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SKJ Law College में हेमंत शाही की 72वीं जयंती पर श्रद्धांजलि, वक्ताओं ने बताया जनसेवा और संघर्ष का प्रेरक प्रतीक

June 6, 2026 | by Goltoo

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Muzaffarpur 6 June : पूर्व मंत्री एवं जननेता स्वर्गीय हेमंत शाही की 72वीं जयंती शनिवार को SKJ Law College परिसर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कॉलेज परिसर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि हेमंत शाही केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि जनसेवा, संघर्ष और युवा नेतृत्व के ऐसे प्रतीक थे, जिनकी स्मृतियां आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं।

SKJ Law College में हेमंत शाही की 72वीं जयंती पर श्रद्धांजलि

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कॉलेज के निदेशक जयंत कुमार ने कहा कि हेमंत शाही ने अपने अपेक्षाकृत छोटे राजनीतिक जीवन में बिहार के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि किसी नेता की पहचान उसके पद या कार्यकाल की अवधि से नहीं, बल्कि समाज पर पड़े उसके प्रभाव से होती है। हेमंत शाही ने सीमित समय में भी जनहित और विकास के ऐसे कार्य किए, जिनकी चर्चा आज भी होती है।

SKJ Law College में हेमंत शाही की 72वीं जयंती पर श्रद्धांजलि
SKJ Law College में हेमंत शाही की 72वीं जयंती पर श्रद्धांजलि

SKJ Law College के प्राचार्य डॉ. के.के.एन. तिवारी तथा हेमंत शाही स्मृति विचार मंच के अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने उन्हें युवाओं की आवाज और उस दौर की धड़कन बताया। उन्होंने कहा कि हेमंत शाही की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण युवाओं से उनका सीधा जुड़ाव था। वे युवाओं की आकांक्षाओं और संघर्षों को समझते थे, इसलिए आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।

हेमंत शाही स्मृति विचार मंच के सचिव प्रो. ब्रजमोहन आजाद ने उनके संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए समाज सेवा का मार्ग चुना। यही संघर्ष उन्हें आम लोगों के दुख-दर्द से जोड़ता था। उन्होंने कहा कि हेमंत शाही का जीवन इस बात का उदाहरण है कि व्यक्तिगत चुनौतियां भी समाज परिवर्तन की प्रेरणा बन सकती हैं।

SKJ Law College में हेमंत शाही की 72वीं जयंती पर श्रद्धांजलि
SKJ Law College में हेमंत शाही की 72वीं जयंती पर श्रद्धांजलि

कार्यक्रम में कॉलेज के एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी एवं मीडिया प्रभारी डॉ. एस.पी. चौधरी ने कहा कि हेमंत शाही की सबसे बड़ी विशेषता उनकी सहजता और सभी वर्गों के लोगों के लिए उपलब्धता थी। वे बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति की समस्या सुनते थे और उसके समाधान के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करते थे। यही कारण है कि वे लोगों के दिलों में आज भी विशेष स्थान रखते हैं।

इस अवसर पर कॉलेज के प्रशासक डॉ. रत्नेश कुमार, प्रो. पंकज कुमार, प्रो. आर.ए. सहाय, डॉ. सुनील कुमार, प्रो. पी.के. सदन, वित्त पदाधिकारी उज्ज्वल कुमार, विवेक कुमार, नीरा कुमारी, प्रो. बी.एम. दीक्षित, प्रो. अभिषेक आनंद, प्रेम भूषण कुमार, अशोक सिंह, रीमा देवी, विजय कुमार, बिट्टू कुमार और हिमांशु सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी और छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रो. आर.ए. सहाय ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

संघर्ष, सेवा और नेतृत्व की मिसाल

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि हेमंत शाही का जीवन इस बात का प्रमाण है कि सच्चा नेतृत्व सत्ता की अवधि से नहीं, बल्कि समाज पर पड़े सकारात्मक प्रभाव से मापा जाता है। उनकी जनसेवा, युवाओं के प्रति समर्पण और आम लोगों से जुड़ाव आज भी प्रासंगिक है। उनकी जयंती केवल एक स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि समाज और युवाओं के लिए प्रेरणा लेने का भी अवसर है।

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