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बिहार उच्च शिक्षा विधेयक के विरोध में 27 जुलाई को TMBU में महाधरना, विश्वविद्यालय कर्मियों और अतिथि शिक्षकों ने किया संयुक्त आंदोलन का ऐलान

July 25, 2026 | by Goltoo

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Muzaffarpur 25 July : भागलपुर के TMBU में 27 जुलाई को बिहार स्टेट हायर एजुकेशन बिल और सहायक प्राध्यापक विनियम-2026 के विरोध में महाधरना होगा। कर्मचारी महासंघ और अतिथि शिक्षक संघ एकजुट।

बिहार उच्च शिक्षा विधेयक के विरोध में 27 जुलाई को TMBU में महाधरना

बिहार में उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नए प्रस्तावित बिहार स्टेट हायर एजुकेशन बिल और सहायक प्राध्यापक विनियम-2026 के विरोध में आंदोलन तेज हो गया है। तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में 27 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन परिसर में महाधरना आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन का आह्वान अतिथि शिक्षक संघ ने किया है, जबकि बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ की भागलपुर इकाई ने भी इसे पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। आंदोलनकारी संगठनों का आरोप है कि नए विधेयक से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित होगी और उच्च शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

महासंघ की TMBU क्षेत्रीय इकाई द्वारा 25 जुलाई 2026 को जारी सूचना (पत्रांक S.K.S./17/2026) में कहा गया है कि राज्य सरकार बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 को समाप्त कर उसके स्थान पर नया बिहार स्टेट हायर एजुकेशन बिल लागू करने की तैयारी कर रही है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यह प्रस्ताव विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक एवं शैक्षणिक स्वायत्तता को कमजोर कर सकता है। इसी मुद्दे को लेकर सभी कर्मचारियों एवं शिक्षकों से आंदोलन में भाग लेने की अपील की गई है।

बिहार उच्च शिक्षा विधेयक के विरोध में 27 जुलाई को TMBU में महाधरना
बिहार उच्च शिक्षा विधेयक के विरोध में 27 जुलाई को TMBU में महाधरना

आंदोलन का दूसरा प्रमुख मुद्दा सहायक प्राध्यापक विनियम-2026 है। कर्मचारी महासंघ का आरोप है कि यह प्रस्ताव यूजीसी विनियम-2018 की भावना के अनुरूप नहीं है। संगठन का कहना है कि यदि राज्य स्तर पर ऐसे नियम लागू किए जाते हैं जो राष्ट्रीय मानकों से अलग हों, तो इससे शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया, विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता और भविष्य में उच्च शिक्षा संस्थानों की मान्यता पर भी प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

इस आंदोलन की विशेष बात यह है कि अतिथि शिक्षक संघ और विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ पहली बार एक साझा मंच पर दिखाई दे रहे हैं। अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. आनंद आजाद तथा कर्मचारी महासंघ के क्षेत्रीय सचिव सुशील मंडल ने संयुक्त रूप से सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों से 27 जुलाई को होने वाले महाधरना में शामिल होने की अपील की है। संगठनों का मानना है कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों के हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़ा व्यापक मुद्दा है।

महासंघ द्वारा जारी सूचना में स्पष्ट कहा गया है कि 27 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन परिसर में आयोजित महाधरना को सफल बनाने के लिए सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रस्तावित विधेयक और विनियमों को लेकर राज्य सरकार तथा आंदोलनकारी संगठनों के बीच आगे क्या सहमति बनती है और इसका बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ता है।

संगठन का बयान

क्षेत्रीय सचिव सुशील मंडल ने जारी सूचना में कहा कि प्रस्तावित बिहार स्टेट हायर एजुकेशन बिल और सहायक प्राध्यापक विनियम-2026 विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता तथा यूजीसी के प्रावधानों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े करते हैं। उन्होंने सभी कर्मचारियों और शिक्षकों से महाधरना में भाग लेकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की।

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