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बिहार के 37 New Degree College पर BRABU की सख्ती: 48 घंटे में भवन, शिक्षक और कर्मचारियों की रिपोर्ट देने का आदेश

May 18, 2026 | by Goltoo

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Muzaffarpur 18 May : बिहार के 37 New Degree College पर BRABU ने 48 घंटे में भवन, शिक्षक और स्टाफ की रिपोर्ट मांगी। जानकारी उच्च शिक्षा विभाग और लोक भवन भेजी जाएगी।

बिहार के 37 New Degree College पर BRABU की सख्ती

बिहार में स्थापित किए जा रहे 37 New Degree College की बुनियादी सुविधाओं और शैक्षणिक तैयारियों को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) ने इन 37 New Degree College के प्रभारी शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों को 48 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट में भवन, शिक्षकों की उपलब्धता, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की स्थिति बतानी होगी।

विश्वविद्यालय की ओर से जारी पत्र संख्या B/2346 के अनुसार, 16 मई 2026 को निर्देश जारी कर कहा गया कि संबंधित कॉलेज 18 मई 2026 दोपहर 2 बजे तक रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक यह जानकारी आगे आवश्यक कार्रवाई के लिए लोक भवन और उच्च शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी। माना जा रहा है कि राज्य में शुरू किए गए 37 New Degree College की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए यह प्रक्रिया शुरू की गई है।

बिहार के 37 New Degree College पर BRABU की सख्ती
बिहार के 37 New Degree College पर BRABU की सख्ती

रिपोर्ट में कॉलेज भवन और आधारभूत संरचना, शिक्षकों की संख्या, गैर-शिक्षण कर्मचारियों की उपलब्धता और अन्य प्रशासनिक जरूरतों पर विशेष जानकारी मांगी गई है। इससे संकेत मिलता है कि कई नए संस्थान अभी भी संसाधनों और स्थायी व्यवस्थाओं की कमी का सामना कर रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केवल कॉलेज खोलना पर्याप्त नहीं, बल्कि वहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी है।

सूत्रों के अनुसार, कई कॉलेज फिलहाल अस्थायी परिसरों या स्कूल भवनों में संचालित हो रहे हैं। ऐसे में भवन, स्थायी शिक्षक और प्रशासनिक स्टाफ की कमी कॉलेज संचालन के लिए चुनौती बनी हुई है। विश्वविद्यालय द्वारा मांगी गई रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि 37 New Degree College में कितनी तैयारियां पूरी हैं और किन क्षेत्रों में अभी संसाधनों की जरूरत है।

रिपोर्ट फॉर्मेट में “अन्य मामले” और “टिप्पणी” जैसे कॉलम भी जोड़े गए हैं, ताकि स्थानीय समस्याएं—जैसे जमीन, बिजली-पानी या प्रशासनिक बाधाएं—भी सामने आ सकें। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि कम समय में मांगी गई जानकारी राज्य सरकार की प्राथमिकता और उच्च शिक्षा व्यवस्था में तेजी से सुधार की कोशिश को दर्शाती है।

हालांकि सबसे बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है कि रिपोर्ट तैयार होने के बाद क्या इन कमियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे या प्रक्रिया केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रह जाएगी।

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