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Muzaffarpur में ‘Rangeela Phagun’ सांस्कृतिक सह सम्मान समारोह सम्पन्न, कला-साहित्य व खेल क्षेत्र की प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

February 23, 2026 | by Goltoo

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Muzaffarpur 23 February : चित्रांश खेल एवं सांस्कृतिक मंच एवं टी.ओ.एस. के संयुक्त तत्वाधान में नयाटोला स्थित थ्योसोफिकल लॉज में ‘Rangeela Phagun’ सांस्कृतिक सह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गीत-संगीत, कविता पाठ के साथ कला, साहित्य, पेंटिंग और खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।

Muzaffarpur में ‘Rangeela Phagun’ सांस्कृतिक सह सम्मान समारोह

चित्रांश खेल एवं सांस्कृतिक मंच एवं टी.ओ.एस. के संयुक्त तत्वाधान में ‘Rangeela Phagun’ ‘रंगीला फागुन’ सांस्कृतिक सह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन नयाटोला स्थित थ्योसोफिकल लॉज के प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सम्मान समारोह ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

Muzaffarpur में ‘Rangeela Phagun’ सांस्कृतिक सह सम्मान समारोह
Muzaffarpur में ‘Rangeela Phagun’ सांस्कृतिक सह सम्मान समारोह

सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मनीष कुमार, प्रमोद कुमार सिन्हा, पंकज कर्ण, समीर सम्राट, किरण कुमारी और नवनीता ने अपने मधुर गीतों से श्रोताओं का दिल जीत लिया। वहीं पंकज बसंत एवं श्यामल कुमार ने अपनी प्रभावशाली कविताओं का पाठ कर साहित्यिक माहौल को जीवंत बना दिया।

समारोह के दौरान चितरंजन सिन्हा ‘कनक’, डॉ. शैलेन्द्र कुमार और अलका वर्मा को सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए पंकज बसंत, श्यामल कुमार और पंकज कर्ण को सम्मान प्रदान किया गया। पेंटिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु मुकेश सोना, सोनारीका श्रीवास्तव और स्वेता श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया। वहीं खेल क्षेत्र में योगदान के लिए अजित गौर, अखिलेश मणि, राहुल श्रीवास्तव, मनोज डाच्ची, मुकुल सरण और अमिताभ रंजन सिन्हा को सम्मान दिया गया।

कार्यक्रम का सफल संचालन उभय रंजन ने किया, जबकि राजेश कुमार सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। समारोह में के.के. सिन्हा, राजीव कुमार सिन्हा, संजय कुमार सिन्हा, अरुण कुमार सिन्हा, शशि प्रकाश, चंचल श्रीवास्तव, सुधांशु कुमार, आनंद कुमार, चंदेश्वर प्रसाद और राकेश सम्राट सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

‘रंगीला फागुन’ समारोह ने सामाजिक एकता, सांस्कृतिक समरसता और प्रतिभाओं के सम्मान का संदेश दिया।

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