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Grandmaster Pravin Thipsay ने खिलाड़ियों को सिखाए रूक एंडगेम के गुर, आधुनिक रणनीतियों से कराया रूबरू

July 18, 2026 | by Goltoo

18 july 6 th day12

Muzaffarpur 18 July : मुजफ्फरपुर के ग्रैंडमास्टर ट्रेनिंग कैंप में Grandmaster Pravin Thipsay ने खिलाड़ियों को रूक एंडगेम, आधुनिक ओपनिंग और अंतरराष्ट्रीय शतरंज रणनीतियों का प्रशिक्षण दिया।

Grandmaster Pravin Thipsay ने खिलाड़ियों को सिखाए रूक एंडगेम के गुर

मुजफ्फरपुर जिला शतरंज संघ एवं अखिल बिहार शतरंज संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय ग्रैंडमास्टर ट्रेनिंग कैंप के छठे दिन खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शतरंज रणनीतियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। देश के प्रतिष्ठित ग्रैंडमास्टर एवं अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित Grandmaster Pravin Thipsay ने खिलाड़ियों को रूक एंडगेम, आधुनिक ओपनिंग सिद्धांतों और प्रतियोगी रणनीतियों की बारीकियों से अवगत कराया। पूरे दिन चले प्रशिक्षण सत्र में खिलाड़ियों ने विशेषज्ञों से सीधे सीखने का अवसर प्राप्त किया।

प्रशिक्षण के पहले सत्र में डॉल्फिन पब्लिक स्कूल, मुजफ्फरपुर के निदेशक धर्मवीर सिंह ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। वहीं दूसरे सत्र में संत जेवियर स्कूल के निदेशक अमिताभ चंद्रा तथा बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल, तुर्की की प्राचार्या माला भारती ने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए नियमित अभ्यास, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

Grandmaster Pravin Thipsay ने खिलाड़ियों को सिखाए रूक एंडगेम के गुर
Grandmaster Pravin Thipsay ने खिलाड़ियों को सिखाए रूक एंडगेम के गुर

अपने प्रशिक्षण सत्र के दौरान ग्रैंडमास्टर प्रवीण थिप्से ने कहा कि किसी भी शतरंज खिलाड़ी की वास्तविक परीक्षा एंडगेम में होती है। उन्होंने बताया कि गैरी कास्पारोव, बॉबी फिशर, अनातोली कार्पोव और विश्वनाथन आनंद जैसे विश्वविख्यात खिलाड़ियों की सफलता के पीछे एंडगेम की गहरी समझ, सटीक गणना और समय प्रबंधन की अहम भूमिका रही है। उन्होंने खिलाड़ियों को समझाया कि यदि एंडगेम मजबूत हो, तो कठिन से कठिन मुकाबले में भी जीत की संभावना काफी बढ़ जाती है।

रूक एंडगेम के अभ्यास सत्र में खिलाड़ियों को छोटी-छोटी स्थितिगत बढ़त को जीत में बदलने की तकनीक सिखाई गई। इसके साथ ही समय प्रबंधन, प्रतिद्वंद्वी की खेल शैली का विश्लेषण (प्रोफाइलिंग) और मैच के दौरान परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बदलने का भी अभ्यास कराया गया। दूसरे सत्र में आधुनिक ओपनिंग सिद्धांतों, टूर्नामेंट तैयारी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जाने वाली रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

समापन अवसर पर Grandmaster Pravin Thipsay ने कहा, “शतरंज केवल चालों का खेल नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन, विश्लेषण और सही निर्णय लेने की कला है। जो खिलाड़ी एंडगेम पर मजबूत पकड़ बना लेता है, वही लंबे समय तक सफलता प्राप्त करता है।” उन्होंने बताया कि आगामी सत्रों में खिलाड़ियों को मानसिक मजबूती, आधुनिक टूर्नामेंट तकनीक और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। खिलाड़ियों और अभिभावकों ने इस शिविर को बिहार में शतरंज के विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताते हुए इसकी सराहना की।

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