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अटलांटिक महासागर में फंसे लग्जरी क्रूज पर Hantavirus का कहर, 3 की मौत; जहाज में दो भारतीय यात्री भी मौजूद

May 9, 2026 | by Goltoo

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Muzaffarpur 9 May : अटलांटिक महासागर में फंसे लग्जरी क्रूज MV Hondius पर अटलांटिक महासागर में फंसे लग्जरी क्रूज पर Hantavirus का कहर, 3 की मौत; जहाज में दो भारतीय यात्री भी मौजूद संक्रमण के बाद हड़कंप मच गया है। अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई संक्रमित पाए गए हैं। जहाज में दो भारतीय यात्री भी सवार थे। WHO ने मामले को गंभीर बताया है, हालांकि सार्वजनिक खतरे को फिलहाल कम माना जा रहा है।

अटलांटिक महासागर में फंसे लग्जरी क्रूज पर Hantavirus का कहर

अटलांटिक महासागर में यात्रा कर रहे एक लग्जरी एक्सपेडिशन क्रूज शिप पर अचानक फैले Hantavirus संक्रमण ने दुनियाभर की स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। MV Hondius नामक इस जहाज पर सवार यात्रियों में संक्रमण फैलने के बाद अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य संक्रमित या संदिग्ध पाए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जहाज पर दो भारतीय यात्री भी मौजूद थे।

BBC की रिपोर्ट के अनुसार, जहाज पर कुल 149 यात्री और क्रू मेंबर सवार थे। यह क्रूज एक महीने पहले अर्जेंटीना से रवाना हुआ था और दूरदराज के वन्यजीव क्षेत्रों की यात्रा कर रहा था। इसी दौरान जहाज पर संक्रमण के मामले सामने आने लगे।

अटलांटिक महासागर में फंसे लग्जरी क्रूज पर Hantavirus का कहर
अटलांटिक महासागर में फंसे लग्जरी क्रूज पर Hantavirus का कहर

WHO ने शुरू किया अंतरराष्ट्रीय ट्रेसिंग ऑपरेशन

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रेसिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया है। वजह यह है कि जहाज के कुछ यात्री अलग-अलग देशों की फ्लाइट्स से अपने घर लौट चुके हैं। इनमें ब्रिटेन, अमेरिका, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, दक्षिण अफ्रीका और अन्य देशों के यात्री शामिल हैं।

WHO के अनुसार अब तक कुल आठ मामले सामने आए हैं, जिनमें पांच की पुष्टि हंटावायरस के रूप में हुई है, जबकि तीन अन्य संदिग्ध हैं। चार यात्रियों को जहाज से मेडिकल इवैक्यूएशन के जरिए इलाज के लिए बाहर भेजा गया है।

क्या है Hantavirus और क्यों बढ़ी चिंता?

Hantavirus एक दुर्लभ लेकिन बेहद खतरनाक वायरस माना जाता है, जो आमतौर पर चूहों और अन्य कृंतकों के जरिए फैलता है। संक्रमित जानवरों के पेशाब, लार या मल से दूषित हवा के संपर्क में आने पर इंसानों में संक्रमण हो सकता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक इस मामले में “Andes strain” नामक Hantavirus सामने आया है, जिसे दुनिया के सबसे घातक स्ट्रेन में गिना जाता है। इसकी सबसे बड़ी चिंता यह है कि दुर्लभ मामलों में यह इंसान से इंसान में भी फैल सकता है, खासकर बेहद करीबी संपर्क में।

अटलांटिक महासागर में फंसे लग्जरी क्रूज पर Hantavirus का कहर, 3 की मौत; जहाज में दो भारतीय यात्री भी मौजूद
अटलांटिक महासागर में फंसे लग्जरी क्रूज पर Hantavirus का कहर, 3 की मौत; जहाज में दो भारतीय यात्री भी मौजूद

हालांकि WHO ने स्पष्ट किया है कि यह कोरोना वायरस जैसी महामारी नहीं है। WHO की महामारी विशेषज्ञ डॉ. मारिया वैन केरखोव ने कहा कि यह संक्रमण कोविड-19 या फ्लू की तरह तेजी से नहीं फैलता। उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है।

भारत में घबराने की जरूरत कितनी?

विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल भारत में इस वायरस को लेकर अत्यधिक डरने की जरूरत नहीं है। भारत में लोग लंबे समय से ऐसे वातावरण में रह रहे हैं जहां चूहों की मौजूदगी आम बात मानी जाती है। रेलवे ट्रेनों के एसी डिब्बों, यहां तक कि फर्स्ट एसी कोच में भी कई बार चूहों के मिलने की खबरें सामने आती रही हैं। कई पुराने बाजारों, गोदामों और कुछ रेस्तरां क्षेत्रों में भी यह समस्या देखी जाती है।

हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि लापरवाही बिल्कुल नहीं बरतनी चाहिए। खासकर बाहर से खाना मंगाकर खाने वाले लोगों को साफ-सफाई को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। खुले या अस्वच्छ स्थानों पर रखे खाद्य पदार्थ संक्रमण का खतरा बढ़ा सकते हैं।

कैसे शुरू हुआ Hantavirus संक्रमण?

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संक्रमण की शुरुआत कैसे हुई। जांच एजेंसियों का मानना है कि कोई यात्री जहाज पर चढ़ने से पहले संक्रमित हुआ हो सकता है, या फिर यात्रा के दौरान किसी वन्यजीव क्षेत्र में वायरस के संपर्क में आया हो।

विशेषज्ञ यह भी मान रहे हैं कि जहाज पर कुछ मामलों में यात्रियों के बीच संक्रमण फैला हो सकता है।

मरने वालों में डच महिला भी शामिल

मृतकों में एक 69 वर्षीय डच महिला शामिल है, जो 24 अप्रैल को जहाज के सेंट हेलेना द्वीप पहुंचने पर उतरी थी। वह अपने पति के साथ एक ही केबिन में रह रही थी। उसके पति की मौत 11 अप्रैल को जहाज पर ही हो गई थी। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह पुष्टि किए गए मामलों में शामिल थे या नहीं।

इसके अलावा एक जर्मन महिला की भी मौत हुई है, जिसकी जांच जारी है।

WHO बोला- और मामले आ सकते हैं, लेकिन आम लोगों के लिए खतरा कम

WHO प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने कहा है कि आने वाले दिनों में और मामले सामने आ सकते हैं, लेकिन फिलहाल आम जनता के लिए खतरे का स्तर कम माना जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना एक गंभीर चेतावनी जरूर है, लेकिन इसे नई वैश्विक महामारी के रूप में देखने की जरूरत नहीं है। फिर भी दुनियाभर की एजेंसियां सतर्क हैं और जहाज से जुड़े हर यात्री की निगरानी की जा रही है।

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