www.goltoo.in

Bihar Assistant Professor Recruitment 2026: 21 दिन की भूख हड़ताल के बाद भर्ती नियमों में बड़े बदलाव के संकेत

August 25, 2026 | by Goltoo

professors11212

Patna 25 August : Bihar Assistant Professor Recruitment 2026 में बड़े बदलाव के संकेत। PhD को 30 अंक, Objective Exam, Teaching Demo और API नियमों में बदलाव का प्रस्ताव।

Bihar Assistant Professor Recruitment 2026 में बड़े बदलाव के संकेत

Bihar Assistant Professor Recruitment 2026 को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बिहार में सहायक प्राध्यापक भर्ती नियमों में बदलाव की मांग को लेकर गर्दनीबाग में All PhD Holders and Research Association की ओर से 21 दिनों से जारी भूख हड़ताल के बाद 24 अगस्त को राजभवन में महत्वपूर्ण वार्ता हुई। बिहार के राज्यपाल और छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब दो घंटे चली बैठक में Assistant Professor Recruitment Statutes 2026 पर फिलहाल रोक, PhD को अधिक वेटेज, 10वीं-12वीं के अंकों को API से हटाने, Objective Written Exam और Teaching Demo के जरिए भर्ती जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर आश्वासन दिया गया।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विधान परिषद सदस्य एवं शिक्षक प्रतिनिधि जीवन कुमार ने किया। इसमें अतिथि सहायक प्राध्यापक डॉ. कुंदन सिंह, डॉ. उमेश कुमार और डॉ. विभा रानी के साथ शोधार्थी आशीष कुमार तथा मोनू कुमार राय शामिल थे। वार्ता के बाद सामने आए प्रस्तावों को Bihar Higher Education Recruitment व्यवस्था में बड़े सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Bihar Assistant Professor Recruitment 2026 में बड़े बदलाव के संकेत
Bihar Assistant Professor Recruitment 2026 में बड़े बदलाव के संकेत

Bihar Assistant Professor Recruitment 2026 के मौजूदा नियमों पर रोक

वार्ता में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा Assistant Professor Recruitment Statutes, 2026 रहा। प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया गया कि मौजूदा नियमों के तहत फिलहाल नियमित या संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों की भर्ती नहीं की जाएगी। आवश्यक संशोधन और सुधार के बाद ही भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की बात कही गई है।

इस फैसले का सीधा असर बिहार के विश्वविद्यालयों में होने वाली आगामी Assistant Professor Recruitment पर पड़ सकता है। लंबे समय से अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, शोध योग्यता को उचित महत्व और उम्मीदवारों की वास्तविक शिक्षण क्षमता के मूल्यांकन की मांग कर रहे हैं।

हालांकि, भर्ती के अंतिम नियम उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों और उसके बाद होने वाले औपचारिक निर्णयों से स्पष्ट होंगे।

10वीं और 12वीं के अंक API Score से हटाने का प्रस्ताव

बिहार सहायक प्राध्यापक भर्ती 2026 में Academic Performance Indicator यानी API Score की गणना में भी महत्वपूर्ण बदलाव हो सकता है। वार्ता में आश्वासन दिया गया कि सहायक प्राध्यापक भर्ती के लिए API तैयार करते समय मैट्रिक और इंटरमीडिएट के अंकों को शामिल नहीं करने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।

यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो उम्मीदवारों के स्कूली प्रदर्शन के बजाय उच्च शिक्षा, शोध कार्य और विषयगत योग्यता को अधिक महत्व मिल सकता है। इससे उन अभ्यर्थियों को भी अवसर मिलने की उम्मीद है, जिनका प्रदर्शन 10वीं या 12वीं में अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध के दौरान उन्होंने बेहतर अकादमिक उपलब्धियां हासिल कीं।

Objective Written Exam के बाद बनेगी Merit List

प्रस्तावित Bihar University Assistant Professor Recruitment 2026 में केवल API Score और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों पर निर्भर रहने के बजाय उम्मीदवार की विषयगत दक्षता जांचने के लिए Objective Type Written Examination को शामिल करने की बात सामने आई है।

प्रस्तावित प्रक्रिया के अनुसार उम्मीदवारों को पहले वस्तुनिष्ठ लिखित परीक्षा देनी होगी। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का API Score तैयार किया जाएगा। इसके बाद Written Exam और API के आधार पर एक संयुक्त मेरिट लिस्ट बनाई जा सकती है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवार की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ उसके वर्तमान विषय ज्ञान को भी महत्व देना है।

Bihar Assistant Professor Recruitment 2026 में बड़े बदलाव के संकेत
Bihar Assistant Professor Recruitment 2026 में बड़े बदलाव के संकेत

Interview के साथ Teaching Demo हो सकता है अनिवार्य

नई भर्ती व्यवस्था में Teaching Demo को महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने का प्रस्ताव भी सामने आया है। मेरिट के आधार पर शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को इंटरव्यू के दौरान Teaching Demo देना पड़ सकता है।

