Muzaffarpur News
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Muzaffarpur 2 April : SKJ Law College, मुजफ्फरपुर में 2 अप्रैल 2026 को “Climate Change and Sustainability” विषय पर सेमिनार आयोजित हुआ। विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन को वैश्विक चुनौती बताते हुए वृक्षारोपण, जल संरक्षण, सौर ऊर्जा और प्लास्टिक उपयोग में कमी पर जोर दिया।

SKJ Law College में सेमिनार

SKJ Law College, मुजफ्फरपुर के सेमिनार हॉल में दिनांक 02 अप्रैल 2026 को दोपहर 12:30 बजे “Climate Change and Sustainability” (जलवायु परिवर्तन और सतत् विकास) विषय पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का सफल आयोजन किया गया।

SKJ Law College में सेमिनार
SKJ Law College में सेमिनार

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि रामेश्वर कॉलेज के प्राचार्य प्रो० (डॉ०) श्यामल किशोर, कॉलेज के निदेशक श्री जयंत कुमार तथा प्राचार्य डॉ० के० के० एन० तिवारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

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इस अवसर पर कॉलेज के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ० एस० पी० चौधरी, प्रशासक डॉ० रत्नेश कुमार, सेमिनार संयोजक प्रो० धनंजय कुमार पाण्डेय सहित अनेक शिक्षकगण उपस्थित रहे।

जलवायु परिवर्तन: सबसे बड़ी वैश्विक चुनौती

कार्यक्रम के प्रारंभ में निदेशक श्री जयंत कुमार ने स्वागत संबोधन देते हुए कहा कि
जलवायु परिवर्तन आज मानवता के समक्ष सबसे गंभीर संकट है और इसका समाधान सामूहिक जिम्मेदारी एवं जागरूकता से ही संभव है।

SKJ Law College में सेमिनार
SKJ Law College में सेमिनार

प्राचार्य डॉ० के० के० एन० तिवारी ने अपने वक्तव्य में कहा कि मानव-जनित गतिविधियाँ जैसे जीवाश्म ईंधन का अत्यधिक उपयोग, वनों की कटाई तथा औद्योगिक विकास के कारण ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन बढ़ रहा है, जिससे पृथ्वी का तापमान निरंतर बढ़ रहा है। इसके परिणामस्वरूप प्राकृतिक आपदाओं की आवृत्ति भी बढ़ी है। उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर छोटे-छोटे प्रयासों के महत्व पर बल दिया।

प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना अनिवार्य

मुख्य अतिथि प्रो० (डॉ०) श्यामल किशोर ने अपने संबोधन में कहा कि जलवायु परिवर्तन एक विकराल समस्या का रूप ले चुका है, जिसका मुख्य कारण प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन है। उन्होंने बताया कि इसके दुष्प्रभाव के रूप में असमय सूखा, बाढ़, जल संकट, जैव विविधता में कमी तथा मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव देखने को मिल रहे हैं।

उन्होंने समाधान के रूप में अधिक से अधिक वृक्षारोपण, जीवाश्म ईंधन के उपयोग में कमी, जल संरक्षण, सौर ऊर्जा को बढ़ावा तथा प्लास्टिक के उपयोग में कमी जैसे उपायों को अपनाने पर जोर दिया।

अन्य वक्ताओं की सहभागिता

कार्यक्रम में अपने विचार रखने वाले अन्य वक्ताओं में डॉ० रत्नेश कुमार, डॉ० एस० पी० चौधरी, प्रो० धनंजय कुमार पाण्डेय, प्रो० आशुतोष कुमार (NAAC समन्वयक), प्रो० पंकज कुमार, प्रो० अदिति आनंद, प्रो० विश्वजीत एवं प्रो० अर्चना अनुपम शामिल रहे।

छात्रों की सक्रिय भागीदारी

इस सेमिनार में कॉलेज के सभी शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
छात्रों ने मुख्य अतिथि से प्रश्न पूछकर विषय को गहराई से समझने का प्रयास किया, जिससे कार्यक्रम संवादात्मक एवं ज्ञानवर्धक बन गया।

मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन

कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन प्रो० ए० के० पाण्डेय द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो० आर० ए० सहाय ने प्रस्तुत किया।

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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