Muzaffarpur News
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Muzaffarpur 4 September : मुजफ्फरपुर, 4 सितंबर। मुजफ्फरपुर में डॉ. रवीन्द्र कान्हेरे ने विद्या भारती (Vidya Bharti) की भारतीय संस्कृति आधारित शिक्षा, पंचपदी-पंचकोश पद्धति और 25 सितंबर के वन्दे मातरम् आयोजन पर जानकारी दी।

विद्या भारती (Vidya Bharti) अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान

विद्या भारती (Vidya Bharti) की उत्तर बिहार इकाई, लोक शिक्षा समिति, बिहार द्वारा भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र कान्हेरे ने कहा कि विद्या भारती का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को साक्षर बनाना नहीं, बल्कि उनमें भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय स्वाभिमान और जीवन-मूल्यों का संस्कार कर राष्ट्र के लिए सक्षम नागरिक तैयार करना है। उन्होंने कहा कि विद्या भारती के प्रत्येक कार्यक्रम में ‘राष्ट्र प्रथम’ और विशुद्ध भारतीयता का भाव निहित है।

डॉ. कान्हेरे ने विद्या भारती (Vidya Bharti) की ऐतिहासिक यात्रा और सामाजिक विस्तार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज के अंतिम पायदान तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना संगठन की प्राथमिकता है। ग्रामीण, वनवासी और सुदूर सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित एकल विद्यालय एवं संस्कार केंद्र शिक्षा के साथ सामाजिक चेतना, संस्कार और सामाजिक समरसता के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। संगठन के कार्यकर्ता निरंतर प्रवास कर शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने और समाज से आत्मीय संपर्क बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।

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विद्या भारती (Vidya Bharti) के हर कार्यक्रम में बसती है विशुद्ध भारतीयता : डॉ. रवीन्द्र कान्हेरे
विद्या भारती (Vidya Bharti) के हर कार्यक्रम में बसती है विशुद्ध भारतीयता : डॉ. रवीन्द्र कान्हेरे

डॉ. रवीन्द्र कान्हेरे ने बताया कि वन्दे मातरम् गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आगामी 25 सितंबर को पूरे देश में विद्या भारती के विद्यालयों सहित हजारों अन्य शिक्षण संस्थानों में पूर्वाह्न 11 बजे एक साथ सामूहिक रूप से वन्दे मातरम् का गायन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश के लिए ऐतिहासिक अवसर होगा। इसमें कम से कम एक करोड़ लोगों की भागीदारी होने की संभावना है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और समाज के लोगों से इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

बदलते डिजिटल परिवेश और नई पीढ़ी की बदलती आवश्यकताओं का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और जीवन-मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। इसके लिए विद्या भारती की पंचपदी शिक्षण प्रणाली—अधीति, बोध, अभ्यास, प्रयोग और प्रसार के माध्यम से ज्ञान को व्यवहार से जोड़ा जा रहा है। वहीं पंचकोश आधारित शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास पर बल दिया जा रहा है।

विद्या भारती (Vidya Bharti) के हर कार्यक्रम में बसती है विशुद्ध भारतीयता : डॉ. रवीन्द्र कान्हेरे
विद्या भारती (Vidya Bharti) के हर कार्यक्रम में बसती है विशुद्ध भारतीयता : डॉ. रवीन्द्र कान्हेरे

शिक्षक प्रशिक्षण के संबंध में उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में भारतीय जीवन-मूल्यों को केंद्र में रखना आवश्यक है। विद्या भारती जल्द ही चार वर्षीय एकीकृत कला स्नातक-शिक्षा स्नातक पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की दिशा में कार्य कर रही है। विद्वत परिषद के सान्निध्य में शिक्षकों के निरंतर क्षमता संवर्धन और बौद्धिक विकास की कार्ययोजना भी तैयार की गई है।

उन्होंने कहा कि विद्या भारती (Vidya Bharti) की कार्यपद्धति की प्रमुख विशेषता आत्मीय संवाद है। शिक्षक केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहते, बल्कि विद्यार्थियों और उनके परिवारों से निरंतर संपर्क बनाए रखते हैं। इस संवाद से विद्यार्थियों की शैक्षणिक, भावनात्मक एवं व्यवहारिक समस्याओं को समझकर उनके समाधान का प्रयास किया जाता है।

विद्या भारती (Vidya Bharti) के हर कार्यक्रम में बसती है विशुद्ध भारतीयता : डॉ. रवीन्द्र कान्हेरे
विद्या भारती (Vidya Bharti) के हर कार्यक्रम में बसती है विशुद्ध भारतीयता : डॉ. रवीन्द्र कान्हेरे

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन पर डॉ. कान्हेरे ने कहा कि विद्या भारती ने कला एवं कौशल आधारित शिक्षा को अपनी शिक्षण योजना में प्रमुख स्थान दिया है। संगीत, ललित कला, हस्तशिल्प तथा व्यावहारिक एवं व्यावसायिक कौशल के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता विकसित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि चरित्रवान, संस्कारित, आत्मनिर्भर और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी नागरिक तैयार करना है। भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक आवश्यकताओं के समन्वय से ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना विद्या भारती का लक्ष्य है, जो विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखते हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाए और सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उनकी प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करे।

विद्या भारती (Vidya Bharti) अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान
विद्या भारती (Vidya Bharti) अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान

इस अवसर पर लोक शिक्षा समिति, बिहार के अध्यक्ष रामप्रकाश प्रसाद, उपाध्यक्ष विजय कुमार झा, डॉ. ललित किशोर, डॉ. सत्यनारायण प्रसाद, प्रोफेसर अंकज कुमार सिंह एवं भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार पाल उपस्थित रहे। पत्रकार वार्ता का संचालन विद्या भारती बिहार के मीडिया समन्वयक नवीन सिंह परमार ने किया।विद्या भारती के हर कार्यक्रम में बसती है विशुद्ध भारतीयता : डॉ. रवीन्द्र कान्हेरे

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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