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Bharti Shikshak Prashikshan Mahavidyalay : आचार्य चयन साक्षात्कार परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न

Bharti Shikshak Prashikshan Mahavidyalay : आचार्य चयन साक्षात्कार Bharti Shikshak Prashikshan Mahavidyalay : आचार्य चयन साक्षात्कार
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Muzaffarpur 9 March : Bharti Shikshak Prashikshan Mahavidyalay में 8 और 9 मार्च 2026 को आयोजित आचार्य चयन साक्षात्कार परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। लगभग 1200 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। सरस्वती विद्या मंदिर से जुड़े विशेषज्ञों और प्राध्यापकों ने विषय विशेषज्ञ के रूप में साक्षात्कार लिया।

Bharti Shikshak Prashikshan Mahavidyalay : आचार्य चयन साक्षात्कार

आचार्य चयन साक्षात्कार परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न, लगभग 200 परीक्षार्थियों ने लिया भाग l

दिनांक 8 एवं 9 मार्च 2026 को आचार्य चयन परीक्षा के परिणाम घोषित होने के पश्चात आचार्य चयन साक्षात्कार परीक्षा का आयोजन किया गया। इस साक्षात्कार परीक्षा में लगभग 1200 परीक्षार्थियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर से संबंधित विभिन्न संस्थाओं के विशेषज्ञों, विभिन्न विषयों के विद्वानों तथा महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने विषय विशेषज्ञ के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और परीक्षार्थियों का साक्षात्कार लिया।

Bharti Shikshak Prashikshan Mahavidyalay : आचार्य चयन साक्षात्कार
Bharti Shikshak Prashikshan Mahavidyalay : आचार्य चयन साक्षात्कार

साक्षात्कार परीक्षा के दौरान लोक शिक्षा समिति के प्रदेश सचिव श्री रामलाल सिंह जी, विभाग निरीक्षक श्री राजेश कुमार रंजन जी, श्री ललित कुमार राय जी, श्री कृष्ण प्रसाद जी सहित अन्य पूर्णकालिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

यह साक्षात्कार परीक्षा अत्यंत सुव्यवस्थित एवं अनुशासित वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार पाल के साथ सभी प्राध्यापकगण एवं कार्यकर्ता बंधु उपस्थित रहे। सभी ने अपनी प्रतिबद्धता और सहयोग से इस परीक्षा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

साक्षात्कार प्रक्रिया के दौरान प्रदेश सचिव श्री रामलाल सिंह जी ने उपस्थित भावी शिक्षकों एवं चयनित होने वाले शिक्षकों को संबोधित करते हुए एक प्रेरणादायी बौद्धिक दिया। उन्होंने कहा कि सरस्वती विद्या मंदिर के शिक्षक केवल पाठ पढ़ाने वाले नहीं होते, बल्कि वे राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण स्तंभ होते हैं। उन्होंने सभी भावी शिक्षकों से आह्वान किया कि वे देशहित, राष्ट्रहित तथा “विकसित भारत” के संकल्प को ध्यान में रखते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें तथा विद्यार्थियों में संस्कार, ज्ञान और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करें।

उन्होंने आगे कहा कि शिक्षक ही वह शक्ति है जो आने वाली पीढ़ी को सही दिशा देता है और समाज को सशक्त बनाता है, इसलिए शिक्षक का कार्य केवल एक पेशा नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का महान दायित्व है।

उक्त जानकारी भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के मीडिया प्रमुख डॉ. सौरभ कुमार ने देते हुए बताया कि यह साक्षात्कार परीक्षा अत्यंत सफलतापूर्वक एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई। उपस्थित सभी ने इसे शिक्षा और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

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