“गंदा शराब पीया …मर गया. उसको हम लोग मदद करेंगे? सवाल ही पैदा नहीं होता”- नीतीश कुमार

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बिहार में जहरीली शराब से अब तक 65 लोगों की मौत, सिवान में भी 5 लोगों की मौत

Patna 16 December : बिहार में जहरीली शराब से अब तक 59 (सरकारी आंकड़ा कुछ और) लोगों की मौत हो चुकी है. अभी अभी खबर आ रही है कि सिवान में भी 5 लोगों की मौत जहरीली शराब से हो गई है. सिवान के साथ-साथ है बेगूसराय के तेघडा में भी शराब से मौत का समाचार आ रहा है. छपरा के मसरख से एक समाचार आ रहा है कि पत्नी की मौत के गम में पति ने भी शराब पी रखी थी और सुसाइड कर लिया. एक शख्स की कहानी है शराबी पी कर असम जाने के लिए निकला और चलती ट्रेन में उसकी मौत हो गई.

सिवान के पांच लोगों की संदिग्ध अवस्था में मारे जाने की का समाचार है. सिवान में भी कहा जा रहा है कि जहरीली शराब पीने से इन सभी की मृत्यु हुई है.. कुछ का इलाज आज सिवान छपरा और गोरखपुर में भी चल रहा है. ग्रामीणों ने दावा किया है कि सभी ने शराब का सेवन किया था. ग्रामीणों ने शिकायत की है कि सभी ने अपने ही गांव से देसी शराब खरीद कर दी थी और उसके बाद धीरे-धीरे तबीयत खराब होने लगी और इलाज के दौरान मौत हो गई है.

सिवान के पांच लोगों की संदिग्ध अवस्था में मारे जाने की का समाचार है.

बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र में आज फिर हंगामा हुआ शराब कांड पर. विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता विजय सिन्हा ने पीड़ित परिवारों को 10 लाख मुआवजा देने की मांग उठाई इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दारू पीकर मरे हैं तो सरकार क्या मुआवजा देगी, एक पैसा नहीं देंगे. सदन में नीतीश कुमार ने किया साफ, शराब पीकर होनेवाली मौत पर मुआवजा नहीं मिलेगा. सिवान में 5 मौत हो चुकी है जहरीली शराब से जो भगवानपुरा थाना के ब्रह्मस्थान गांव में हुई है. बिहार में पूर्ण शराब बंदी है और शराब पीने से मरने वालों की संख्या 65 हो चुकी है. अधिराइयों और पुलिस की दबाब में कई लाशों को का अंतिम संस्कार भी करा दिया गया है और कहा गया कि ठंड से मरा बताओगे तो मुआवजा भी मिलेगा शराब से मरने की बात करोगे तो पैसा नहीं मिलेगा. सदन में नीतीश कुमार ने भी किया साफ, शराब पीकर होनेवाली मौत पर मुआवजा नहीं मिलेगा.

आपको याद दिलाते चले सारण जिले के एसपी को ही मुख्य मुख्यमंत्री से शराबबंदी को लेकर मद्य निषेध की दिशा में बेहतर कार्य के लिए शारण के एसपी को सम्मानित किया गया था. उसी जिले में आज 60 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई है.

सिवान और छपरा जिला शराबबंदी को पूर्णरूपेण लागू करने में पूरी तरह से नाकाम रहे हैं सारण के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार को शराबबंदी में बेहतर कार्य के लिए मुख्यमंत्री ने सम्मानित भी किया था. इस तरह के सम्मान पर भी सवाल उठने लगे हैं. पुलिस और मद्य निषेध विभाग के लोगों की शराब माफियाओं से मिलीभगत अब सामने आ रही है शराब कांड मौत का आंकड़ा 65 पार पहुंचने जा रहा है.


बिहार में छपरा में हुए शराब से मौतों की जांच के लिए एसआईटी टीम गठित कर ली गई है. टीम का नेतृत्व सोनपुर के अपर पुलिस अधीक्षक अंजनी कुमार करेंगे इसके अलावा पुलिस का अधिकारी 3 डीएसपी भी शामिल है एसआईटी में .

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