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RDS College में 8 राज्यों से 181 प्रतिभागियों की सहभागिता के साथ राष्ट्रीय वैदिक गणित कार्यशाला–2025 का शुभारंभ

RDS College में 8 राज्यों से 181 प्रतिभागियों की सहभागिता के साथ राष्ट्रीय वैदिक गणित कार्यशाला–2025 का शुभारंभ RDS College में 8 राज्यों से 181 प्रतिभागियों की सहभागिता के साथ राष्ट्रीय वैदिक गणित कार्यशाला–2025 का शुभारंभ
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Muzaffarpur 8 December : RDS College , मुजफ्फरपुर में आइक्यूएसी एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय वैदिक गणित कार्यशाला–2025 के उद्घाटन सत्र में प्रो. पी. के. बाजपेई ने कहा कि वैदिक गणित प्रकृति की भाषा है। कार्यशाला में 8 राज्यों से 181 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। आरडीएस कॉलेज में जल्द वैदिक गणित केंद्र तथा विश्वविद्यालय में सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्स शुरू करने की तैयारी की घोषणा भी की गई।

RDS College प्रो. पी. के. बाजपेई ने कहा: “वैदिक गणित प्रकृति की भाषा है”

*राष्ट्रीय वैदिक गणित कार्यशाला में विभिन्न राज्यों सिक्किम, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, नई दिल्ली, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार से कुल 181 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें शिक्षक, शोधार्थी और छात्र मौजूद रहे।
*रामदयालु सिंह महाविद्यालय में जल्द ही वैदिक गणित केंद्र खोला जाएगा।
*विश्वविद्यालय में जल्द ही वैदिक गणित पर सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स को भी सरकार के सहयोग से लाने का प्रयास किया जाएगा।

RDS College में 8 राज्यों से 181 प्रतिभागियों की सहभागिता के साथ राष्ट्रीय वैदिक गणित कार्यशाला–2025 का शुभारंभ

रामदयालु सिंह महाविद्यालय आइ क्यू ए सी एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, उत्तर बिहार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय वैदिक गणित कार्यशाला- 2025 के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो पी के बाजपेई, कुलपति जेपी विश्वविद्यालय छपरा, ने अपने उद्बोधन में कहा कि वैदिक गणित प्रकृति की भाषा है। यह वेदों से निकली है और प्रकृति के नियमों के अनुरूप, अत्यंत सरल, तेज और रचनात्मक तरीके से गणना करने में मदद करती है।

RDS College में 8 राज्यों से 181 प्रतिभागियों की सहभागिता के साथ राष्ट्रीय वैदिक गणित कार्यशाला–2025 का शुभारंभ

वैदिक गणित की विधियां प्रकृति की तरह सहज, सुसंगत और एकीकृत होती है। यह मानसिक सतर्कता, तार्किक सोच और अंतर्ज्ञान को विकसित करती है। इससे मानवीय मन की रचनात्मकता और सहज ज्ञान को बल मिलता है। आगे उन्होंने कहा कि वैदिक गणित और दर्शनशास्त्र का गहरा संबंध है। वैदिक गणित भारतीय ज्ञान परंपरा का एक अहम हिस्सा है, जो वेदों से निकली है जहां गणित को अध्यात्म और ब्रह्मांड के गूढ़ रहस्यों से जोड़ा गया है।

RDS College में 8 राज्यों से 181 प्रतिभागियों की सहभागिता के साथ राष्ट्रीय वैदिक गणित कार्यशाला–2025 का शुभारंभ

मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय सहसंयोजक वैदिक गणित शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के डॉ राकेश भाटिया ने कहा कि वैदिक गणित एक अमूल्य और समृद्ध “ज्ञान की पूंजी” है। यह प्राचीन भारतीय ऋषियों द्वारा वेदों से ली गई 16 प्रमुख सूत्रों और 13 उपसूत्रों पर आधारित है। यह प्रणाली जटिल गणितीय समस्याओं को हल करने के लिए अत्यंत सरल, तेज और मानसिक गणना पर केंद्रित विधियां प्रदान करती है।

RDS College में 8 राज्यों से 181 प्रतिभागियों की सहभागिता के साथ राष्ट्रीय वैदिक गणित कार्यशाला–2025 का शुभारंभ

वैदिक गणित की परंपरा को आगे बढ़ाने का दायित्व हम सबों पर है। यह न केवल प्राचीन भारतीय ज्ञान के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आधुनिक शिक्षा और गणितीय कौशल में सुधार के लिए आवश्यक है। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के प्रयास से वैदिक गणित में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स को पूरे देश के विश्वविद्यालय में लागू कराने का प्रयास किया जाएगा।

RDS College में 8 राज्यों से 181 प्रतिभागियों की सहभागिता के साथ राष्ट्रीय वैदिक गणित कार्यशाला–2025 का शुभारंभ

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सह-संयोजक व भारतीय भाषा मंच के राष्ट्रीय संयोजक प्रो राजेश्वर कुमार ने कहा कि गणित भारत का जीवन दर्शन है। गणित के बिना ज्ञान आधारित समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है। कोरोना काल में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के तत्वावधान में ऑनलाइन माध्यम से वैदिक गणित पर कई कार्यक्रम चलाए गए। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास 18 विषयों को केंद्र में रखकर कार्यक्रम कर रहा है। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास भारतीय ज्ञान परंपरा की पुनर्स्थापना की दिशा में विशेष पहल कर रहा है। आज पूरे विश्व के सामने जो चुनौतियां हैं, उसका उत्तर व समाधान भारतीय ज्ञान परंपरा में ही निहित है।

RDS College में 8 राज्यों से 181 प्रतिभागियों की सहभागिता के साथ राष्ट्रीय वैदिक गणित कार्यशाला–2025 का शुभारंभ

प्राचार्य डॉ शशि भूषण कुमार ने अतिथियों का स्वागत अंग वस्त्रम एवं पौधा देकर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वैदिक गणित पर यह राष्ट्रीय कार्यशाला बिहार विश्वविद्यालय में पहली बार हो रहा है। यह कार्यशाला छात्रों एवं शिक्षकों को भारतीय गणित के समृद्ध परंपरा से जोड़ने में सफल होगा। उन्होंने कार्यक्रम संयोजक, सहसंयोजक एवं ऑर्गेनाइजिंग कमिटी के सभी सदस्यों को साधुवाद दिया।

RDS College में 8 राज्यों से 181 प्रतिभागियों की सहभागिता के साथ राष्ट्रीय वैदिक गणित कार्यशाला–2025 का शुभारंभ

“शैक्षणिक सत्र”
शैक्षणिक सत्र के प्रथम सत्र में समन्वयक डॉ रजनीकांत के निर्देशन में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के सह- संयोजक डॉ राकेश भाटिया द्वारा वैदिक गणित और उसके सूत्रों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से गणित के जटिल समस्याओं को तेजी से समाधान करने के सूत्रों को विस्तार पूर्वक बताया।

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दूसरे सत्र के समन्वयक डॉ सौरभ राज के निर्देशन में विषय विशेषज्ञ विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग के प्रो विमल कुमार मिश्रा ने “प्राचीन भारत में गणित का योगदान” विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम के सहसंयोजक डॉ आलोक त्रिपाठी ने किया। विषय प्रवेश कार्यक्रम संयोजक डॉ भगवान कुमार ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ हसन रजा ने किया।


मौके पर विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, कॉलेज शिक्षक गण, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

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