BJP MLA Raju Singh दोषी करार, दिल्ली न्यू ईयर फायरिंग केस में 4 साल की जेल
July 4, 2026 | by Goltoo
Muzaffarpur 4 July : दिल्ली न्यू ईयर फायरिंग केस में Sahebganj BJP MLA Raju Singh को 4 साल की सजा। डॉ. अर्चना गुप्ता की मौत के मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला।
BJP MLA Raju Singh दोषी करार
वर्ष 2018 की अंतिम रात दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित रोज़ फार्महाउस में आयोजित न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान हुई गोलीबारी के मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बिहार के साहेबगंज से BJP MLA Raju Singh को चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इस घटना में डॉ. अर्चना गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई थी। अदालत ने मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग-II तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 30 के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
2018 की न्यू ईयर पार्टी में हुई गोलीबारी के मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, विधायक की सदस्यता और राजनीतिक भविष्य पर मंडराया संकट
अदालत के फैसले ने वर्षों पुराने इस चर्चित मामले को निर्णायक मोड़ पर पहुंचा दिया है। अभियोजन के अनुसार, 31 दिसंबर 2018 की रात आयोजित समारोह में कथित रूप से की गई अंधाधुंध फायरिंग के दौरान चली गोली से डॉ. अर्चना गुप्ता गंभीर रूप से घायल हुई थीं, जिनकी बाद में मृत्यु हो गई। न्यायालय ने माना कि भीड़भाड़ वाले समारोह में हथियार से गोली चलाना ऐसा कृत्य है, जिसके गंभीर और जानलेवा परिणाम होने की आशंका स्वाभाविक रूप से रहती है।

BJP MLA Raju Singh बिहार की राजनीति का एक चर्चित चेहरा रहे हैं और साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक चुने जा चुके हैं। लंबे राजनीतिक अनुभव और क्षेत्रीय प्रभाव के कारण उनकी पहचान मजबूत जनाधार वाले नेता के रूप में रही है। हालांकि इस फैसले के बाद उनके राजनीतिक भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों के अनुसार दो वर्ष या उससे अधिक की सजा पाने वाले जनप्रतिनिधि की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो सकती है। अंतिम कानूनी स्थिति संबंधित संवैधानिक और निर्वाचन प्रक्रिया के अनुसार तय होगी।
Muzaffarpur: सिवाईपट्टी में स्टेशनरी व्यवसायी की गोली मारकर हत्या, सुबह-सुबह वारदात से दहशत https://t.co/hbKtaMPTtb #Muzaffarpur #crime pic.twitter.com/rHEC9rS5tV
— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) July 4, 2026
इस मामले में अदालत ने राजू सिंह की पत्नी रेनू सिंह सहित अन्य सह-आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। न्यायालय ने माना कि उनके विरुद्ध आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं थे। इससे स्पष्ट हुआ कि अदालत ने प्रत्येक आरोपी की भूमिका का अलग-अलग मूल्यांकन करते हुए निर्णय दिया।
यह फैसला राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ कानूनी हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। यदि सजा पर उच्च न्यायालय से कोई राहत नहीं मिलती है, तो साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। साथ ही यह मामला सार्वजनिक समारोहों में हर्ष फायरिंग जैसी खतरनाक प्रवृत्ति के खिलाफ एक महत्वपूर्ण न्यायिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।
RELATED POSTS
View all