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RDS College में ‘Industry 4.0’ पर कार्यशाला, AI, IT और Automation से 250 छात्र हुए भविष्य के लिए तैयार

RDS College में ‘Industry 4.0’ पर कार्यशाला RDS College में ‘Industry 4.0’ पर कार्यशाला
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Muzaffarpur 7 April : RDS College में 7 अप्रैल 2026 को ‘Industry 4.0’ विषय पर आईआईआईएलएम विश्वविद्यालय, हरियाणा और IQAC के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला आयोजित हुई। 250 से अधिक छात्रों ने AI, IT और Automation की आधुनिक तकनीकों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया।

RDS College में ‘Industry 4.0’ पर कार्यशाला

RDS College में 7 अप्रैल 2026 को “Industry 4.0 (Learn about AI, IT & Automation and stay future-ready)” विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पूर्वाह्न 11:00 बजे श्री कृष्ण सभा भवन में किया गया।

इस कार्यशाला का संयुक्त संचालन आईआईआईएलएम विश्वविद्यालय, हरियाणा एवं आईक्यूएसी के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शशि भूषण कुमार ने की।

RDS College में ‘Industry 4.0’ पर कार्यशाला
RDS College में ‘Industry 4.0’ पर कार्यशाला

कार्यशाला में आईआईआईएलएम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. ललित कुमार जिंदल ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एवं ऑटोमेशन के आधुनिक स्वरूप और उनके बढ़ते महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं, आईआईआईएलएम के अधिकारी रूबिन कुमार की भी इस कार्यक्रम में महत्वपूर्ण उपस्थिति रही।

RDS College

कार्यक्रम में महाविद्यालय के लगभग 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। साथ ही महाविद्यालय के कई शिक्षकगण उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. मकबूल, डॉ. आर. एन. ओझा, डॉ. श्रुति, डॉ. ललित किशोर, डॉ. रजनीकांत पांडेय, डॉ. आलोक, डॉ. भगवान, डॉ. कृतिका एवं डॉ. प्रियंका शामिल थे।

आईक्यूएसी के समन्वयक डॉ. रजनीकांत पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन नई शिक्षा नीति के अनुरूप अत्यंत आवश्यक है, जिससे वे आधुनिक तकनीकों से जुड़कर भविष्य के लिए तैयार हो सकें।

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कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन राजनीति विज्ञान विभाग के डॉ. पंकज कुमार तिवारी द्वारा किया गया।

इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को नवीनतम तकनीकों से अवगत कराना तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना था। प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।