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BRABU कुलपति Prof. Dinesh Chandra Rai की अगुवाई में बना बाजरा-डेयरी सुपरफूड

April 30, 2026 | by Goltoo

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Muzaffarpur 30 April : B.R.A. Bihar University (BRABU) के कुलपति Prof. Dinesh Chandra Rai के नेतृत्व में बहुसंस्थानीय टीम ने बाजरा और डेयरी से बना फंक्शनल फूड लड्डू विकसित किया। यह शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल Food Biomacromolecules में प्रकाशित हुआ है। लड्डू कैल्शियम-फॉस्फोरस से भरपूर है और 90 दिनों तक सुरक्षित रहता है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।

कुलपति Prof. Dinesh Chandra Rai की शोध टीम ने महिलाओं के लिए बाजरा-डेयरी आधारित लड्डू विकसित किया

B.R.A. Bihar University (BRABU) के कुलपति Prof. Dinesh Chandra Rai की अगुवाई में एक प्रतिष्ठित बहुसंस्थानीय शोध टीम ने रजोनिवृत्ति के बाद की महिलाओं के लिए बाजरा और डेयरी से बना एक विशेष फंक्शनल फूड विकसित किया है। इस नवाचार के तहत घी को कैरियर के रूप में उपयोग करते हुए बाजरे के पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने वाला लड्डू तैयार किया गया है। यह महत्वपूर्ण शोध अंतरराष्ट्रीय पत्रिका Food Biomacromolecules (इम्पैक्ट फैक्टर 5.4) में प्रकाशित हुआ है।

अध्ययन के अनुसार, इस बाजरा लड्डू के मानकीकरण और पोषण विश्लेषण में 75% मोती बाजरा और 25% चने के आटे का अनुपात सबसे उपयुक्त पाया गया। यह संयोजन स्वाद, बनावट और उपभोक्ता स्वीकृति के मामले में सर्वोत्तम रहा। साथ ही, इस फॉर्मूलेशन में कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक खनिजों की प्रचुर मात्रा पाई गई, जबकि प्रोटीन और फाइबर की मात्रा भी अधिक दर्ज की गई।

कुलपति Prof. Dinesh Chandra Rai की शोध टीम ने महिलाओं के लिए बाजरा-डेयरी आधारित लड्डू विकसित किया
कुलपति Prof. Dinesh Chandra Rai की शोध टीम ने महिलाओं के लिए बाजरा-डेयरी आधारित लड्डू विकसित किया

शोध में यह भी पुष्टि की गई कि इस लड्डू में कई लाभकारी कार्बनिक यौगिक मौजूद हैं, जो इसे एक प्रभावी न्यूट्रास्यूटिकल फूड बनाते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह उत्पाद ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम करने के साथ-साथ शरीर को एंटीऑक्सीडेंट लाभ प्रदान करने में सहायक हो सकता है।

इस शोध में Quantum University और Acharya Narendra Dev University of Agriculture and Technology, अयोध्या की मृदुला पांडे और साधना सिंह, Rajiv Gandhi University, ईटानगर के अशोक कुमार यादव तथा Chhatrapati Shahu Ji Maharaj University, कानपुर के अमन राठौर और हरदेश राजपूत शामिल रहे।

अपनी टीम की सफलता पर प्रसन्न Prof. Dinesh Chandra Rai ने कहा कि इस शोध का उद्देश्य कृषि और डेयरी क्षेत्र के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। हमने पारंपरिक खाद्य ज्ञान को वैज्ञानिक तरीके से जोड़ा है। प्रो. राय ने आगे कहा, यह मॉडल ग्रामीण उत्पादकों और डेयरी सहकारिताओं को स्थानीय कच्चे माल से शेल्फ-स्टेबल हाई वैल्यू प्रोडक्ट बनाने का मौका देता है। प्रयोगशाला परीक्षणों में यह लड्डू कैल्शियम और फॉस्फोरस से भरपूर पाया गया तथा यह कमरे के तापमान पर 90 दिनों तक स्थिर रहता है।

उन्होंने कहा, यह शोध भारतीय खाद्य उद्योग के लिए बड़ा प्रभाव डाल सकता है। इससे किसान और डेयरी सहकारिताएं कम मूल्य वाले कच्चे माल से आगे बढ़कर हाई वैल्यू हेल्थ फूड मार्केट में प्रवेश कर सकेंगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और देश में मूल्यवर्धन बढ़ेगा। प्रो. राय ने जोड़ा कि यह शोध मिलेट और डेयरी क्षेत्र को जोड़ते हुए पारंपरिक भारतीय खाद्य प्रथाओं के जरिए रजोनिवृत्ति के बाद की महिलाओं की पोषण जरूरतों को पूरा करने का व्यावहारिक तरीका प्रस्तुत करता है।

बीएचयू और बीआरएबीयू के शैक्षणिक जगत और एलुमनी एसोसिएशन ने इस रिसर्च उपलब्धि पर प्रो. राय को बधाई दी है।

Food Biomacromolecules

Food Biomacromolecules is a peer-reviewed scientific journal focusing on the study of biological macromolecules in food systems. It publishes research on the structure, function, and interactions of proteins, polysaccharides, lipids, and other macromolecules that determine food quality, safety, and nutritional properties.

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