इससे चयन समिति को यह परखने में मदद मिलेगी कि उम्मीदवार अपने विषय की जानकारी को कक्षा में कितनी प्रभावी और स्पष्ट तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचा सकता है।

यदि इसे अंतिम भर्ती नियमों में शामिल किया जाता है तो Bihar Assistant Professor Recruitment में केवल डिग्री और अकादमिक स्कोर के बजाय वास्तविक शिक्षण क्षमता भी चयन का महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।

Assistant Professor Recruitment में PhD को न्यूनतम 30 अंक देने का प्रस्ताव

PhD धारकों के लिए वार्ता का एक प्रमुख बिंदु PhD Weightage रहा। प्रस्ताव के मुताबिक सहायक प्राध्यापक भर्ती में PhD के लिए न्यूनतम 30 अंक निर्धारित किए जाने की बात सामने आई है। वहीं NET और JRF जैसी योग्यताओं के लिए अधिकतम 11 अंक निर्धारित करने का प्रस्ताव है।

इस बदलाव का उद्देश्य विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षक भर्ती में उच्चस्तरीय शोध योग्यता को पर्याप्त महत्व देना बताया जा रहा है।

इसके साथ ही Research Publications और Teaching/Research Experience के लिए भी स्पष्ट एवं सख्त मानक निर्धारित करने पर जोर दिया गया है, ताकि संदिग्ध शोध पत्रिकाओं, अनुचित प्रकाशनों या अनुभव संबंधी गलत दावों के आधार पर किसी उम्मीदवार को अनुचित लाभ न मिल सके।

Bihar Assistant Professor Recruitment Age Limit 55 वर्ष करने का प्रस्ताव

Bihar Assistant Professor Recruitment Age Limit को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष रखने का प्रस्ताव सामने आया है।

हालांकि, आयु सीमा को एक साथ कम करने के बजाय इसे चरणबद्ध तरीके से घटाने के सुझाव पर विचार करने की बात कही गई है। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर हर वर्ष नियमित भर्ती सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया गया है।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भर्ती में लंबे अंतराल के कारण योग्य PhD धारक और अन्य अभ्यर्थी निर्धारित आयु सीमा पार कर अवसर से वंचित न हों।

Guest Assistant Professors के वेतन और सेवा अवधि पर भी चर्चा

Bihar Guest Assistant Professor से जुड़े मुद्दों को भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। अतिथि सहायक प्राध्यापकों के वेतन को संविदा आधारित Assistant Professors के अनुरूप करने और उन्हें महंगाई भत्ता यानी DA देने का प्रस्ताव सामने आया है।

शैक्षणिक प्रमाणपत्रों और शोध कार्यों के उचित सत्यापन के बाद Guest Assistant Professors को 65 वर्ष की आयु तक सेवा देने की अनुमति दिए जाने के मुद्दे पर भी विचार की बात कही गई।

इसके अलावा बिहार के अलग-अलग विश्वविद्यालयों में Guest Faculty की सेवा नवीनीकरण प्रक्रिया में मौजूद असमानताओं को समाप्त कर एक समान व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया है।

15 दिनों में उच्चस्तरीय समिति गठित करने का आश्वासन

भर्ती नियमों में प्रस्तावित बदलावों को आगे बढ़ाने के लिए 15 दिनों के भीतर एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की बात सामने आई है। राज्यपाल, विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में, बिहार के मुख्यमंत्री से औपचारिक परामर्श के बाद समिति के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकते हैं।

प्रस्तावित समिति में वरिष्ठ शिक्षाविदों और अनुभवी प्रशासकों को शामिल किए जाने की संभावना है। समिति का मुख्य काम Assistant Professor Recruitment Statutes 2026 की समीक्षा करना और आवश्यक संशोधनों पर सुझाव देना होगा।

21 दिनों की भूख हड़ताल के बाद बनी सहमति

गर्दनीबाग में All PhD Holders and Research Association की 21 दिनों की भूख हड़ताल ने बिहार में सहायक प्राध्यापक भर्ती और उच्च शिक्षा में रोजगार के मुद्दे को प्रमुखता से सामने ला दिया। 24 अगस्त की राजभवन बैठक के बाद आंदोलन से जुड़े कई प्रमुख मुद्दों पर सकारात्मक पहल के संकेत मिले हैं।

यदि प्रस्तावित बदलाव अंतिम नियमों का हिस्सा बनते हैं तो Bihar Assistant Professor Recruitment 2026 में Objective Written Exam, API Score, PhD Weightage, Interview और Teaching Demo को मिलाकर नई चयन प्रणाली विकसित हो सकती है।

हालांकि, इन प्रस्तावों को अंतिम फैसला मानने के बजाय अब उच्चस्तरीय समिति के गठन और संशोधित भर्ती नियम जारी होने का इंतजार करना महत्वपूर्ण होगा। अंतिम Statutes जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बिहार में सहायक प्राध्यापक भर्ती की नई प्रक्रिया किस स्वरूप में लागू होगी।

RELATED POSTS

View all

view all