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बिहार सरकार ने B.R.A. Bihar University से 37 नए डिग्री कॉलेजों प्राचार्यों का डेटा मांगा गया, AISHE कोड प्रक्रिया तेज

May 4, 2026 | by Goltoo

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Patna 4 May : बिहार सरकार उच्च शिक्षा विभाग ने B.R.A. Bihar University से नए डिग्री कॉलेजों को मान्यता दिलाने के लिए 37 संस्थानों के प्राचार्यों की जानकारी मांगी है। AISHE कोड के जरिए उच्च शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित और सशक्त बनाने की पहल।

बिहार सरकार ने B.R.A. Bihar University से 37 नए डिग्री कॉलेजों प्राचार्यों का डेटा मांगा

बिहार में उच्च शिक्षा को विस्तार देने की दिशा में सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। राज्य के शिक्षा विभाग ने नए स्थापित डिग्री कॉलेजों को राष्ट्रीय स्तर की व्यवस्था से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इसी क्रम में बिहार सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन (IPS) ने B.R.A. Bihar University के कुलसचिव को पत्र लिखकर 37 नए डिग्री कॉलेजों के लिए प्राचार्यों का विस्तृत डेटा उपलब्ध कराने को कहा है।

बिहार सरकार ने B.R.A. Bihar University से 37 नए डिग्री कॉलेजों के लिए AISHE कोड प्रक्रिया तेज, प्राचार्यों का डेटा मांगा गया
बिहार सरकार ने B.R.A. Bihar University से 37 नए डिग्री कॉलेजों के लिए AISHE कोड प्रक्रिया तेज,

दरअसल, यह पहल राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी “सात निश्चय-3 (2025-30)” कार्यक्रम के तहत की जा रही है। इस योजना के चौथे संकल्प “उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य” का उद्देश्य उन 208 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित करना है, जहां अब तक उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। सरकार चाहती है कि इन नए कॉलेजों को जल्द से जल्द औपचारिक पहचान मिले और वे राज्य विश्वविद्यालयों के अंग के रूप में कार्य शुरू कर सकें।

इसी कड़ी में शिक्षा विभाग ने B.R.A. Bihar University से अनुरोध किया है कि वे संबंधित कॉलेजों के नामित प्राचार्यों का पूरा विवरण उपलब्ध कराएं। इसमें प्राचार्य का नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जैसी जानकारी शामिल है। यह डेटा AISHE कोड प्राप्त करने के लिए अनिवार्य माना गया है।

AISHE कोड, जिसे ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन से जोड़ा जाता है, किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान के लिए पहचान का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए संस्थान राष्ट्रीय शिक्षा डाटाबेस का हिस्सा बनते हैं, जिससे उनकी गतिविधियों, छात्रों की संख्या और शैक्षणिक प्रगति का सही आकलन किया जा सकता है।

सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया से न केवल शिक्षा संस्थानों का रिकॉर्ड व्यवस्थित होगा, बल्कि नई पीढ़ी को बेहतर और सुलभ उच्च शिक्षा भी मिल सकेगी। इससे राज्य के दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले छात्रों को अपने ही क्षेत्र में कॉलेज की सुविधा मिलेगी, जो उनके भविष्य को नई दिशा देने में मददगार साबित होगी।

Bihar University

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