुरासुर नामक राक्षस ने देवताओं पर अत्याचार शुरू किया तब भगवान विष्णु ने इस क्रूर राक्षस का वध इसी दिन किया था।  

कहा यह भी जाता है की काशी नरेश ने अपने शहीद सैनिकों के लिए घाटों पर दिप प्रज्वलन की प्रथा शुरू की थी. 

एक मान्यता है की रानी अहिल्या बाई होल्कर द्वारा पंच गंगा घाट से देव दीपावली की शुरुआत की गई थी.