Muzaffarpur News
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Muzaffarpur 21 May : MDDM College के स्नातकोत्तर प्राणीशास्त्र विभाग द्वारा महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में दिनांक 20/05/26, बुधवार को “Introduction to Birds and Birdwatching & Digital Monitoring Tools” विषय पर एक दिवसीय शैक्षणिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य प्राणीशास्त्र में क्षेत्राधारित अध्ययन को प्रोत्साहित करना तथा जैव विविधता मॉनिटरिंग एवं संरक्षण अध्ययन में डिजिटल तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना था।

MDDM College में कार्यशाला

कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ तथा प्राणीशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता द्वारा औपचारिक स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया। उन्होंने पारिस्थितिक तंत्र की संरचना एवं कार्यप्रणाली को समझने में पक्षी विज्ञान (ऑर्निथोलॉजी) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पारंपरिक क्षेत्रीय अवलोकन को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के साथ समन्वित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

MDDM College में ऑर्निथोलॉजी एवं डिजिटल मॉनिटरिंग टूल्स पर शैक्षणिक कार्यशाला का आयोजन
MDDM College में ऑर्निथोलॉजी एवं डिजिटल मॉनिटरिंग टूल्स पर शैक्षणिक कार्यशाला का आयोजन

कार्यक्रम की अध्यक्षता एमडीडीएम कॉलेज की प्राचार्या Prof. Dr. Alka Jaiswal ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने उच्च शिक्षा में अंतर्विषयी एवं क्षेत्राधारित अध्ययन पद्धति की बढ़ती प्रासंगिकता को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को वैज्ञानिक अवलोकन, पर्यावरणीय जागरूकता तथा शोधपरक अध्ययन में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित करते हुए कहा कि तकनीकी प्रगति ने अकादमिक अनुसंधान एवं संरक्षण कार्यों के नए आयाम खोले हैं।

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MDDM College में ऑर्निथोलॉजी एवं डिजिटल मॉनिटरिंग टूल्स पर शैक्षणिक कार्यशाला का आयोजन
MDDM College में ऑर्निथोलॉजी एवं डिजिटल मॉनिटरिंग टूल्स पर शैक्षणिक कार्यशाला का आयोजन
MDDM College में ऑर्निथोलॉजी एवं डिजिटल मॉनिटरिंग टूल्स पर शैक्षणिक कार्यशाला का आयोजन

कार्यशाला के संसाधन व्यक्ति Rahul Kumar थे, जो Nature Conservation Foundation से संबद्ध हैं। उन्होंने अपनी टीम के साथ पक्षियों की पहचान, पक्षी अवलोकन की विधियों तथा पक्षियों के प्रलेखन एवं पारिस्थितिकीय आँकड़ों के संकलन हेतु डिजिटल मॉनिटरिंग टूल्स के उपयोग पर तकनीकी सत्र संचालित किया। साथ ही उन्होंने अपने क्षेत्रीय अनुभवों को साझा करते हुए जैव विविधता संरक्षण में नागरिक सहभागिता की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की।

व्याख्यान सत्र के उपरांत महाविद्यालय परिसर में फील्ड सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने स्थानीय पक्षी प्रजातियों का अवलोकन किया तथा डिजिटल प्रलेखन तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास किया। प्राणीशास्त्र विभाग के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विशेषज्ञों से सक्रिय संवाद किया।

कार्यक्रम में प्राणीशास्त्र विभाग की सहायक प्राध्यापिकाएँ डॉ. पल्लवी कुमारी एवं डॉ. रचना कुमारी ,डॉ.सूरबाला,डॉ.आशा सिंह यादव,डॉ.नूतन,डॉ.प्रियम फ्रांसिस, डॉ.सरिता,डॉ.दीपमाला,डॉ.स्वेता सिंह ,डॉ. सुनीता,डॉ.सुजाता, डॉ.बिमला,सहित महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षकों तथा छात्राओं ने भी सहभागिता की।

कार्यशाला का समापन वैलेडिक्टरी सत्र एवं औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। डॉ. पल्लवी कुमारी ने संसाधन व्यक्तियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता में उनके योगदान की सराहना की।

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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