Muzaffarpur News
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Muzaffarpur 12 May : BRABU मुजफ्फरपुर ने बिहार के 6 जिलों में 37 New Degree Colleges की शुरुआत की तैयारी तेज कर दी है। 2026-27 सत्र के लिए प्रोफेसर-इन-चार्ज की नियुक्ति कर दी गई है। जानिए किस जिले में कौन बने प्रभारी।

Bihar University New Degree Colleges 2026

बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU), मुजफ्फरपुर ने 12 मई 2026 को एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी करते हुए 37 New Degree Colleges में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। यह केवल नए कॉलेज खोलने की औपचारिक घोषणा नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा पहुंचाने की व्यापक पहल मानी जा रही है।

विश्वविद्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्य सरकार के उच्च शिक्षा department के निर्देश पर विभिन्न जिलों में स्थापित इन कॉलेजों के संचालन की जिम्मेदारी 37 शिक्षकों को “प्रोफेसर-इन-चार्ज” के रूप में सौंपी गई है। खास बात यह है कि इन शिक्षकों को केवल पढ़ाई की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि कॉलेजों की बुनियादी संरचना तैयार कराने की जिम्मेदारी भी दी गई है।

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Bihar University New Degree Colleges 2026
Bihar University New Degree Colleges 2026

New Degree Colleges : प्रोफेसर निभाएंगे प्रशासनिक और विकासात्मक भूमिका

विश्वविद्यालय के निर्देश के मुताबिक प्रभारी बनाए गए शिक्षकों को संबंधित जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर भवन, कक्षाएं, फर्नीचर, पेयजल, बिजली, शौचालय और अन्य आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। इसके अलावा कॉलेजों के लिए सरकारी बैंकों में खाते खुलवाने से लेकर प्रशासनिक रिपोर्टिंग तक की जिम्मेदारी भी इन्हीं के कंधों पर होगी।

भोजपुरी, उर्दू, इतिहास, भौतिकी, मनोविज्ञान, संस्कृत और अर्थशास्त्र जैसे विभिन्न विषयों के वरिष्ठ शिक्षकों को इस कार्य में लगाया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि अनुभवी शिक्षकों की निगरानी में नए कॉलेजों का संचालन अधिक प्रभावी तरीके से शुरू किया जा सकेगा।

New Degree Colleges : 2026-27 सत्र से तुरंत शुरू होगी पढ़ाई

विश्वविद्यालय ने आदेश में स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सभी आवश्यक गतिविधियां तत्काल प्रभाव से शुरू की जाएं। सभी प्रभारी शिक्षकों को उनके वर्तमान पदस्थापन स्थल से तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त माना गया है ताकि वे नए कॉलेजों में अपनी जिम्मेदारी संभाल सकें।

इस पहल का उद्देश्य आगामी 2026-30 शैक्षणिक चक्र के लिए चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रमों को व्यवस्थित रूप से संचालित करना है। नई शिक्षा नीति के अनुरूप यह कदम ग्रामीण छात्रों को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

किन जिलों में खुले नए कॉलेज

New Degree Colleges पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर और वैशाली जिलों के विभिन्न प्रखंडों में स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें संग्रामपुर, मेहसी, पिपराकोठी, तुर्कौलिया, औराई, गायघाट, डुमरी कटसरी, बाजपट्टी, रून्नीसैदपुर, पटेढ़ी बेलसर, चनपटिया और ठाकराहा जैसे इलाके शामिल हैं।

इन क्षेत्रों के छात्रों को अब उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर कॉलेज खुलने से खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

जिलेवार प्रोफेसर-इन-चार्ज और उनकी पोस्टिंग

पूर्वी चंपारण जिला

  1. डॉ. राकेश रंजन – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, संग्रामपुर
  2. डॉ. आशुतोष कुमार सिंह – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, मेहसी
  3. प्रो. प्रेमानंद – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, बनजरिया
  4. प्रो. मनोज कुमार – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, पिपराकोठी
  5. डॉ. अजय कुमार – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, सुगौली
  6. डॉ. दुर्गेश मणि तिवारी – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, तुर्कौलिया
  7. प्रो. सुरेंद्र राय – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, तेतरिया
  8. प्रो. मकबूल हुसैन – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, पताही
  9. प्रो. बिंदा राम – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, फेनहारा
  10. प्रो. पवन कुमार यादव – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, रामगढ़वा
  11. प्रो. सुनील कुमार सिंह – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, आदापुर
  12. प्रो. आर.एन. ओझा – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, चौरादानो
  13. प्रो. श्याम रंजन – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, बांकटवा
  14. डॉ. कृष्ण कुमार – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, पकड़ीदयाल
  15. प्रो. एस.एस. प्रसाद – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, चिरैया

मुजफ्फरपुर जिला

  1. डॉ. रमेश कुमार विश्वकर्मा – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, औराई
  2. डॉ. पायोली – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, गायघाट
  3. डॉ. मणिकेश कुमार – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, बोचहां

शिवहर जिला

  1. डॉ. विजय कुमार – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, डुमरी कटसरी
  2. प्रो. राजीव झा – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, पिपराही
  3. प्रो. जयकांत सिंह – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, पुरनहिया

सीतामढ़ी जिला

  1. प्रो. रामेश्वर राय – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, बाजपट्टी
  2. प्रो. विजय कुमार – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, बोखड़ा
  3. प्रो. राजेंद्र प्रसाद – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, चोरौत
  4. प्रो. किरण कुमारी – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, मेजरगंज
  5. प्रो. राजेश सिन्हा – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, नानपुर
  6. प्रो. मधुर कुमार – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, परसौनी
  7. डॉ. अरविंद कुमार – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, रून्नीसैदपुर
  8. प्रो. सुनील कुमार – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, सोनबरसा
  9. प्रो. जेड.ए. सुल्तान – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, सुप्पी

वैशाली जिला

  1. डॉ. रेशमा सुल्ताना – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, पटेढ़ी बेलसर

पश्चिम चंपारण जिला

  1. प्रो. प्रदीप कुमार चौधरी – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, मझौलिया
  2. प्रो. संजय कुमार सुमन – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, चनपटिया
  3. प्रो. बिपिन कुमार राय – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, बैरिया
  4. डॉ. हामिद अली खान – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, सिकटा
  5. डॉ. दिग्विजय प्रसाद यादव – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, योगापट्टी
  6. डॉ. रेखा श्रीवास्तव – राजकीय डिग्री महाविद्यालय, ठाकराहा

New Degree Colleges : शिक्षकों को मिली जिम्मेदारी के साथ जवाबदेही भी

विश्वविद्यालय ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि सभी प्रभारी शिक्षकों का वेतन और भत्ते उनके मूल कॉलेजों से ही जारी रहेंगे, ताकि नई व्यवस्था के दौरान आर्थिक बाधा उत्पन्न न हो। हालांकि, आदेश में यह चेतावनी भी दी गई है कि कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या निर्देशों की अवहेलना होने पर बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी प्रशासनिक, वित्तीय या संचालन संबंधी समस्या की सूचना तुरंत विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन को दें।

ग्रामीण बिहार में उच्च शिक्षा को नई दिशा

शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल बिहार में उच्च शिक्षा के विकेंद्रीकरण की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है। यदि निर्धारित समय में सभी कॉलेज सुचारु रूप से शुरू हो जाते हैं, तो यह मॉडल भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।

ग्रामीण इलाकों में नए डिग्री कॉलेज खुलने से न केवल उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार, सामाजिक विकास और शैक्षणिक अवसरों का नया मंच भी मिलेगा।

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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