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Indian Talent Shines in America बिहार के देव प्रिय को अमेरिका में सम्मान

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Indian Talent Shines in America : द मार्किस हूज हू पब्लिकेशन बोर्ड ने 50 सर्वश्रेष्ठ तकनिकी विशेषज्ञ के रूप में देव प्रिय को सम्मानित किया.

Indian Talent Shines in America बिहार के देव प्रिय

यह भारत के नायाब नेतृत्व क्षमता, उर्वरा शक्ति और प्रतिभा का परिणाम है कि बिहार के ग्रामीण परिवेश से निकलकर एक युवा देव प्रिय ने अमेरिका में अपनी सफलता का डंका बजाया है। आखिर हो भी क्यों नहीं। जिस देश की मिट्टी की उपज स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका की धरती पर ही शून्य का भेद समझाया और धर्म संसद में युवा नेतृत्व का लोहा मनवाया।

Indian Talent Shines in America बिहार के देव प्रिय को अमेरिका में सम्मान
Indian Talent Shines in America बिहार के देव प्रिय को अमेरिका में सम्मान

इसी मिट्टी की उपज कल्पना चावला ने नासा के साथ अभियान में ख्वाहिशों की उड़ान भरी और अंतरिक्ष में भारतीय सपने को नया रंग दिया। इसी मिट्टी की उपज ऋषि सुनक आज प्रधानमंत्री के रूप में ग्रेट ब्रिटेन को नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं। कहने का मतलब है भले ही हम भारतीय, कृषि प्रधान देश के रूप में अपनी पहचान रखते हो , लेकिन यहां की प्रतिभा ने जिस क्षेत्र में भी कदम बढ़ाया है सफलता का परचम लहराकर ही दम लिया है ।

हम बात कर रहे हैं बिहार के बेटे देव प्रिय की । जिसे अमेरिका की धरती पर द मार्किस हूज हू पब्लिकेशन बोर्ड ने तकनीकी क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए वर्ष 2024 – 2025 में देश स्तर पर 50 सर्वश्रेष्ठ तकनिकी विशेषज्ञों के साथ चयनित कर सम्मानित किया है।

बताया जाता है की देवप्रिय ने पर्पल A1 नाम के सॉफ्टवेयर का इजाद किया है जो जेनरेटिव का उपयोग कर एंटीवायरस बनाता है। यह तकनीक बेहद ही उपयोगी मानी गई है । जिस पर अब तक किसी ने ध्यान नहीं दिया था । संस्था ने इसे उपलब्धि माना और कोविड को लेकर सुरक्षा की दृष्टि से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देव का इंटरव्यू हुआ। फिर चयनित किए जाने पर कोरियर के माध्यम से श्रेष्ठता का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया ।

Indian Talent Shines in America

देव प्रिय मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी जिला अंतर्गत रुन्नीसैदपुर प्रखंड के रामपुर गांव के मूल निवासी हैं। बैंक कर्मी पुत्र अरविंद कुमार और शिप्रा के घर जन्मे देव की प्रारंभिक शिक्षा और लालन पालन मुजफ्फरपुर शहर में सेवानिवृत्त साइंस शिक्षक बाबा रामसेवक सिंह की देखरेख में हुई। उन्होंने दसवीं तक की पढ़ाई नॉर्थ प्वाइंट स्कूल से की । वही प्लस टू की शिक्षा दरभंगा में हासिल किया। बाद में उच्च शिक्षा के लिए बेंगलुरु भेजे गये । जहां पेशिट संस्थान से उन्होंने बीटेक की डिग्री हासिल की और आगे चलकर बेहतर आयाम गढ़नेे और नया मुकाम हासिल करने की सोच के साथ अमेरिका रवाना हुए। वहां देव ने जॉर्जिया टेक विश्वविद्यालय से एम टेक की डिग्री हासिल की और यही रोजगार के क्षेत्र में भी कदम बढ़ाया ।

Shaheed Diwas
द मार्किस हूज हू पब्लिकेशन बोर्ड ने 50 सर्वश्रेष्ठ तकनिकी विशेषज्ञ के रूप में देव प्रिय को सम्मानित किया.

इस सफर के दौरान उन्होंने मेडेलिया, ट्विटर और फेसबुक के लिए वर्षों योगदान दिया है । फिलहाल वे सेंटिनल के लिए एक तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में योगदान दे रहे हैं। इस सम्मान को देव अपने ख्वाहिशों की उड़ान में नया रंग मानते हैं । अपनी मातृभूमि से विशेष लगाव रखने वाले देव फिर से भारत लौटना चाहते हैं और क्रिकेट खेलने के साथ-साथ भारत के तकनीकी विकास के क्षेत्र में सहभागी बनने की सोच रखते हैं । फिलहाल इस सम्मान में वे अपने और परिजनों के साथ-साथ भारत का सम्मान महसूस कर गौवांवित हो रहे हैं।