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Bihar University समेत राज्य के विश्वविद्यालयों में बढ़ रहा ड्रॉपआउट, हर सेमेस्टर घट रही छात्रों की संख्या

May 12, 2026 | by Goltoo

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Muzaffarpur 12 May : Bihar University समेत राज्य के विश्वविद्यालयों में नामांकन लेने वाले छात्रों की तुलना में हर सेमेस्टर परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या लगातार कम हो रही है। सीबीसीएस प्रणाली, क्रेडिट की जानकारी की कमी और शिक्षकों की कमी को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है।

Bihar University समेत राज्य के विश्वविद्यालयों में बढ़ रहा ड्रॉपआउट

Bihar University समेत राज्य के विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर पर छात्रों के ड्रॉपआउट की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। स्थिति यह है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्र नामांकन तो लेते हैं, लेकिन सेमेस्टर परीक्षाओं तक पहुंचते-पहुंचते हजारों छात्र पढ़ाई से दूर हो जा रहे हैं। बिहार विश्वविद्यालय समेत राज्य के लगभग सभी विश्वविद्यालयों में यही हाल देखने को मिल रहा है।

जानकारी के अनुसार, हर साल करीब पौने दो लाख छात्र स्नातक में नामांकन लेते हैं, लेकिन परीक्षा के समय केवल 90 हजार से एक लाख छात्र ही शामिल हो पाते हैं। कई छात्र बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं, जबकि कुछ जरूरी क्रेडिट पूरा नहीं कर पाने के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते।

बिहार विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर आलोक प्रताप सिंह ने बताया कि कई छात्र नामांकन लेने के बाद नियमित रूप से कक्षाओं में नहीं आते। इसके अलावा CBCS प्रणाली में जरूरी क्रेडिट पूरा नहीं होने पर छात्र परीक्षा फॉर्म नहीं भर पाते। यही वजह है कि हर सेमेस्टर में छात्रों की संख्या कम होती जा रही है।

उन्होंने कहा कि CBCS प्रणाली के तहत शिक्षकों को भी नए तरीके और कौशल के साथ पढ़ाने की जरूरत है, ताकि छात्र विषय और क्रेडिट सिस्टम को बेहतर तरीके से समझ सकें।

Bihar University समेत राज्य के विश्वविद्यालयों में बढ़ रहा ड्रॉपआउट
Bihar University समेत राज्य के विश्वविद्यालयों में बढ़ रहा ड्रॉपआउट

Bihar University में लगातार घट रही संख्या

Bihar University के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्नातक सत्र 2023-27 में करीब 1.45 लाख छात्रों ने नामांकन लिया था, लेकिन पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा में केवल 93 हजार छात्र ही शामिल हुए। यानी लगभग 52 हजार छात्र बीच में ही बाहर हो गए।

इसी तरह सत्र 2024-28 में 1 लाख 61 हजार 894 छात्रों ने नामांकन कराया था, जबकि तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा में करीब 1 लाख 10 हजार छात्र शामिल हुए। वहीं सत्र 2025-29 में 1.53 लाख छात्रों ने दाखिला लिया, लेकिन पहले सेमेस्टर की परीक्षा में लगभग 1.20 लाख छात्र ही पहुंचे।

Bihar University समेत राज्य के विश्वविद्यालयों में बढ़ रहा ड्रॉपआउट
Bihar University समेत राज्य के विश्वविद्यालयों में बढ़ रहा ड्रॉपआउट

मिथिला विश्वविद्यालय में भी यही स्थिति

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में भी छात्रों की संख्या में लगातार गिरावट देखी जा रही है। सत्र 2023-27 में 1.58 लाख छात्रों ने नामांकन लिया था, लेकिन परीक्षा में करीब 1.10 लाख छात्र ही शामिल हुए। वहीं सत्र 2024-28 में 1.51 लाख छात्रों ने दाखिला लिया, जबकि परीक्षा में लगभग 1.20 लाख छात्र शामिल हुए।

बिना पूरी पढ़ाई के परीक्षा दे रहे छात्र

विश्वविद्यालयों में वर्ष 2023-27 से CBCS प्रणाली लागू होने के बाद कई नए विषय जोड़े गए, लेकिन अब तक कई विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हो सके हैं। इसका असर पढ़ाई पर साफ दिख रहा है। कई कॉलेजों में छात्रों को सही तरीके से क्रेडिट सिस्टम की जानकारी भी नहीं दी जा रही है।

हाल ही में पांचवें सेमेस्टर के कई छात्रों का परीक्षा फॉर्म रोके जाने पर विरोध भी हुआ था। छात्रों का कहना था कि कॉलेज की ओर से यह जानकारी ही नहीं दी गई कि परीक्षा में शामिल होने के लिए कितने क्रेडिट जरूरी हैं।

जागरूकता के लिए होगी कार्यशाला

छात्रों के बढ़ते ड्रॉपआउट को रोकने के लिए विश्वविद्यालय अब नई पहल करने की तैयारी में हैं। नए सत्र की शुरुआत के साथ सभी कॉलेजों में छात्रों को स्नातक के नए सिलेबस और क्रेडिट सिस्टम की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए कार्यशालाओं का आयोजन होगा, जिसमें छात्र, शिक्षक और प्राचार्य भी शामिल होंगे।

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