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Bihar Guest Faculty Protest : बिहार में नई नियुक्ति नियमावली का विरोध तेज, अतिथि सहायक प्राध्यापकों ने समायोजन की मांग दोहराई

July 5, 2026 | by Goltoo

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Patna 4 July : Bihar Guest Faculty Protest – बिहार राज्य विश्वविद्यालय अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ ने नई नियुक्ति नियमावली का विरोध करते हुए समायोजन, वेटेज और यूजीसी मानकों के अनुरूप नई नीति बनाने की मांग की।

Guest Faculty Protest अतिथि सहायक प्राध्यापकों ने समायोजन की मांग दोहराई

बिहार राज्य विश्वविद्यालय अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ ने राज्य सरकार की नई नियुक्ति नियमावली का कड़ा विरोध करते हुए अतिथि शिक्षकों के समायोजन की मांग दोहराई है। रविवार को आयोजित संघ की बैठक में विभिन्न विश्वविद्यालयों से जुड़े अतिथि सहायक प्राध्यापकों ने कहा कि वर्षों से विश्वविद्यालयों में सेवा देने वाले शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के बजाय सरकार उन्हें बाहर करने की दिशा में कदम उठा रही है।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में बड़ी संख्या में अतिथि सहायक प्राध्यापक लंबे समय से शिक्षण कार्य कर रहे हैं। इन शिक्षकों ने सीमित मानदेय पर भी उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में नई नियुक्ति नियमावली में उनके अनुभव और सेवाओं की अनदेखी करना न्यायसंगत नहीं है।

Bihar Guest Faculty Protest : बिहार में नई नियुक्ति नियमावली का विरोध तेज
Bihar Guest Faculty Protest : बिहार में नई नियुक्ति नियमावली का विरोध तेज

संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि लोक भवन की ओर से जारी नई नियुक्ति नियमावली में अतिथि शिक्षकों के समायोजन का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। इसके विपरीत संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) के आधार पर अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति का रास्ता तैयार किया जा रहा है, जिससे वर्षों से कार्यरत शिक्षकों के सामने रोजगार का संकट उत्पन्न हो गया है।
बैठक में यह भी कहा गया कि जब वर्तमान मुख्यमंत्री विपक्ष में थे, तब उन्होंने स्वयं अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण और उनके हितों की रक्षा की मांग का समर्थन किया था। लेकिन सरकार बनने के बाद उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। इससे अतिथि शिक्षकों में निराशा और असंतोष बढ़ रहा है।

Bihar Guest Faculty Protest : बिहार में नई नियुक्ति नियमावली का विरोध तेज

संघ ने दावा किया कि नई नियमावली में कई ऐसे प्रावधान हैं, जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मानकों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं हैं। इसलिए सरकार को नियमावली की समीक्षा कर यूजीसी के नियमों के अनुरूप नई नीति बनानी चाहिए।

बैठक में सरकार से मांग की गई कि वर्षों से कार्यरत अतिथि सहायक प्राध्यापकों के अनुभव और सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए उनके समायोजन की स्पष्ट व्यवस्था की जाए। साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया में उन्हें प्राथमिकता और आवश्यक वेटेज दिया जाए, ताकि उच्च शिक्षा व्यवस्था में उनकी सेवाओं का लाभ आगे भी मिलता रहे।

संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अतिथि शिक्षकों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो राज्यभर के अतिथि सहायक प्राध्यापक व्यापक आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे। इसके तहत चरणबद्ध धरना-प्रदर्शन, विश्वविद्यालयों में विरोध कार्यक्रम और सरकार के समक्ष अपनी मांगों को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

बैठक में बीआर अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ ललित किशोर, टीएमबीयू के अध्यक्ष डॉ आनंद आजाद, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ बच्चा रजक, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ संत कुमार, मगध विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ अभिषेक, छपरा विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ हरिमोहन कुमार, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ आदित्य आनंद, डॉ नीतेश कुमार, डॉ सुमन पोद्दार, डॉ अशोक कुमार, डॉ अखिलेश कुमार, डॉ आशुतोष आनंद, डॉ सौरभ झा, डॉ संजय कुमार, डॉ आसिफ अली, डॉ चक्रवीर कुमार, डॉ साने अली, डॉ धीरज कुमार समेत सैकड़ों अतिथि प्राध्यापक मौजूद थे।

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