Muzaffarpur News
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Muzaffarpur 18 April : B.R.A. Bihar University के सीनेट हॉल में मनोविज्ञान एवं दर्शनशास्त्र विभाग तथा विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में “भारतीय ज्ञान परंपरा का बहुविषयक चरित्र” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। वक्ताओं ने भारतीय ज्ञान परंपरा को समग्र, तर्कसंगत, वैज्ञानिक और समावेशी बताते हुए इसकी आधुनिक शिक्षा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रासंगिकता पर जोर दिया।

Bihar University में “भारतीय ज्ञान परंपरा का बहुविषयक चरित्र” संगोष्ठी

B.R.A. Bihar University मनोविज्ञान विभाग, विश्वविद्यालय दर्शनशास्त्र विभाग व विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान उत्तर बिहार प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में सीनेट हॉल में भारतीय ज्ञान परंपरा का बहुविषयक चरित्र पर आयोजित संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में विद्या भारती उच्च शिक्षा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री के एन रघुनंदन ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा समग्र, तर्क आधारित और समावेशी है। यह हमारी समृद्ध बौद्धिक विरासत है। यह ज्ञान परंपरा वास्तव में सृष्टि केंद्रित है, जो वसुधैव कुटुंबकम और सर्वे भवंतु सुखिन: के मूल सिद्धांतों पर आधारित है।

Bihar University में “भारतीय ज्ञान परंपरा का बहुविषयक चरित्र” संगोष्ठी
Bihar University में “भारतीय ज्ञान परंपरा का बहुविषयक चरित्र” संगोष्ठी

यह मानव को प्रकृति का एक अभिन्न हिस्सा मानती है। ज्ञान, विज्ञान और आध्यात्म अलग नहीं, बल्कि एक ही सृष्टि का हिस्सा है। ज्ञान परंपरा की भारतीय अवधारणा केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक विकास को भी शामिल करती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बच्चों के समग्र विकास के लिए पंचकोश सिद्धांत को लागू किया गया है। विद्या भारती उच्च शिक्षा भारतीय ज्ञान परंपरा के पुनरुद्धार एवं विकास में अहम भूमिका निभा रही है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत भारतीय केंद्रित ज्ञान को आगे बढ़ाना है।

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Bihar University में “भारतीय ज्ञान परंपरा का बहुविषयक चरित्र” संगोष्ठी
Bihar University में “भारतीय ज्ञान परंपरा का बहुविषयक चरित्र” संगोष्ठी
Bihar University में “भारतीय ज्ञान परंपरा का बहुविषयक चरित्र” संगोष्ठी
Bihar University में “भारतीय ज्ञान परंपरा का बहुविषयक चरित्र” संगोष्ठी

क्षेत्रीय संगठन मंत्री विद्या भारती उत्तर पूर्व क्षेत्र के श्री ख्याली राम ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में मातृभाषा को ज्ञान, संस्कृति और अस्मिता का मूल आधार माना गया है। यह केवल संवाद का साधन नहीं बल्कि चिंतन, संज्ञानात्मक विकास और सांस्कृतिक धरोहर को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है। वर्तमान में हिंदी भारतीय चिंतन का वाहक बनी हुईं है।
भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के सचिव प्रो सच्चिदानंद मिश्रा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा हजारों वर्षों से अवलोकन, प्रयोग और तर्क पर आधारित वैज्ञानिक सोच की परिचायक है। यह ज्ञान परंपरा अनुसंधान केंद्रित है और आज भी प्रासंगिक है।

Bihar University में “भारतीय ज्ञान परंपरा का बहुविषयक चरित्र” संगोष्ठी
Bihar University में “भारतीय ज्ञान परंपरा का बहुविषयक चरित्र” संगोष्ठी

अध्यक्षीय उद्बोधन करते हुए कुलपति प्रो दिनेश चंद्र राय ने कहा कि गाय, गंगा और जमीन हमारी समृद्ध संस्कृति का परिचायक है। भारतीय ज्ञान परंपरा को समग्रता में देखने की जरूरत है। इसका उद्देश्य पूरे विश्व में विश्व बंधुत्व के दर्शन को फैलाना है। ज्ञान परंपरा के समृद्ध विरासत को फैलाना, इसका अध्ययन करना और और युवाओं को इसके प्रति जागरूक करना हम सबों का दायित्व बनता है। उन्होंने विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ रजनीश कुमार गुप्ता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित कर शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी रेखा खींचने का काम किया है। कुलपति ने मनोविज्ञान विभाग के सभी सदस्यों को इस संगोष्ठी के आयोजन हेतु धन्यवाद दिया।

Bihar University में “भारतीय ज्ञान परंपरा का बहुविषयक चरित्र” संगोष्ठी
Bihar University में “भारतीय ज्ञान परंपरा का बहुविषयक चरित्र” संगोष्ठी

विद्या भारती के प्रो रमन त्रिवेदी ने विद्या भारती उच्च शिक्षा के कार्य योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

Bihar University में “भारतीय ज्ञान परंपरा का बहुविषयक चरित्र” संगोष्ठी
Bihar University में “भारतीय ज्ञान परंपरा का बहुविषयक चरित्र” संगोष्ठी

विषय प्रवेश कराते हुए डॉ रजनीश कुमार गुप्ता ने भारतीय ज्ञान परंपरा के बहुविषयक चरित्र पर प्रकाश डाला। बताया कि दो दिनों तक चलने वाले इस संगोष्ठी में भारतीय ज्ञान परंपरा के दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक आधार, तकनीकी उन्नति के साथ संबंध, भारतीय ज्ञान परंपरा में नेतृत्व, प्रबंधन एवं प्रशासन में भूमिका के साथ-साथ ज्ञान परंपरा का शिक्षा एवं शिक्षा शास्त्र से संबंध पर विस्तार से चर्चा होनी है।

Bihar University
Bihar University
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कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ तूलिका सिंह एवं धन्यवाद विज्ञापन डॉ निखिल रंजन प्रकाश ने किया।

आज के इस संगोष्ठी विश्वविद्यालय के पदाधिकारी गण, विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, शिक्षक गण, शोधार्थी, एवं विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए प्रतिभागी भारी संख्या में मौजूद रहे।

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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