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Bihar के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मियों की बहाली की तैयारी तेज, वर्षों बाद जगी नई उम्मीद

May 11, 2026 | by Goltoo

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Muzaffarpur 11 May : Bihar के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लंबे समय से शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे छात्रों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए राहत की खबर सामने आई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों से शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों के रिक्त पदों की विस्तृत जानकारी मांगी है। माना जा रहा है कि इसके आधार पर जल्द ही बड़े पैमाने पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

Bihar के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मियों की बहाली की तैयारी तेज

निदेशालय ने विश्वविद्यालयों से पूछा है कि अंगीभूत कॉलेजों में शिक्षकों के कितने पद स्वीकृत हैं, कितने पदों पर वर्तमान में शिक्षक कार्यरत हैं और कितने पद खाली पड़े हैं। इसके साथ ही शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों की सेवानिवृत्ति की तिथि की जानकारी भी मांगी गई है, ताकि आने वाले वर्षों की जरूरतों का आकलन किया जा सके।

इसके अलावा विभिन्न वर्गों में कार्यरत कर्मियों और रिक्त पदों का कोटिवार विवरण भी विश्वविद्यालयों से उपलब्ध कराने को कहा गया है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि सरकार अब उच्च शिक्षा संस्थानों में खाली पड़े पदों को भरने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है।

Bihar के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मियों की बहाली की तैयारी तेज
Bihar के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मियों की बहाली की तैयारी तेज

B.R.A. Bihar University के कुलसचिव प्रो. समीर शर्मा ने बताया कि उच्च शिक्षा निदेशालय के निर्देश के अनुसार शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों का पूरा डाटा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीआरएबीयू में 500 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति होने की संभावना है। इसके अलावा बड़ी संख्या में शिक्षकेत्तर कर्मियों की बहाली भी हो सकती है।

गौरतलब है कि बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में पिछले एक दशक से अधिक समय से नियमित नियुक्तियां नहीं हुई हैं। इसका असर पढ़ाई से लेकर प्रशासनिक कार्यों तक साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। कई विभागों में शिक्षकों की भारी कमी है, जबकि कार्यालयों में भी कर्मचारियों के अभाव में कामकाज प्रभावित हो रहा है।

विश्वविद्यालय के अधीन अधिकांश कॉलेजों में कई जरूरी पद लंबे समय से खाली हैं। इसी कारण कई जगहों पर आउटसोर्सिंग के जरिए कर्मियों से काम लिया जा रहा था। यह माना जा रहा है कि नियमित बहाली की प्रक्रिया को लेकर तैयारी तेज हो गई है।

यदि नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू होती है तो इससे न केवल विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। छात्रों और अभिभावकों को उम्मीद है कि शिक्षकों की कमी दूर होने से कॉलेजों में पढ़ाई की गुणवत्ता और शैक्षणिक माहौल दोनों बेहतर होंगे।

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