Muzaffarpur News
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Muzaffarpur 15 April : RDS College, मुजफ्फरपुर में “सोशल इंक्लूजन इन द विज़न ऑफ़ डॉ. बीआर अंबेडकर” विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में प्राचार्य डॉ. शशि भूषण कुमार ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का व्यक्तित्व वैश्विक, बहुआयामी और सामाजिक न्याय का प्रेरक प्रतीक था। कार्यक्रम में शिक्षकों, शोधार्थियों और छात्रों ने उनके समतामूलक विचारों पर चर्चा की।

RDS College में विशेष व्याख्यान

RDS College, के इतिहास विभाग, राजनीति विज्ञान विभाग, आइक्यूएसी, और एनएसएस इकाई के संयुक्त तत्वावधान में कृष्ण सभा भवन में “सोशल इंक्लूजन इन द विज़न ऑफ़ डॉ बीआर अंबेडकर” विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में अध्यक्षीय उद्बोधन करते हुए प्राचार्य डॉ शशि भूषण कुमार ने कहा कि डॉ अंबेडकर का व्यक्तित्व ग्लोबल और बहु आयामी था। उन्हें ज्ञान का प्रतीक, सामाजिक क्रांतिकारी, आधुनिक भारत के निर्माता और शोषितों के मसीहा के रूप में विश्व भर में जाना जाता है। डॉ आंबेडकर उस दौर के सबसे शिक्षित भारतीय नेतृत्वकर्ता में से एक थे।

RDS College में विशेष व्याख्यान: डॉ. अंबेडकर का व्यक्तित्व वैश्विक और बहुआयामी था — प्राचार्य डॉ. शशि भूषण कुमार
RDS College में विशेष व्याख्यान: डॉ. अंबेडकर का व्यक्तित्व वैश्विक और बहुआयामी था — प्राचार्य डॉ. शशि भूषण कुमार

उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल आफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र, कानून और राजनीति विज्ञान में उच्च डिग्री प्राप्त की। यह उनके ग्लोबल बौद्धिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। बाबा साहेब के शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो का संदेश और समतावादी विचार विश्व के विभिन्न हिस्सों में मानवाधिकारों के लिए लड़ रहे लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत है। हम शिक्षक एवं छात्रों को उनके विचारों से सीख लेने की जरूरत है।

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RDS College

इतिहासकार व सीनेट सदस्य डॉ संजय कुमार सुमन ने कहा कि डॉ अंबेडकर का समता मूलक विचार जाति, लिंग और वर्ग भेद से मुक्त एक न्यायपूर्ण समाज पर आधारित था। यह विचार स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों का समर्थन करता है। निश्चित रूप से अंबेडकर के विचार भारतीय लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के लिए सबसे बड़ा मार्गदर्शन है।
डॉ आर एन ओझा ने कहा कि अंबेडकर एक दूरदर्शी अर्थशास्त्री थे, जिनके विचार कृषि, मुद्रा, श्रम और समावेशी विकास पर आधारित थे।

rds college
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सिंडिकेट सदस्य डॉ रमेश प्रसाद गुप्ता ने कहा कि अंबेडकर का मानवतावाद केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक था जो समाज को तर्कसंगत और न्यायपूर्ण बनाने का आह्वान करता है।

कार्यक्रम में डॉ नीलिमा झा, डॉ एम हुसैन, डॉ एमएन रजवी, डॉ अजमत अली, डॉ ललित किशोर, डॉ अमर ज्योति आदि ने अंबेडकर के विचारों के सामाजिक संदर्भ को प्रस्तुत किया।

मंच संचालन डॉ पंकज कुमार तिवारी एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ रजनीकांत पांडे ने किया।
मौके पर डॉ सौरभ राज, डॉ हसन रजा, डॉ भगवान कुमार, डॉ आलोक त्रिपाठी, डॉ अनुराधा पाठक, डॉ स्नेहलता, डॉ प्रियंका दिक्षित, डॉ कृतिका वर्मा, डॉ सुमन लता, डॉ अमिता त्रिवेदी, डॉ आशीष कुमारी कांता, डॉ रविंद्र कुमार, कुमारी निधि समेत सभी विभागों के छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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