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Muzaffarpur में BIADA भूमि अधिग्रहण के खिलाफ उबाल, सैकड़ों पीड़ित परिवारों ने उठाई कानूनी कार्रवाई की मांग

Muzaffarpur में BIADA भूमि अधिग्रहण के खिलाफ उबाल Muzaffarpur में BIADA भूमि अधिग्रहण के खिलाफ उबाल
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Muzaffarpur 19 April : Muzaffarpur में BIADA के कथित गैर कानूनी एवं अपूर्ण भूमि अधिग्रहण के खिलाफ सैकड़ों पीड़ित परिवारों ने विरोध दर्ज कराया। मुआवजे और कानूनी दस्तावेजों के अभाव का आरोप लगाते हुए लोगों ने जिला प्रशासन से अपनी रैयती जमीन पर स्वामित्व बहाल करने और उचित कार्रवाई की मांग की।

Muzaffarpur में BIADA भूमि अधिग्रहण के खिलाफ उबाल

मुजफ्फरपुर में बियाडा (BIADA) द्वारा किए गए कथित गैर कानूनी एवं अपूर्ण भूमि अधिग्रहण के खिलाफ पीड़ित परिवारों का विरोध तेज हो गया है। रविवार, 19 अप्रैल 2026 को राजेन्द्र नगर मुहल्ला विकास समिति, वार्ड संख्या 49, कन्हौली विशुनदत्त के तत्वावधान में आयोजित एक आम बैठक में सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

Muzaffarpur में BIADA भूमि अधिग्रहण के खिलाफ उबाल
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बैठक में वर्ष 1986 के गजट नोटिफिकेशन के तहत हुए भूमि अधिग्रहण को पूरी तरह असफल बताया गया। पीड़ितों का आरोप है कि न तो भूमि अधिग्रहण विभाग के पास मुआवजे से जुड़े कोई दस्तावेज उपलब्ध हैं और न ही किसी प्रकार का अवार्ड जारी किया गया था। इसके अलावा, तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा जारी किए जाने वाले पजेशन सर्टिफिकेट (अधिकार प्रपत्र) का भी कोई रिकॉर्ड संबंधित अंचल अधिकारी या भू-अर्जन पदाधिकारी के पास मौजूद नहीं है।

Muzaffarpur में BIADA भूमि अधिग्रहण के खिलाफ उबाल
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सभा में यह भी आरोप लगाया गया कि मुसहरी अंचल अधिकारी द्वारा बियाडा के पक्ष में किए जा रहे दाखिल-खारिज संदेह के घेरे में हैं। इसको लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और उन्होंने अपनी निजी रैयती जमीन पर लगाए गए प्रशासनिक प्रतिबंध को हटाने की मांग की है।

करीब ढाई सौ से अधिक परिवारों की मौजूदगी में आयोजित इस जनसभा की अध्यक्षता अखिलेश कुमार ने की, जबकि मंच संचालन उत्पल रंजन ने किया। मुख्य वक्ताओं में संजय सिन्हा, कौशल किशोर सिन्हा, विमलेश शर्मा, मृत्युंजय कुमार सिंह, अमित कुमार, सुमित कुमार, रोहित कुमार, अजय कुमार सिंह, रौशन कुमार सिंह, विजय मिश्र, संतोष झा, प्रमोद पांडे और नगीना देवी शामिल रहे।

पीड़ित परिवारों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन, मुजफ्फरपुर उनके मामले में हस्तक्षेप कर विधिसम्मत कार्रवाई करेगा और उनके भूमि स्वामित्व को बहाल किया जाएगा।