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Bihar Government ने विश्वविद्यालयों के लिए जारी किए 999.84 करोड़ रुपये, वेतन और पेंशन भुगतान पर रहेगा फोकस

June 12, 2026 | by Goltoo

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Patna 12 June : Bihar Government ने राज्य के 13 पारंपरिक विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन तथा पेंशन भुगतान के लिए 999.84 करोड़ रुपये की अनुदान राशि जारी की है। राशि मार्च से मई 2026 की बकाया देनदारियों के भुगतान के लिए दी गई है।

Bihar Government ने विश्वविद्यालयों के लिए जारी किए 999.84 करोड़ रुपये

Bihar Government ने राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए 13 पारंपरिक विश्वविद्यालयों के लिए कुल 999.84 करोड़ रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत की है। यह राशि मार्च 2026 से मई 2026 तक के शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के वेतन एवं पेंशन संबंधी बकाया भुगतान के लिए जारी की गई है।

Bihar Government ने विश्वविद्यालयों के लिए जारी किए 999.84 करोड़ रुपये
Bihar Government ने विश्वविद्यालयों के लिए जारी किए 999.84 करोड़ रुपये

सरकार के इस फैसले से हजारों शिक्षकों, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो पिछले कुछ महीनों से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे थे। हालांकि सरकार ने राशि जारी करने के साथ सख्त निगरानी और सत्यापन की शर्तें भी लागू की हैं।

सरकारी निर्देश के अनुसार कर्मचारियों को वेतन की राशि का केवल 75 प्रतिशत हिस्सा प्रारंभिक रूप से दिया जाएगा। शेष 25 प्रतिशत राशि वेतन पर्ची और पे-वेरिफिकेशन सेल से सत्यापन के बाद ही जारी की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य अनियमित भुगतान और फर्जी दावों पर रोक लगाना बताया गया है।

Bihar Government ने विश्वविद्यालयों के लिए जारी किए 999.84 करोड़ रुपये
Bihar Government ने विश्वविद्यालयों के लिए जारी किए 999.84 करोड़ रुपये

वित्तीय आंकड़ों के अनुसार कुल स्वीकृत राशि में 419.05 करोड़ रुपये वेतन मद तथा 580.79 करोड़ रुपये पेंशन एवं सेवानिवृत्ति लाभ मद के लिए निर्धारित किए गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि विश्वविद्यालयों पर पेंशन संबंधी वित्तीय दायित्व वर्तमान वेतन खर्च से अधिक है।

Bihar Government ने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया है कि प्राप्त राशि का उपयोग 30 दिनों के भीतर कर उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) जमा करें। निर्धारित अवधि में राशि खर्च नहीं होने पर दोबारा स्वीकृति लेनी होगी, जबकि तीन महीने तक राशि अप्रयुक्त रहने पर उसे सरकारी कोष में वापस करना होगा।

इसके अलावा सरकार ने भुगतान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के “पिक एंड चूज” यानी चयनात्मक भुगतान पर सख्त रोक लगाई है। आदेश में कहा गया है कि सभी पात्र कर्मचारियों को समान रूप से भुगतान सुनिश्चित किया जाए। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी राशि को सीएफएमएस (Comprehensive Financial Management System) के माध्यम से विश्वविद्यालयों के पीएल खातों में हस्तांतरित किया जाएगा, जिससे प्रत्येक भुगतान की डिजिटल निगरानी संभव हो सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों की वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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