बिहार में PhD Admission के लिए UGC-NET अनिवार्य, विश्वविद्यालयों की निजी प्रवेश परीक्षा पर रोक
June 2, 2026 | by Goltoo
Patna 2 June : बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में PhD Admission के लिए अब UGC-NET अनिवार्य होगा। राज्यपाल सचिवालय ने निजी प्रवेश परीक्षाओं पर रोक लगा दी है।
बिहार में PhD Admission के लिए UGC-NET अनिवार्य
बिहार के सभी राज्य विश्वविद्यालयों में PhD Admission प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्यपाल सचिवालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार आगामी शैक्षणिक सत्रों से विश्वविद्यालय अब अपनी अलग प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं कर सकेंगे। शोधार्थियों का चयन अनिवार्य रूप से यूजीसी-नेट (UGC-NET) के अंकों के आधार पर किया जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित मानकों के अनुरूप शोध प्रवेश प्रक्रिया को एकरूप और पारदर्शी बनाना है।
राज्यपाल सचिवालय का निर्देश: निजी प्रवेश परीक्षा पर रोक, चल रही प्रक्रियाएं रद्द, शुल्क लौटाने का आदेश
जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी विश्वविद्यालय ने पीएचडी प्रवेश के लिए स्थानीय या निजी प्रवेश परीक्षा संबंधी विज्ञापन जारी किए हैं अथवा आवेदन प्रक्रिया शुरू की है, तो उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाएगा। साथ ही अभ्यर्थियों से प्राप्त आवेदन शुल्क वापस करने का भी निर्देश दिया गया है। राज्यपाल सचिवालय ने कहा है कि सभी विश्वविद्यालयों को नए नियमों के अनुरूप अपनी प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव करना होगा।

यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा मानकों और उच्च शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार के उद्देश्य से लिया गया है। लंबे समय से विभिन्न विश्वविद्यालयों में अलग-अलग प्रवेश प्रक्रियाएं लागू होने के कारण अभ्यर्थियों को कई परीक्षाओं में शामिल होना पड़ता था। अब UGC-NET को आधार बनाने से चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मानी जा रही है।
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निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन विश्वविद्यालयों में PhD Admission प्रवेश प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, उन प्रवेशों की वैधता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि सभी विश्वविद्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य की प्रवेश प्रक्रिया नए दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित हो। इसके लिए संस्थानों से अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) भी मांगी गई है।
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शिक्षा जगत के जानकारों का मानना है कि इस फैसले से शोध प्रवेश प्रणाली में एकरूपता आएगी और छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत पात्रता मानदंड के आधार पर अवसर प्राप्त होंगे। इससे बिहार के विश्वविद्यालयों में शोध की गुणवत्ता बढ़ने और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
प्रमुख बिंदु
- बिहार के सभी राज्य विश्वविद्यालयों में पीएचडी प्रवेश के लिए UGC-NET अनिवार्य।
- विश्वविद्यालयों की अलग प्रवेश परीक्षा पर रोक।
- जारी विज्ञापन और आवेदन प्रक्रियाएं होंगी रद्द।
- अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क वापस करने का निर्देश।
- सभी विश्वविद्यालयों को अनुपालन रिपोर्ट सौंपनी होगी।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।
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