BRABU New Degree College में बर्सर तैनात, वित्तीय अनुशासन पर रहेगा खास फोकस
June 9, 2026 | by Goltoo
Muzaffarpur 9 June : BRABU New Degree College में बर्सर की तैनाती की है। नए कॉलेजों में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है।
BRABU का बड़ा फैसला: BRABU New Degree College में बर्सर तैनात
बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने राज्य के 39 नवस्थापित सरकारी डिग्री कॉलेजों में बर्सर (Bursar) की प्रतिनियुक्ति कर प्रशासनिक एवं वित्तीय व्यवस्था को सुदृढ़ करने की पहल की है।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना (ज्ञापन संख्या B/2574) के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-30 के सफल संचालन और नए कॉलेजों में वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इसके तहत विभिन्न अंगीभूत कॉलेजों के 39 शिक्षकों को अतिरिक्त जिम्मेदारी देते हुए नए सरकारी महाविद्यालयों में बर्सर के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है।
BRABU New Degree College क्या होती है बर्सर की भूमिका?
किसी भी शैक्षणिक संस्थान में बर्सर को वित्तीय प्रबंधन का प्रमुख अधिकारी माना जाता है। बर्सर संस्थान के बजट, व्यय, लेखा-जोखा और वित्तीय पारदर्शिता की निगरानी करता है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि नए कॉलेजों के शुरुआती चरण में मजबूत वित्तीय नियंत्रण से संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
विश्वविद्यालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था “प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन एवं वित्तीय अनुशासन बनाए रखने” के उद्देश्य से लागू की गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों के कॉलेजों पर विशेष फोकस
BRABU ने जिन 39 कॉलेजों में बर्सर तैनात किए हैं, उनमें बड़ी संख्या पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, शिवहर और वैशाली जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित है।
पूर्वी चंपारण के संग्रामपुर, बंजरिया, मेहसी, सुगौली, तुरकौलिया और तेतरिया जैसे क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। वहीं सीतामढ़ी जिले के नानपुर, बाजपट्टी, बोखरा, परसौनी, रुन्नी सैदपुर और सोनबरसा में भी नियुक्तियां की गई हैं।
मुजफ्फरपुर जिले के औराई, गायघाट और बोचहां स्थित नए सरकारी कॉलेजों में भी अनुभवी शिक्षकों को वित्तीय जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस प्रतिनियुक्ति को तत्काल प्रभाव से लागू किया है। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि संबंधित शिक्षक “तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त माने जाएंगे” और उन्हें अपने नए संस्थान में योगदान देना होगा।
शिक्षा जगत के जानकारों का मानना है कि यह कदम दर्शाता है कि विश्वविद्यालय नए कॉलेजों को शीघ्र गति से क्रियाशील बनाने के लिए मिशन मोड में काम कर रहा है।
BRABU New Degree College : अनुभवी शिक्षकों को मिली जिम्मेदारी
विश्वविद्यालय ने अनुभवी शिक्षकों को नए कॉलेजों की प्रशासनिक एवं वित्तीय व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी है। इसके तहत:
- एम.एस. कॉलेज, मोतिहारी के डॉ. मनोहर कुमार श्रीवास्तव को राजकीय डिग्री महाविद्यालय, संग्रामपुर भेजा गया है।
- एल.एन.टी. कॉलेज, मुजफ्फरपुर के डॉ. मो. एजाज अनवर को राजकीय डिग्री महाविद्यालय, नानपुर (सीतामढ़ी) में प्रतिनियुक्त किया गया है।
- एल.एस. कॉलेज, मुजफ्फरपुर के डॉ. अर्धेंदु को राजकीय डिग्री महाविद्यालय, गायघाट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
Bihar के 211 नए डिग्री कॉलेजों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति पर फिलहाल रोक, राज्यपाल सचिवालय ने जारी किया परामर्श https://t.co/9D5AeVMEv6 #Bihar #news @brabu_ac_in @DineshCRai pic.twitter.com/tbfRHqFLZz
— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) June 8, 2026
पारदर्शिता बढ़ाने की पहल
इस बार विश्वविद्यालय ने जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिनियुक्त शिक्षकों के संपर्क विवरण भी आधिकारिक आदेश में शामिल किए हैं। इससे संबंधित कॉलेजों और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है।
उच्च शिक्षा में नए मॉडल की शुरुआत
शिक्षकों को शैक्षणिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ वित्तीय प्रबंधन की भूमिका सौंपना बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था में एक नया प्रयोग माना जा रहा है। विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे नए सरकारी कॉलेजों में प्रशासनिक स्थिरता, वित्तीय पारदर्शिता और संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि यह मॉडल आने वाले वर्षों में नए कॉलेजों की गुणवत्ता, प्रशासनिक दक्षता और वित्तीय अनुशासन को कितना मजबूत बना पाता है।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।
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