Uttrakhand Haldwani Railway Encroachment Case हल्द्वानी में हजारों घरों को राहत सुप्रीम कोर्ट से, नहीं चलेगा बुलडोजर
January 5, 2023 | by Goltoo
Haldwani 5 January : उत्तराखंड के हल्द्वानी में अब हजारों घरों को राहत सुप्रीम कोर्ट ने, नहीं चलेगा बुलडोजर
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने के उत्तराखंड हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है.

आपको बता दें हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में रेलवे की भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया था इलाके को खाली करने के लिए जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार और भारतीय रेलवे को नोटिस जारी कर, इस पर रोक लगा दी है. उत्तराखंड हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसे मानवीय मामला बताते हुए इस पर रोक लगा दी है. 7 फरवरी को अगली सुनवाई होनी है. उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश के बाद हल्द्वानी में विरोध और दिल्ली के शाहीन बाग के विरोध की तरह यहां भारी विरोध देखा गया था. 7 दिनों की चेतावनी के बाद बुलडोजर से गिराने के आदेश उत्तराखंड हाई कोर्ट ने दिए थे.

20 दिसंबर 2022 को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हल्द्वानी में रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए आदेश दिए थे. लगभग 30 एकड़ के क्षेत्र में 2 किलोमीटर के इलाके में रेलवे की भूमि पर लोग अवैध रूप से रह रहे हैं. इन इलाकों में लगभग 4000 मकान हैं. 11 निजी स्कूल. 4 सरकारी स्कूल. चार बैंक. चार मंदिर और 11 मस्जिद भी है. इन सभी का निर्माण 1 दिन में नहीं हुआ होगा. हल्द्वानी में आम आदमी भी जानता है कि रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण कर लोग रह रहे हैं.
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स्थानीय निवासियों का कहना है कि 2016 में रेलवे ने कहा था 30 एकड़ की जमीन पर अवैध अतिक्रमण है पर वे अब 78 एकड़ जमीन पर जवाब कर रहे हैं. रेलवे सुरक्षा बल की 10 कंपनियां जल्द ही हल्द्वानी में तैनात करने की तैयारी चल रही है. रेलवे परिसर के आसपास मुस्लिम बहुल इलाके को बनभूलपुरा कहते हैं. इस इलाके में कथित रूप से रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा कर हजारों लोगों ने घर बनाकर कब्जा कर रखा है. अब यहाँ बड़ी आबादी रहने लगी है और धीरे-धीरे पक्का मकान भी बन गया. मस्जिद ,बैंक, स्कूल बनते रहे और कोई रोकने वाला नहीं था. इसके विरोध में शाहीन बाग की तर्ज पर हल्द्वानी में विरोध की शुरुआत हो गई थी, पर सुप्रीम कोर्ट के रोक लगाने के बाद लोगों ने राहत ली है और मिठाइयां भी पार्टी है.
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Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।
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