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Bihar University Salary Crisis: ₹999.84 करोड़ जारी, फिर भी हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन अटका

July 8, 2026 | by Goltoo

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Muzaffarpur 8 July : Bihar University Salary Crisis के बीच ₹999.84 करोड़ जारी होने के बावजूद हजारों शिक्षकों का वेतन अटका। PL Ledger तकनीकी समस्या पर FUTAB ने SBI मॉडल की मांग की।

Bihar University salary crisis: ₹999.84 करोड़ जारी

Bihar University Salary Crisis ने राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को गंभीर संकट में डाल दिया है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विश्वविद्यालयों के लिए ₹999.84 करोड़ की अनुदान राशि जारी किए जाने के बावजूद हजारों शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और पेंशनभोगी अब भी वेतन और पेंशन का इंतजार कर रहे हैं। नई Public Account Ledger (PL Ledger) प्रणाली में आई तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं के कारण राज्य के 13 पारंपरिक विश्वविद्यालयों और लगभग 250 अंगीभूत कॉलेजों में भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई है।

PL Ledger प्रणाली बनी वेतन भुगतान में सबसे बड़ी बाधा

विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान Bihar University Salary Crisis की मुख्य वजह पुरानी लेजर प्रणाली को बंद कर नई PL Ledger व्यवस्था लागू करना है। कर्मचारी आईडी की नई प्रणाली में मैपिंग समय पर पूरी नहीं हो सकी, जिसके कारण विश्वविद्यालयों के खाते में राशि होने के बावजूद वेतन जारी नहीं हो पा रहा है।

बताया जा रहा है कि सरकार के पास मार्च से मई तक इस बदलाव को व्यवस्थित तरीके से लागू करने का पर्याप्त समय था, लेकिन जून में पुरानी व्यवस्था बंद होने से भुगतान प्रक्रिया बाधित हो गई।

Bihar University Salary Crisis: ₹999.84 करोड़ जारी, फिर भी हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन अटका
Bihar University Salary Crisis: ₹999.84 करोड़ जारी, फिर भी हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन अटका

मुख्यमंत्री के बयान और कर्मचारियों की परेशानी

हाल ही में मुख्यमंत्री ने कहा था कि “वेतन और पेंशन कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है, जिसे अधिकारियों की देरी और कागजी प्रक्रिया पर नहीं छोड़ा जा सकता।”

इसके बावजूद Bihar University Salary Crisis लगातार गहराता जा रहा है। शिक्षकों और कर्मचारियों का कहना है कि तकनीकी बदलाव की पर्याप्त तैयारी नहीं होने के कारण वेतन भुगतान में अनावश्यक विलंब हो रहा है।

300 से 400 आईडी प्रतिदिन की मैपिंग, भुगतान में बढ़ी देरी

सूत्रों के अनुसार, जिन विश्वविद्यालयों में छह हजार से अधिक कर्मचारी हैं, वहां प्रतिदिन केवल 300 से 400 कर्मचारी आईडी ही नई PL Ledger प्रणाली से जोड़ी जा रही हैं। इस गति से एक विश्वविद्यालय की प्रक्रिया पूरी होने में 15 से 20 दिन लग सकते हैं।

तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सिस्टम की गति में सुधार नहीं हुआ तो Bihar University salary crisis और लंबा खिंच सकता है, जिससे हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी।

₹999.84 करोड़ खाते में, फिर भी भुगतान नहीं

Federation of University Teachers’ Associations of Bihar (FUTAB) का कहना है कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी ₹999.84 करोड़ की राशि विश्वविद्यालयों के नए PL Ledger खातों में उपलब्ध है, लेकिन तकनीकी कारणों से इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है।

संगठन का आरोप है कि 12 जून 2026 को पुरानी लेजर व्यवस्था बंद करने का निर्णय नई प्रणाली पूरी तरह तैयार होने से पहले लिया गया, जिससे विश्वविद्यालयों की वित्तीय व्यवस्था लगभग ठप हो गई।

फुटाब ने दिया ‘मध्य प्रदेश मॉडल’ अपनाने का सुझाव

फुटाब के अध्यक्ष प्रो. बी.के. सिन्हा एवं महासचिव सह विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) प्रो. संजय कुमार सिंह ने राज्य सरकार से इस समस्या का तत्काल समाधान निकालने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नई PL Ledger व्यवस्था में आ रही तकनीकी बाधाओं के कारण शिक्षकों, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को समय पर वेतन एवं पेंशन नहीं मिल पा रही है। उन्होंने सरकार से वैकल्पिक व्यवस्था लागू कर शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने तथा भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी समाधान विकसित करने का आग्रह किया।

वेतन भुगतान संकट के समाधान के लिए FUTAB ने सरकार से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के माध्यम से भुगतान प्रणाली लागू करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि जब तक PL Ledger पूरी तरह स्थिर नहीं हो जाती, तब तक बैंक आधारित भुगतान व्यवस्था अपनाना हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों के हित में होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो Bihar University Salary Crisis राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है।

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