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Bihar University के कुलपति के 100 दिनों का कार्यकाल: अद्वितीय प्रयास और परिणाम

Bihar University के कुलपति के 100 दिनों का कार्यकाल Bihar University के कुलपति के 100 दिनों का कार्यकाल
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Muzaffarpur 11 May : आज बाबा साहब भीमराव अंबेडकर Bihar University मुजफ्फरपुर के कुलपति के कार्य अवधि के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष में बिहार विश्वविद्यालय के नवीन अतिथि शाला में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया जिसमें विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारी, विभिन्न संकायों के संकायअध्यक्ष और सभी पत्र समूहों के विशिष्ट पत्रकार एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार उपस्थित थे.

Bihar University के कुलपति के 100 दिनों का कार्यकाल

कार्यक्रम की शुरुआत में विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी प्रोफेसर राजीव कुमार झा ने कुलपति और विश्वविद्यालय के समस्त पदाधिकारी का स्वागत करते हुए कहा कि काशी की पांडित्य परंपरा से लोकतंत्र की आदि भूमि पर माननीय कुलपति का आगमन हुआ है और उन्होंने आते-आते अतीत के अंधकार को अपने व्यक्तित्व के प्रकार से चमत्कृत किया है. स्वल्पकाल में ही विश्वविद्यालय की गतिविधियों पर उनके उच्च आदर्शों की छाप पड़ी है.

Bihar University के कुलपति के 100 दिनों का कार्यकाल
Bihar University के कुलपति के 100 दिनों का कार्यकाल

बाद में माननीय कुलपति ने पत्रकारों को अपने कार्यकाल के विजन और मिशन के बारे में विस्तार से बताया. साथ ही विगत 100 दिनों में किए गए कार्यकारी प्रस्तुत किया. कुलपति ने अपने कार्यों का बुरा देते हुए कहा कि उन्होंने महाविद्यालयो और परीक्षा केदो का सघन दौड़ा किया है. अब परीक्षा की गुणवत्ता में गुणात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है. प्रत्येक सोमवार को छात्र संवाद आयोजित किया जा रहा है जिससे छात्रों को उनके किसी कार्यों में परेशानी नहीं हो.

Bihar University के कुलपति के 100 दिनों का कार्यकाल
Bihar University के कुलपति के 100 दिनों का कार्यकाल

विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट सेल की स्थापना की गई है. बिहार के सभी विश्वविद्यालय से पहले छात्र हित में डिजिलॉकर सुविधा प्रदान की गई है. विश्वविद्यालय की स्थापना काल से ही पहली बार सीनेट की बैठक में माननीय कुलपति का आगमन विश्वविद्यालय की गरिमा को बढ़ाने वाला रहा. विश्वविद्यालय ने सफलतापूर्वक पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन का आयोजन संपन्न किया. विभिन्न विश्वविद्यालय और संस्थाओं के साथ एमओयू हस्ताक्षर किए गए.

विश्वविद्यालय में वर्षों बाद छात्र-छात्रा अंतर विश्वविद्यालय खेलों में सहभागिता के लिए प्रस्ताव भेजा गया और पहली बार अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में कई पुरस्कार जीते और विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया. विश्वविद्यालय में पहली बार सेवानिवृत्ति शिक्षकों को सेवानिवृत्ति के दिन ही उनके सभी सेवांत लाभ प्रदान कर दिए गए और कुलपति ने आश्वस्त किया कि आगे यह व्यवस्था बनी रहेगी.

NAAC की तैयारी की गतिशीलता पर निदेशक प्रोफेसर कल्याण कुमार झा ने अपनी बात रखी. यूजीसी-एमएमटीटीसी के क्रियाकलापों के बारे में निदेशक प्रोफेसर राजीव कुमार झा ने सभी अधिकारियों एवं पत्र पत्रकारों के समक्ष आगामी सत्र के पाठ्यक्रमों की जानकारी दी.

इस अवसर पर छात्र कल्याण ने बेतिया में कुलपति के आदेश अनुसार विश्वविद्यालय के एक्सटेंशन काउंटर के बारे में सूचित किया कल अनुशासन ने विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासन बना रहे इस संबंध में बताया कि माननीय कुलपति ने विश्वविद्यालय ने परिसर भ्रमण के लिए एक वाहन उपलब्ध कराया है.

कार्यक्रम के समापन पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर संजय कुमार ने शेष महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए और सभी प्रतिभागियों को हार्दिक धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया।

कुलपति के नेतृत्व में पहले 100 दिनों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के लिए एक आशाजनक प्रक्षेप पथ स्थापित किया है, जिससे शैक्षणिक उत्कृष्टता और प्रगतिशील सुधारों के युग की शुरुआत हुई है।

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