www.goltoo.in

Bihar Football Association में बढ़ा प्रशासनिक विवाद: 11 पदाधिकारी निलंबित, संगठन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

May 18, 2026 | by Goltoo

bfa

Muzaffarpur 18 May : Bihar Football Association (BFA) इन दिनों गंभीर प्रशासनिक संकट से गुजर रहा है। संघ के अध्यक्ष प्रसेनजीत मेहता द्वारा जारी निर्देशों के बाद संगठन के भीतर विवाद गहराता जा रहा है।

Bihar Football Association में बढ़ा प्रशासनिक विवाद

Bihar Football Association मामले की शुरुआत अप्रैल 2026 में उस आदेश से हुई, जिसमें मानद सचिव समेत अन्य अधिकारियों को 45 दिनों तक किसी भी बैठक के आयोजन से रोका गया। अब यही विवाद कई पदाधिकारियों के निलंबन और संगठन के भीतर शक्ति संतुलन पर सवाल खड़े कर रहा है। इस पूरे घटनाक्रम का असर बिहार में फुटबॉल प्रशासन और खेल गतिविधियों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, 26 अप्रैल 2026 को जारी आदेश में Bihar Football Association के मानद सचिव और अन्य संबंधित अधिकारियों को 10 जून 2026 तक किसी भी बैठक का आयोजन नहीं करने का निर्देश दिया गया था। संघ अध्यक्ष की ओर से इसे प्रशासनिक अनुशासन और संवैधानिक प्रावधानों के पालन के लिए जरूरी कदम बताया गया। हालांकि, इसके बाद आदेश के कथित उल्लंघन को लेकर 15 मई को मानद सचिव सैयद इम्तियाज हुसैन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया।

Bihar Football Association में बढ़ा प्रशासनिक विवाद
Bihar Football Association में बढ़ा प्रशासनिक विवाद

विवाद यहीं नहीं रुका। 17 मई तक मामला कई जिला फुटबॉल इकाइयों तक पहुंच गया और विभिन्न संबद्ध संघों के पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। निलंबित अधिकारियों में पश्चिम चंपारण, रोहतास, सीवान, अररिया, गया, वैशाली, सहरसा, सुपौल और नालंदा सहित कई जिलों के प्रतिनिधि शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद बिहार फुटबॉल संघ के प्रशासनिक ढांचे में नेतृत्व का खालीपन पैदा होने की चर्चा तेज हो गई है।

संघ अध्यक्ष प्रसेनजीत मेहता ने अपने आदेशों में कहा है कि यह कदम संगठन की “ईमानदारी, संवैधानिक व्यवस्था और आधिकारिक निर्देशों के अनुपालन को सुरक्षित रखने” के लिए उठाया गया है। वहीं दूसरी ओर, खेल जगत से जुड़े कई लोग इस कार्रवाई को संगठन के भीतर शक्ति केंद्रीकरण और प्रशासनिक नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। विवाद के बीच यह भी सवाल उठ रहा है कि जब 45 दिनों तक बैठकों पर रोक थी, तो 24 मई को प्रस्तावित विशेष आम सभा की बैठक किस आधार पर बुलाई गई।

अब सभी की निगाहें 24 मई 2026 को प्रस्तावित Extraordinary General Body Meeting पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में निलंबनों को मंजूरी देने या प्रशासनिक फैसलों पर पुनर्विचार जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। यह बैठक बिहार फुटबॉल संघ के भविष्य, संगठनात्मक ढांचे और प्रशासनिक दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती है।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक जारी प्रशासनिक विवाद का असर राज्य में फुटबॉल विकास, खिलाड़ियों की तैयारी और स्थानीय प्रतियोगिताओं पर पड़ सकता है। ऐसे में समाधान और संवाद की प्रक्रिया ही संगठन को स्थिरता की ओर ले जा सकती है।

RELATED POSTS

View all

view all