PM Modi की अपील पर बढ़ी चर्चा, सोना खरीदने से लेकर वर्क फ्रॉम होम तक दी बचत की सलाह
May 12, 2026 | by Goltoo
New Delhi 12 May : PM Modi की सोना कम खरीदने, ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की अपील पर देशभर में चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञ इसे महंगाई और आर्थिक चुनौतियों से निपटने की दिशा में अहम कदम मान रहे हैं।
PM Modi की अपील पर बढ़ी चर्चा
PM Modi प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के बाद देशभर में बचत और आर्थिक संयम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खासकर एक साल तक सोना कम खरीदने की सलाह लोगों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है। भारत में सोना केवल आर्थिक निवेश नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। शादी-विवाह से लेकर कई धार्मिक और पारिवारिक संस्कारों में सोने का विशेष महत्व रहता है।
ऐसे में PM Modi की यह अपील लोगों को सोचने पर मजबूर कर रही है कि आखिर सोना कम खरीदने से देश को क्या फायदा हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत सोना विदेशों से आयात करता है। इसके लिए बड़ी मात्रा में डॉलर खर्च करने पड़ते हैं, जिसका सीधा असर देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ता है।

आर्थिक जानकारों के अनुसार, भारत हर साल सोना आयात करने पर भारी रकम खर्च करता है। यह भी माना जाता है कि देश अपनी रक्षा जरूरतों पर जितना खर्च करता है, उसका लगभग आधा हिस्सा सोने के आयात पर चला जाता है। इसके अलावा सोना खरीदने के बाद अक्सर घरों और लॉकरों में बंद हो जाता है, जिससे उसमें लगा पैसा आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से उपयोग नहीं हो पाता।
विशेषज्ञ यह भी याद दिलाते हैं कि देश में आर्थिक चुनौतियों के समय पहले भी सरकारों की ओर से ऐसी अपीलें की जाती रही हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के दौर में विदेशी मुद्रा बचाने और आयात कम करने पर जोर दिया गया था। वहीं पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने भी आर्थिक दबाव के समय लोगों से सोने की खरीद कम करने और बचत पर ध्यान देने की अपील की थी। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की सलाह को उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
PM Modi की दूसरी बड़ी सलाह ईंधन बचत और वर्क फ्रॉम होम को लेकर रही। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, कार्यालयों और निजी संस्थानों को घर से काम करने की व्यवस्था अपनानी चाहिए। इससे पेट्रोल और डीजल की खपत कम होगी और आयात पर होने वाला खर्च भी घटेगा।
पिछले कुछ महीनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। दुनिया के कई देशों में ईंधन महंगा हो चुका है और महंगाई बढ़ रही है। ऐसे समय में कई देशों ने फिर से वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था को बढ़ावा देना शुरू कर दिया है।
कोरोना काल में भी लोगों ने लंबे समय तक घर से काम किया था, लेकिन उस समय वजह स्वास्थ्य सुरक्षा थी। अब आर्थिक दबाव, महंगाई और ईंधन बचत को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है।
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— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) May 12, 2026
PM Modi ने सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग, कार पूलिंग, गैर जरूरी विदेश यात्राओं से बचने, रेल यात्रा को प्राथमिकता देने और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की भी सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लोग इन सुझावों को अपनाते हैं तो महंगाई के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
आर्थिक मामलों के जानकारों का मानना है कि यह केवल सरकार की अपील नहीं, बल्कि देशहित से जुड़ा सामूहिक प्रयास है। भारत की अर्थव्यवस्था फिलहाल मजबूत स्थिति में मानी जा रही है, लेकिन वैश्विक संकट और अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि ऐसे समय में समाज के सक्षम वर्ग को आगे आकर जिम्मेदारी निभानी होगी, ताकि जरूरतमंद लोगों को राहत और सहारा मिल सके।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।
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