Muzaffarpur News
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Muzaffarpur 25 January : बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं क्लाइमेट चेंज विभाग द्वारा सिटीजन साइंस के तहत Tirhut Forest Division के वेटलैंड्स में एशियन वॉटरबर्ड सेंसस-26 किया जा रहा है। सेंसस के पहले दिन मणिका मन, सिकंदरपुर मन एवं बूढ़ी गंडक नदी में पक्षी गणना की गई, जिसमें विशेषज्ञों व वन विभाग की टीम शामिल रही।

Tirhut Forest Division वेटलैंड्स एशियन वॉटरबर्ड सेंसस-26

सिटीजन साइंस के तहत बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं क्लाइमेट चेंज विभाग द्वारा Tirhut Forest Division के अंतर्गत स्थित विभिन्न वेटलैंड्स में एशियन वॉटरबर्ड सेंसस–26 का कार्य किया जा रहा है। इस सेंसस के तहत मनिका मन, झपहा मन, कांति मन, बनियाराही, नेकनामपुर, कोठिया मन, मोती झील, बूढ़ी गंडक नदी एवं नरसन चौर में जलपक्षियों की गणना की जाएगी।

एशियन वॉटरबर्ड सेंसस–26 के लिए वन विभाग द्वारा नामित एस. एन. एस. कॉलेज, हाजीपुर के जन्तु विज्ञान विभागाध्यक्ष सह एशियन वॉटरबर्ड सेंसस (एडब्लूसी) कोऑर्डिनेटर डॉ. सत्येन्द्र कुमार (डी.एस-सी.) ने अपनी टीम के साथ सेंसस के पहले दिन मणिका मन, सिकंदरपुर मन एवं बूढ़ी गंडक नदी में पक्षी गणना का कार्य किया।

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Tirhut Forest Division वेटलैंड्स एशियन वॉटरबर्ड सेंसस-26
Tirhut Forest Division वेटलैंड्स एशियन वॉटरबर्ड सेंसस-26

डॉ. सत्येन्द्र कुमार की टीम में रामेश्वर सिंह कॉलेज के जन्तु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. धीरज कुमार, आर.डी.एस. कॉलेज के जन्तु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष मिश्रा, पी.जी. जन्तु विज्ञान विभाग से डॉ. अनीता कुमारी, पक्षी शोधार्थी अनुपमा जसवाल, जन्तु विज्ञान की शोध छात्रा खुशबू कुमारी, आर.एन. कॉलेज हाजीपुर के जन्तु विज्ञान के छात्र कुमार अनंत शामिल थे। वहीं वन विभाग की ओर से फॉरेस्टर स्मिता एवं वनरक्षी सूरज ने भी सेंसस कार्य में सहभागिता निभाई।

सेंसस कार्य की समुचित व्यवस्था तिरहुत वन प्रमंडल पदाधिकारी नरेंद्र पाल सिंह, आई.एफ.एस. एवं रेंज ऑफिसर विकास द्वारा की गई। सेंसस के दौरान मणिका मन क्षेत्र में लगभग 20 प्रजातियों की चिड़ियां देखी गईं, जबकि सिकंदरपुर मन एवं बूढ़ी गंडक नदी क्षेत्र में मात्र दो–तीन प्रजातियां ही टीम को नजर आईं।

इस अवसर पर डॉ. सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि सिटीजन साइंस के माध्यम से प्रकृति एवं मानव जीवन से जुड़ी छोटी-बड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि धरती तेजी से क्लाइमेट चेंज की दिशा में बढ़ रही है, जिसे आम लोग भी महसूस करने लगे हैं, ऐसे में वैज्ञानिक तथ्यों और जानकारियों का जन-जन तक पहुंचना आवश्यक है ताकि जलवायु परिवर्तन को रोकने की दिशा में सामूहिक प्रयास किए जा सकें।

वहीं डॉ. धीरज कुमार ने पक्षियों की घटती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह समाज के लिए गंभीर संकेत है और इस पर सभी को सजग होकर संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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