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Muzaffarpur Crime News: कुंदन सिंह हत्याकांड में दो आरोपियों को बरी, अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए सुनाया फैसला

July 14, 2026 | by Goltoo

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Muzaffarpur 14 July : Muzaffarpur Crime News: 2019 के कुंदन सिंह हत्याकांड में अदालत ने राकेश उर्फ चुन्नू ठाकुर और अनिल चौबे को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया।

Muzaffarpur Crime News: कुंदन सिंह हत्याकांड

Muzaffarpur Crime News के तहत वर्ष 2019 के चर्चित कुंदन सिंह हत्याकांड में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-20 की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने नामजद आरोपी राकेश कुमार उर्फ चुन्नू ठाकुर और अनिल चौबे को साक्ष्यों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता रत्नेश भारद्वाज ने बताया कि सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह या ऐसा ठोस साक्ष्य पेश नहीं किया गया, जिससे आरोपियों के विरुद्ध आरोप सिद्ध हो सके। उन्होंने कहा कि उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। उनके अनुसार यह फैसला लंबे समय से लंबित मामले में न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

Muzaffarpur Crime News: कुंदन सिंह हत्याकांड में दो आरोपियों को बरी, अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए सुनाया फैसला
Muzaffarpur Crime News: कुंदन सिंह हत्याकांड में दो आरोपियों को बरी, अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए सुनाया फैसला

Muzaffarpur Crime News के अनुसार, वर्ष 2019 में बैरिया बस स्टैंड पर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर कुंदन सिंह की हत्या कर दी थी। घटना के बाद मामले की जांच बिहार पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) को सौंपी गई थी। बाद में मृतक की पत्नी द्वारा अहियापुर थाने में एक अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई, जिसमें कई लोगों को नामजद किया गया। जांच के दौरान साक्ष्य नहीं मिलने पर कुछ आरोपियों के नाम हटा दिए गए, जबकि दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाया गया।

अधिवक्ता रत्नेश भारद्वाज ने बताया कि मामले में एक अन्य आरोपी प्रांजल कुमार के विरुद्ध मुकदमा अभी न्यायालय में विचाराधीन है और उसकी सुनवाई जारी है। उन्होंने कहा कि सात वर्षों की न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को वह न्याय और सत्य की जीत मानते हैं।

गौरतलब है कि अदालत ने यह निर्णय अभियोजन पक्ष द्वारा पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जाने और संदेह का लाभ मिलने के आधार पर सुनाया है। Muzaffarpur Crime News से जुड़े इस बहुचर्चित मामले में शेष आरोपियों के संबंध में न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है।

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