बिहार के विश्वविद्यालयों में अब एक जैसा होगा शैक्षणिक सत्र, राजभवन ने जारी किया Common Academic Calender
May 31, 2026 | by Goltoo
Patna 31 May : बिहार के सभी पारंपरिक विश्वविद्यालयों में Common Academic Calender लागू होगा। नामांकन, पढ़ाई, परीक्षा और रिजल्ट की तिथियां तय, सत्र विलंब पर लगेगी रोक।
Common Academic Calender : नामांकन, कक्षाएं, परीक्षाएं और परिणाम की तिथियां तय
बिहार के छात्रों को वर्षों से शैक्षणिक सत्र में होने वाली देरी से जल्द राहत मिल सकती है। राज्य के सभी पारंपरिक विश्वविद्यालयों में एक समान शैक्षणिक व्यवस्था लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। शनिवार को राजभवन में आयोजित बैठक के दौरान स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए Common Academic Calender जारी किया गया, जिसे सभी विश्वविद्यालयों में अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्देश दिया गया है।
राज्यपाल सचिवालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन और उच्च शिक्षा संस्थानों में समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। नए कैलेंडर में प्रथम से लेकर अष्टम सेमेस्टर तक नामांकन, पठन-पाठन, परीक्षा, मूल्यांकन और परिणाम प्रकाशन की समय-सीमा पहले से निर्धारित कर दी गई है।

Common Academic Calender : सत्र विलंब की समस्या पर लगेगी रोक
बिहार के अधिकांश विश्वविद्यालय लंबे समय से शैक्षणिक सत्र में देरी की समस्या से जूझ रहे हैं। कई जगहों पर तीन वर्ष का स्नातक पाठ्यक्रम पूरा करने में छात्रों को चार से पांच वर्ष तक का समय लग जाता है। इसका सीधा असर प्रतियोगी परीक्षाओं, नौकरी और उच्च शिक्षा में प्रवेश पर पड़ता है।
राजभवन का मानना है कि सभी विश्वविद्यालयों में एक ही कैलेंडर लागू होने से शैक्षणिक गतिविधियों में एकरूपता आएगी और छात्रों को समय पर परीक्षा एवं डिग्री उपलब्ध हो सकेगी। इससे विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली भी अधिक व्यवस्थित होगी।
1 जुलाई से शुरू होंगी विषम सेमेस्टर की कक्षाएं
नए शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार प्रथम, तृतीय, पंचम और सप्तम सेमेस्टर की कक्षाएं 1 जुलाई से शुरू होंगी। इन सेमेस्टरों के लिए नामांकन प्रक्रिया जून के अंत तक पूरी कर ली जाएगी। मध्यावधि परीक्षाएं सितंबर में आयोजित होंगी, जबकि नवंबर के अंत से दिसंबर के मध्य तक सेमेस्टर परीक्षाएं संपन्न कराई जाएंगी।

राजभवन ने यह भी तय किया है कि इन परीक्षाओं के परिणाम अधिकतम 10 जनवरी तक प्रकाशित कर दिए जाएं, ताकि अगले सत्र की प्रक्रिया समय पर शुरू हो सके।
सम सेमेस्टर के लिए जनवरी से लागू होगा कैलेंडर
द्वितीय, चतुर्थ, षष्ठम और अष्टम सेमेस्टर की पढ़ाई 4 जनवरी से प्रारंभ होगी। मार्च में मध्यावधि परीक्षा और मई में अंतिम परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि जून तक परिणाम जारी कर दिए जाएं ताकि छात्रों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।
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कुलपतियों को सख्त अनुपालन का निर्देश
राज्यपाल सचिवालय ने सभी कुलपतियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि निर्धारित समय-सारिणी का पूरी गंभीरता के साथ पालन सुनिश्चित करें। बताया गया है कि केवल अत्यंत विशेष परिस्थितियों में ही कैलेंडर में बदलाव की अनुमति दी जाएगी। सामान्य परिस्थितियों में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं होगी।
शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस कॉमन अकादमिक कैलेंडर का प्रभावी ढंग से अनुपालन हुआ तो बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था में लंबे समय से चली आ रही अव्यवस्था को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा। इससे छात्रों को समय पर डिग्री मिलने के साथ-साथ राज्य की शैक्षणिक साख भी मजबूत होगी।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।
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