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B.R.A. Bihar University में ग्रेजुएशन एडमिशन के लिए ऑन स्पॉट नामांकन खत्म, कई मेरिट लिस्ट जारी होंगी

May 10, 2026 | by Goltoo

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Muzaffarpur 10 May : B.R.A. Bihar University ने स्नातक नामांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से इस बार अहम बदलाव किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तय किया है कि चार वर्षीय ग्रेजुएशन कोर्स में इस सत्र से ऑन स्पॉट नामांकन की प्रक्रिया लागू नहीं होगी।

B.R.A. Bihar University में ग्रेजुएशन एडमिशन के लिए ऑन स्पॉट नामांकन खत्म

विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में ऑन स्पॉट एडमिशन के दौरान कई शिकायतें सामने आती थीं। कई योग्य और मेरिट सूची में ऊपर रहने वाले छात्र सीट से वंचित रह जाते थे, जबकि प्रभावशाली अभ्यर्थियों को आसानी से नामांकन मिल जाता था। इसी वजह से इस बार पूरी प्रक्रिया को मेरिट आधारित और अधिक पारदर्शी बनाने की तैयारी की गई है।

डीएसडब्ल्यू प्रो. प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि स्नातक नामांकन के लिए इस बार तीसरी मेरिट लिस्ट भी जारी की जाएगी। जरूरत पड़ने पर चौथी और पांचवीं मेरिट सूची निकालने पर भी विचार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक छात्रों का नामांकन सुनिश्चित हो सके।

B.R.A. Bihar University में ग्रेजुएशन एडमिशन के लिए ऑन स्पॉट नामांकन खत्म
B.R.A. Bihar University में ग्रेजुएशन एडमिशन के लिए ऑन स्पॉट नामांकन खत्म

B.R.A. Bihar University प्रशासन के अनुसार एडमिशन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रहेगी। छात्र विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। अब तक 20 हजार से ज्यादा आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 25 मई तय की गई है। इस बार विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों में एक लाख से अधिक सीटों पर नामांकन होना है।

दूसरी ओर, बिहार सरकार राज्य के 208 नए डिग्री कॉलेजों में इसी शैक्षणिक सत्र से पढ़ाई शुरू कराने की तैयारी में जुटी है। स्थायी भवन तैयार नहीं होने तक इन कॉलेजों का संचालन सरकारी स्कूलों के भवनों में किया जाएगा। कई जगहों पर कॉलेज संचालन के लिए केवल तीन से चार कमरे उपलब्ध हैं, जबकि कुछ स्कूलों में 10 से 12 कमरे दिए गए हैं।

मुजफ्फरपुर जिले में शुरू होने वाले तीन नए डिग्री कॉलेजों के लिए संबंधित स्कूलों में 10-10 कमरे उपलब्ध कराए गए हैं। हालांकि जिन स्कूलों में कॉलेज चलाए जाएंगे, वहां पहले से पढ़ रहे स्कूली छात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

शिक्षा विभाग का दावा है कि जुलाई से इन नए कॉलेजों में कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी और जल्द ही नामांकन प्रक्रिया भी आरंभ होगी। हालांकि सीमित संसाधनों और कम कमरों में कॉलेज संचालन को लेकर शिक्षा जगत में चर्चा तेज हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ही यह पता चल सकेगा कि स्कूल भवनों में कॉलेज संचालन की यह व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है। फिलहाल विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्रों की उपस्थिति पहले से ही कम रहती है, जबकि 75 प्रतिशत उपस्थिति की अनिवार्यता लागू है।

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