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Indian Swimming में बड़ा बदलाव: 2026 से लागू होंगे नए आयु वर्ग, SFI ने 24 घंटे में मांगी सहमति

June 10, 2026 | by Goltoo

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New Delhi 10 June : Indian Swimming में 2026 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। SFI ने तैराकी और डाइविंग प्रतियोगिताओं के लिए नए आयु वर्ग प्रस्तावित किए हैं तथा 24 घंटे के भीतर सहमति मांगी है। यह कदम भारतीय तैराकी को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने 2026 से राष्ट्रीय तैराकी और डाइविंग प्रतियोगिताओं के लिए नए आयु वर्ग लागू करने का प्रस्ताव रखा है। World Aquatics और Asia Aquatics के अनुरूप यह बदलाव भारतीय तैराकों को अंतरराष्ट्रीय मानकों से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

Indian Swimming में बड़ा बदलाव : नए आयु वर्ग लागू करने का प्रस्ताव

Indian Swimming के भविष्य को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालने की दिशा में स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने बड़ा कदम उठाया है। वर्ष 2026 से राष्ट्रीय स्तर की जूनियर और सब-जूनियर तैराकी एवं डाइविंग प्रतियोगिताओं के लिए नए आयु वर्ग लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह बदलाव World Aquatics और Asia Aquatics के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है।

SFI का मानना है कि घरेलू प्रतियोगिताओं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयु वर्ग एक जैसे होने से खिलाड़ियों को बेहतर तैयारी और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलेगा। इससे भारतीय तैराकों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन के दौरान आयु वर्ग संबंधी असमानताओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।

Indian Swimming में बड़ा बदलाव : नए आयु वर्ग लागू करने का प्रस्ताव
Indian Swimming में बड़ा बदलाव : नए आयु वर्ग लागू करने का प्रस्ताव

Indian Swimming में नए आयु वर्ग

SFI द्वारा प्रस्तावित नए ढांचे के अनुसार राष्ट्रीय जूनियर एवं सब-जूनियर तैराकी प्रतियोगिताओं में निम्न आयु वर्ग लागू होंगे—

जूनियर तैराकी

  • 15 से 16 वर्ष
  • 17 से 18 वर्ष

सब-जूनियर तैराकी

  • 11 से 12 वर्ष
  • 13 से 14 वर्ष

वॉटर पोलो जूनियर

  • 19 वर्ष एवं उससे कम

विशेषज्ञों का मानना है कि दो-दो वर्षों के छोटे आयु वर्ग खिलाड़ियों की वास्तविक प्रतिभा का बेहतर आकलन करने में मदद करेंगे और शारीरिक विकास के अंतर का प्रभाव कम होगा।

डाइविंग प्रतियोगिताओं के लिए भी नया ढांचा

डाइविंग स्पर्धाओं के लिए भी नए आयु वर्ग निर्धारित किए गए हैं—

जूनियर डाइविंग

  • 14 से 15 वर्ष
  • 16 से 18 वर्ष

सब-जूनियर डाइविंग

  • 12 से 13 वर्ष

SFI का कहना है कि यह संरचना युवा खिलाड़ियों को क्रमिक रूप से उच्च स्तर की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करेगी और वरिष्ठ स्तर तक पहुंचने के लिए मजबूत आधार प्रदान करेगी।

24 घंटे में मांगी गई सहमति

इस प्रस्ताव की सबसे चर्चित बात इसकी प्रक्रिया रही। SFI के महासचिव मोनल चोकसी द्वारा जारी सर्कुलर में सभी संबद्ध इकाइयों और राष्ट्रीय खेल अकादमियों से 24 घंटे के भीतर अपनी आपत्ति दर्ज कराने को कहा गया।

सर्कुलर के अनुसार यदि किसी इकाई ने निर्धारित समय तक कोई आपत्ति नहीं भेजी, तो उसे प्रस्ताव के समर्थन में माना जाएगा। इस “नो रिस्पॉन्स, यस वोट” मॉडल ने खेल प्रशासन में नई बहस छेड़ दी है। हालांकि फेडरेशन का तर्क है कि 2026 के अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर को देखते हुए त्वरित निर्णय आवश्यक है।

Indian Swimming के लिए क्या होगा असर?

खेल विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव भारतीय तैराकी को वैश्विक मानकों के और करीब लाने वाला साबित हो सकता है। इससे खिलाड़ियों को कम उम्र से ही उसी प्रतिस्पर्धी ढांचे में तैयार किया जाएगा, जिसका सामना उन्हें एशियाई और विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में करना पड़ता है।

हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे आयु वर्ग और कड़ी प्रतिस्पर्धा युवा खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ा सकती है। इसके बावजूद अधिकांश खेल विश्लेषक इसे भारतीय तैराकी को आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।

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