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Bharti Shikshak Prashikshan Mahavidyalay में शिक्षक सेवा दिवस, विद्यार्थियों ने गुरुजनों को स्वयं भोजन परोसकर किया सम्मान

Bharti Shikshak Prashikshan Mahavidyalay Bharti Shikshak Prashikshan Mahavidyalay
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Muzaffarpur 30 March : Bharti Shikshak Prashikshan Mahavidyalay के द्वितीय वर्ष (सत्र 2024–26) के विद्यार्थियों द्वारा शिक्षक सेवा दिवस का आयोजन अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ किया गया। इस विशेष अवसर पर विद्यार्थियों ने सेवा, सम्मान और संस्कार की अनूठी मिसाल प्रस्तुत करते हुए महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए अपने हाथों से भोजन तैयार किया और उन्हें ससम्मान परोसकर गुरु सेवा की परंपरा को जीवंत किया।

Bharti Shikshak Prashikshan Mahavidyalay

कार्यक्रम की शुरुआत में सभी विद्यार्थी एकत्रित हुए, जहाँ सर्वप्रथम पूजा-अर्चना एवं वंदना किया गया। इसके उपरांत महाविद्यालय तथा विद्या भारती के संस्कारों के अनुरूप परिचय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार पाल ने सभी आगंतुकों का परिचय कराते हुए उनका हार्दिक स्वागत किया।

कार्यक्रम में लोक शिक्षा समिति के प्रदेश सचिव रामलाल सिंह ने अपने बौद्धिक संबोधन में विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई शिक्षण विधियों के साथ-साथ समय के अनुरूप नई-नई कौशल (स्किल्स) सीखना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यही कौशल विद्यार्थियों को भविष्य में आत्मनिर्भर और सफल शिक्षक बनने में सहायक सिद्ध होंगे।

Bharti Shikshak Prashikshan Mahavidyalay
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Bharti Shikshak Prashikshan Mahavidyalay के सचिव डॉ. ललित किशोर ने सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों को आगामी फाइनल परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एक आदर्श शिक्षक बनने के लिए अनुशासन सबसे बड़ा आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन अपनाने और निरंतर आत्मविकास की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।


इस अवसर पर महाविद्यालय के अध्यक्ष प्रो. सत्यनारायण गुप्ता, सहसचिव प्रो. अंकज कुमार तथा कोषाध्यक्ष अवधेश कुमार भी मंच पर उपस्थित रहे। साथ ही महाविद्यालय के सभी शिक्षकगण एवं कार्यकर्ता बंधु भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
शिक्षक सेवा दिवस के इस अवसर पर द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने अपने प्रशिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए एक भावनात्मक भेंट भी प्रस्तुत की।

Bharti Shikshak Prashikshan Mahavidyalay
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यह भावपूर्ण संदेश पूरे कार्यक्रम का केंद्र बिंदु बन गया और उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर गया।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सौरभ ने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया। विद्यार्थियों ने पूरे कार्यक्रम को तन-मन से सफल बनाते हुए यह संदेश दिया कि वे न केवल अच्छे विद्यार्थी हैं, बल्कि भविष्य में एक आदर्श शिक्षक बनने के लिए भी पूर्ण रूप से तैयार हैं।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के दौरान महाविद्यालय के सचिव डॉ. ललित किशोर ने एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि किसी का दिल जीतने के लिए स्वादिष्ट भोजन और मृदुभाषी व्यवहार सबसे पहली शर्त होती है। उन्होंने कहा कि इन्हीं गुणों के माध्यम से हम सहज ही लोगों के दिलों में स्थान बना सकते हैं।
यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए न केवल सेवा और सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि उनके अंदर शिक्षक बनने की भावना, जिम्मेदारी और संस्कारों को और अधिक सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ।