Muzaffarpur 19 April : B.R.A. Bihar University में “भारतीय ज्ञान परंपरा का बहुविषयक चरित्र” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन हुआ। प्रो. अंबिका दत्त ने इसे आत्मज्ञान, मोक्ष और मानव कल्याण पर आधारित बताया, वहीं विशेषज्ञों ने इसकी समग्र और वैज्ञानिक विरासत पर प्रकाश डाला।
B.R.A. Bihar University में राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन
B.R.A. Bihar University मनोविज्ञान विभाग, विश्वविद्यालय दर्शनशास्त्र विभाग व विद्या भारती उच्च शिक्षा के संयुक्त तत्वावधान में “भारतीय ज्ञान परंपरा का बहुविषयक” चरित्र पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के समापन समारोह में डॉ हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय मध्य प्रदेश दर्शनशास्त्र विभाग के आचार्य प्रो अंबिका दत्त शर्मा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में ज्ञान का आदर्श आत्मज्ञान, मोक्ष और संपूर्ण मानवता का कल्याण है।

इस ज्ञान परंपरा में वसुधैव कुटुंबकम और सर्वे भवंतु सुखिन: का आदर्श समाहित है। आधुनिक सभ्यता का आदर्श भौतिक सुख, मशीनीकरण और अनीतिपूर्ण है, वहीं भारतीय ज्ञान परंपरा का आदर्श नैतिकता और मानव कल्याण है। भारतीय ज्ञान परंपरा में हम लौकिक जीवन में रहते हुए जीवन के उच्चतम सत्य को समझने का प्रयास करते हैं। डॉ अंबिका दत्त ने राष्ट्रीय संगोष्ठी की शानदार सफलता के लिए डॉ रजनीश कुमार गुप्ता एवं उनके सहयोगियों का धन्यवाद किया।

दिल्ली विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभाग के आचार्य प्रो आनंद प्रकाश ने शैक्षणिक सत्र में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा एक समग्र, अनुभव आधारित और वैज्ञानिक विरासत है। इसके मूल तत्वों में सर्वांगीणता, नैतिकता, आध्यात्मिक विकास और प्रकृति प्रेम है।


शैक्षणिक सत्र के दौरान मनोविज्ञान विभाग के शिक्षकों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन किया गया:

डॉ तूलिका की पुस्तक द माइंड एंड द मशीन-साइकोलॉजिकल इंपैक्ट ऑफ़ एआई, डॉ रेखा श्रीवास्तव और डॉ रजनीश गुप्ता द्वारा लिखित पुस्तक सामाजिक मनोविज्ञान, एकेडमिक सेल्फ कॉन्सेप्ट, इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ ग्लोबल रिसर्च एवं डॉ विकास द्वारा लिखित पुस्तक सांख्यिकी का परिचय का लोकार्पण मुख्य वक्ताओं द्वारा किया गया।

विद्या भारती उच्च शिक्षा द्वारा आयोजित राष्ट्रीय भारत बौद्धिक परीक्षा में अव्वल आए उत्तम, शुभम, वैभव लक्ष्मी, अंश राज, अंजलि, मानसी, वंदना, अभिषेक, अंकित व ऋषिकेश को सम्मानजनक राशि व प्रमाण पत्र दिए गए।
B.R.A. Bihar University में “भारतीय ज्ञान परंपरा का बहुविषयक चरित्र” संगोष्ठी का शुभारंभ, वक्ताओं ने बताया—समग्र, वैज्ञानिक और समावेशी है भारतीय ज्ञान परंपरा https://t.co/v2zG1p9XvX #Muzaffarpur @brabu_ac_in @DineshCRai pic.twitter.com/OxNdOeXzOU
— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) April 18, 2026
सेमिनार संयोजक डॉ रजनीश कुमार गुप्ता ने संगोष्ठी की सफलता के लिए कुलपति डॉ दिनेश चंद्र राय, विश्वविद्यालय पदाधिकारी गण, प्राचार्य गण, सहसंयोजक प्रो निखिल रंजन प्रकाश, समन्वयक प्रो आभा रानी सिन्हा, कोषाध्यक्ष, आयोजन समिति के सदस्य गण, विभागीय छात्र-छात्राएं एवं शोधार्थी, मीडिया बंधु एवं समस्त प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। कहा कि सेमिनार की सफलता सामूहिक प्रयास से ही संभव हो पाई है।
कार्यक्रम का संचालन सम्मिलित रूप से डॉ सुनीता, डॉ तूलिका, डॉ पयोली, डॉ ऋतु ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रो रूपा श्री जमुआर ने किया।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।