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Middle East War Day 8 : 1300 से ज्यादा मौतें, ट्रंप ने मांगा ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’

March 7, 2026 | by Goltoo

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Middle East War 7 March : Middle East War – मध्य-पूर्व में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध लगातार भयानक होता जा रहा है। अब तक 1332 लोगों की मौत हो चुकी है, तेहरान पर भारी बमबारी हुई है और ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग की है।

Middle East War Day 8

Middle East War : मध्य-पूर्व में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहा युद्ध अब और भी गंभीर होता जा रहा है। युद्ध का यह आठवां दिन है और लगातार मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमलों से पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार अब तक इस संघर्ष में करीब 1332 लोगों की मौत हो चुकी है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी है और ईरानी सेना का नेतृत्व भी कमजोर हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक ईरान “बिना शर्त आत्मसमर्पण” नहीं करता, तब तक कोई समझौता नहीं होगा।

Middle East War Day 8 : 1300 से ज्यादा मौतें, ट्रंप ने मांगा ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’
Middle East War Day 8 : 1300 से ज्यादा मौतें, ट्रंप ने मांगा ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’

इस बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि वह जल्द ही और भी घातक हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर युद्ध बढ़ा तो उसके परिणाम बेहद गंभीर होंगे।

इजरायल ने भी ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। तेहरान में रातभर भारी बमबारी हुई, जिससे शहर दहल उठा और एक एयरपोर्ट के पास आग लगने की खबर भी सामने आई। दूसरी ओर लेबनान से इजरायल पर कई मिसाइलें दागी गईं, जबकि तेल अवीव में भी हमलों के दृश्य देखे गए।

युद्ध का असर आसपास के देशों में भी दिखाई दे रहा है। जॉर्डन में एक एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाए जाने की खबर है। वहीं इराक के एरबिल और बसरा में ड्रोन हमलों की सूचना सामने आई है। लेबनान में इजरायली हमलों में 217 लोगों की मौत हो चुकी है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस युद्ध को लेकर चिंता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने सभी पक्षों से तुरंत संघर्ष रोकने की अपील की है।

रिपोर्टों के मुताबिक रूस ईरान को खुफिया जानकारी दे रहा है, जबकि अमेरिका का कहना है कि यह युद्ध कई और हफ्तों तक चल सकता है। इसी बीच युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 15% की बढ़ोतरी हुई है।

हालांकि इस संकट के बीच भारत को कुछ राहत मिली है। अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की छूट दी है, जिससे भारतीय कंपनियां फिलहाल रूसी तेल खरीद सकेंगी।

युद्ध की शुरुआत कैसे हुई?

मध्य-पूर्व में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे इस युद्ध की शुरुआत क्षेत्र में बढ़ते तनाव और लगातार हो रहे सैन्य हमलों के बाद हुई। हालात तब और बिगड़ गए जब इजरायल ने ईरान से जुड़े सैन्य ठिकानों और उसके समर्थित संगठनों के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इजरायल का आरोप था कि ईरान क्षेत्र में सक्रिय कई सशस्त्र समूहों को समर्थन दे रहा है, जो इजरायल के खिलाफ हमले कर रहे हैं।

इन हमलों के जवाब में ईरान ने इजरायल की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए और चेतावनी दी कि यदि उसके ठिकानों या सहयोगियों पर हमला जारी रहा तो वह और कड़ी कार्रवाई करेगा।

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब अमेरिका ने इजरायल के समर्थन में क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी। इसके बाद संघर्ष कई मोर्चों पर फैल गया। इजरायल, लेबनान, इराक और खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें आने लगीं। वहीं ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर उसके कई सैन्य ठिकानों और राजधानी तेहरान को निशाना बनाया है।

लगातार बढ़ते हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के कारण यह संघर्ष अब पूरे मध्य-पूर्व में बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप लेता जा रहा है, जिसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ रहा है।

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