32वीं राज्य स्तरीय Children’s Science Congress 2026 की तैयारी शुरू, वैशाली में शिक्षकों का प्रशिक्षण
July 14, 2026 | by Goltoo
Hajipur/Viashali 14 July : वैशाली में 32वीं राज्य स्तरीय Children’s Science Congress 2026 के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू। डॉ. सत्येन्द्र कुमार ने जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर।
32वीं राज्य स्तरीय Children’s Science Congress 2026 की तैयारी शुरू
32वीं राज्य स्तरीय Children’s Science Congress 2026 की तैयारियों के तहत वैशाली जिले में शिक्षकों के लिए तीन दिवसीय दिशानिर्देशन एवं प्रशिक्षण कार्यशाला की शुरुआत हो गई है। साइंस फॉर सोसाइटी, वैशाली इकाई की ओर से आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन हाजीपुर स्थित डायट परिसर में किया जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य माध्यमिक, उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को बाल विज्ञान कांग्रेस के मुख्य विषय और उप-विषयों से परिचित कराना तथा विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
कार्यशाला का आयोजन 13, 15 और 17 जुलाई को वैशाली जिले के तीनों अनुमंडलों के शिक्षकों के लिए चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। पहले दिन महनार अनुमंडल के शिक्षकों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। कार्यक्रम में साइंस फॉर सोसाइटी, वैशाली इकाई के अध्यक्ष डॉ. नवल किशोर शर्मा, एकेडमिक कॉर्डिनेटर एवं एस.एन.एस. कॉलेज, हाजीपुर के जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सत्येन्द्र कुमार तथा कॉर्डिनेटर सीमा सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षकों की सहभागिता रही।

इस वर्ष 32वीं राज्य स्तरीय Children’s Science Congress 2026 का मुख्य विषय “Science and Innovation for Sustainability” रखा गया है। इसके अंतर्गत पांच उप-विषयों—R5 आधारित अपशिष्ट (कचरा) प्रबंधन, ऊर्जा के लिए E4 (अन्वेषण, प्रयोग, संवर्धन और विकास), वर्षा जल संचयन एवं जल संरक्षण, भोजन, कृषि और स्वास्थ्य, तथा निरंतरता के लिए भारतीय ज्ञान प्रणालियों का अनुप्रयोग—पर विद्यार्थियों को शोध आधारित परियोजनाएं तैयार करनी होंगी। डॉ. नवल किशोर शर्मा ने इन सभी विषयों की उपयोगिता और वैज्ञानिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ. सत्येन्द्र बोले- जल संचयन मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक
कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. सत्येन्द्र कुमार ने विशेष रूप से वर्षा जल संचयन, जल संसाधनों के संरक्षण, पुनर्चक्रण और अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “आने वाले समय में जल संचयन मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक होगा। इसलिए इस विषय पर गंभीर चिंतन के साथ-साथ व्यवहारिक स्तर पर कार्य करना भी जरूरी है।” उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने के प्रति जागरूक करें ताकि भविष्य की पीढ़ी सतत विकास के लक्ष्यों में प्रभावी योगदान दे सके।
Cervical Cancer Awareness in RBBM College Muzaffarpur https://t.co/vXFA1sFsMy @brabu_ac_in pic.twitter.com/nLKUEYk4PL
— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) July 13, 2026
कार्यक्रम के दौरान कॉर्डिनेटर सीमा सिंह ने प्रतिभागियों को शोध परियोजना की प्रस्तुति, रिपोर्ट लेखन, मॉडल तैयार करने की तकनीक और प्रभावी प्रेजेंटेशन शैली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल विज्ञान कांग्रेस केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और सामाजिक समस्याओं के समाधान की क्षमता विकसित करने का सशक्त मंच है।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।
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