Muzaffarpur News
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Muzaffarpur 14 June : बिहार के New Degree College में नामांकन उम्मीद से कम है। 300 सीटों के मुकाबले अधिकांश कॉलेजों में 100 से भी कम आवेदन पहुंचे हैं।

New Degree College में नामांकन का आंकड़ा निराशाजनक

बिहार सरकार द्वारा उच्च शिक्षा को गांव और प्रखंड स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्यभर में खोले गए New Degree College फिलहाल छात्रों की पहली पसंद नहीं बन पा रहे हैं। बिहार विश्वविद्यालय क्षेत्र के अंतर्गत हाल ही में शुरू किए गए नए डिग्री कॉलेजों में नामांकन प्रक्रिया जारी है, लेकिन अब तक प्राप्त आवेदन संख्या अपेक्षा से काफी कम बताई जा रही है। घर के नजदीक उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद छात्र-छात्राएं इन नए संस्थानों में दाखिला लेने से हिचकिचाते नजर आ रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, नए स्थापित डिग्री कॉलेजों में प्रत्येक सत्र के लिए 300 सीटों पर नामांकन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि अब तक अधिकांश कॉलेजों में आवेदन संख्या 70 से 80 के बीच या उससे भी कम रही है। सबसे अधिक 119 आवेदन केवल एक कॉलेज में प्राप्त हुए हैं। यह स्थिति उच्च शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई है।

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New Degree College में नामांकन का आंकड़ा निराशाजनक
New Degree College में नामांकन का आंकड़ा निराशाजनक

बिहार सरकार ने राज्य में कुल 208 New Degree College की स्थापना की है ताकि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख न करना पड़े। इन कॉलेजों में फिलहाल छह विषयों में पढ़ाई की व्यवस्था की गई है और नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इसके बावजूद नामांकन का वर्तमान आंकड़ा संतोषजनक नहीं माना जा रहा है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों की कम रुचि के पीछे बुनियादी सुविधाओं का अभाव एक बड़ा कारण हो सकता है। कई नए कॉलेजों में अभी तक स्थायी भवन, पर्याप्त कक्षाएं और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था नहीं हो सकी है। स्थिति यह है कि कुछ कॉलेजों में प्राचार्यों के बैठने के लिए भी समुचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बना हुआ है।

हाल ही में आयोजित प्राचार्यों की बैठक में जिला प्रशासन ने आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। जिलाधिकारियों को कॉलेजों में मूलभूत संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दूसरी ओर, कॉलेजों में प्राचार्यों की नियुक्ति के बाद अब बर्सर (वित्तीय पदाधिकारी) की भी तैनाती की जा चुकी है, जो वित्तीय गतिविधियों का संचालन करेंगे। हालांकि अभी तक शिक्षकों और अन्य शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हो पाई है।

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से 1 जुलाई से कक्षाएं शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि जुलाई माह में जब नियमित शिक्षण कार्य प्रारंभ होगा, तब इन नए डिग्री कॉलेजों की वास्तविक स्थिति और छात्रों की रुचि की तस्वीर स्पष्ट होकर सामने आएगी।

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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