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Prof. Dinesh Chandra Rai की बड़ी उपलब्धि: ड्रैगन फ्रूट के छिलकों से दही को बनाया और पौष्टिक, शोध प्रकाशित

October 28, 2025 | by Goltoo

Prof. Dinesh Chandra Rai की बड़ी उपलब्धि

Muzaffarpur 28 October : बी.आर.ए बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति और बीएचयू के सीनियर प्रोफेसर Prof. Dinesh Chandra Rai ने खाद्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

Prof. Dinesh Chandra Rai की बड़ी उपलब्धि

Prof. Dinesh Chandra Rai का यह शोध-पत्र उच्च गुणवत्ता वाले Q1 जर्नल फूड केमिस्ट्री: एडवांसेज़ में प्रकाशित हुआ है। इस जर्नल का इम्पैक्ट फैक्टर लगभग 4.8 है। शोध में ड्रैगन फ्रूट के छिलकों का उपयोग करके दही को कैसे और पौष्टिक बनाया जाए, इस पर वैज्ञानिक पद्धतियों से रिसर्च किया गया। इसमें वैज्ञानिक रूप से बताया गया है कि कैसे छोड़े गए ड्रैगन फ्रूट के छिलके—जो एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर से भरपूर होते हैं—को दही जैसे खाद्य उत्पादों के लिए एक प्रीमियम और पौष्टिक घटक में बदला जा सकता है।

Prof. Dinesh Chandra Rai की बड़ी उपलब्धि

प्रो. राय ने बताया कि यह अध्ययन ‘न्यूट्रिएंट सर्कुलैरिटी’ के सिद्धांत पर आधारित है। प्रो. राय ने कहा, “हमारा मूल संदेश है कि हमें ‘अपशिष्ट’ को ‘संसाधन’ मानना शुरू करना होगा। ड्रैगन फ्रूट के छिलके जैसे कृषि उत्पाद कचरा नहीं, बल्कि स्वास्थ्यवर्धक तत्वों का भंडार हैं। उन्होंने कहा कि, यह नया रिसर्च खाद्य उद्योग को तीन तरह के लाभ देगी। यह जैविक कचरे को बड़े पैमाने पर कम करेगी, प्राकृतिक और ‘क्लीन-लेबल’ घटक प्रदान करेगी, और अंतिम उत्पाद के पोषण मूल्य को बढ़ाएगी।

उन्होंने आगे कहा, इससे फूड इंडस्ट्री महंगे, कृत्रिम पदार्थों के बजाय प्राकृतिक चीजों का उपयोग करके अगली पीढ़ी के कार्यात्मक खाद्य विकसित कर सकेगी। यह मॉडल मजबूत, दोहराने योग्य और भारत में व्यावसायिक उत्पादन के लिए तैयार है। यह शोध पत्र न्याटो रीबा, मनीष कुमार सिंह, और शंकर लाल के साथ मिलकर लिखा गया है।

Prof. Dinesh Chandra Rai ने इस रिसर्च सफलता का श्रेय अपनी टीम को देते हुए कहा, “इस उच्च-प्रभाव वाले कार्य का श्रेय मेरी समर्पित और प्रतिभाशाली शोध टीम को जाता है। उनका अथक परिश्रम और बौद्धिक क्षमता ही इन शोध सफलताओं को संभव बनाती है। वर्तमान शोध में तीन उच्च स्तरीय संस्थाओं-मिज़ोरम विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के शोधकर्ता और वैज्ञानिक शामिल थे । जिसमें न्याटो रीबा और मनीष कुमार सिंह प्रमुख हैं।

प्रो. राय की शोध उपलब्धियों पर बीएचयू और बी.आर. अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय के शैक्षणिक समुदाय और पूर्व छात्र संघों ने हार्दिक बधाई दी है।

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