Muzaffarpur 10 September : BRABU मनोविज्ञान विभाग में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर जागरूकता अभियान हुआ। 150 से अधिक शिक्षकों, शोधार्थियों और छात्रों ने जीवन बचाने का संकल्प लिया।
BRABU मनोविज्ञान विभाग
विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय (BRABU), मुजफ्फरपुर में आत्महत्या रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर व्यापक अभियान चलाया गया। BRABU में आत्महत्या रोकथाम को लेकर जागरूकता अभियान, 150 से अधिक लोगों ने लिया जीवन बचाने का संकल्प के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों, शोधार्थियों और छात्रों ने भाग लिया। अभियान का उद्देश्य मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रहे विद्यार्थियों को समय पर पहचान, परामर्श और सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने के प्रति विश्वविद्यालय समुदाय को जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने कहा कि आत्महत्या की कई घटनाओं को समय पर उचित परामर्श और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति का जीवन बचाना भी अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनका संदेश था कि विद्यार्थियों की मानसिक परेशानियों को नजरअंदाज करने के बजाय उन्हें समझने और जरूरत पड़ने पर सहायता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी समाज और शैक्षणिक संस्थानों की भी है।
मनोविज्ञान के विद्यार्थियों से विशेष भूमिका निभाने की अपील
कुलपति ने मनोविज्ञान विभाग के विद्यार्थियों से विशेष रूप से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मनोविज्ञान का अध्ययन करने वाले विद्यार्थी अपने साथियों में मानसिक तनाव, अवसाद या निराशा के संकेतों को समझने में मदद कर सकते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को अकेला छोड़ने के बजाय उन्हें उचित परामर्श और विशेषज्ञ सहायता की दिशा में प्रेरित करना जरूरी है।

विश्वविद्यालय परिसर में छात्रावासों और कक्षाओं में विद्यार्थियों के बीच होने वाली बातचीत के माध्यम से कई बार मानसिक परेशानी के संकेत सामने आ सकते हैं। ऐसे संकेतों को गंभीरता से लेना और जरूरत पड़ने पर परिवार, शिक्षक या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ तक बात पहुंचाना आत्महत्या रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
150 से अधिक लोगों ने लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. राजनिश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 150 से अधिक शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने स्वयं के जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने तथा अपने आसपास मानसिक संकट से गुजर रहे लोगों के प्रति संवेदनशील रहने का संकल्प लिया।

इस पहल के माध्यम से विश्वविद्यालय समुदाय में यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर चुप्पी समस्या को बढ़ा सकती है। समय पर बातचीत, भावनात्मक सहयोग, परामर्श और विशेषज्ञ सहायता जरूरतमंद व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
रैली और नुक्कड़ नाटक से दिया जागरूकता संदेश
अभियान को विभाग तक सीमित नहीं रखा गया। मनोविज्ञान विभाग से शुरू हुई जागरूकता रैली होम साइंस, भूगोल, वाणिज्य और हिंदी विभाग से गुजरते हुए कुलपति आवास तक पहुंची। विभिन्न विभागों में छात्रों ने पोस्टर, पेपर डिस्प्ले और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या रोकथाम से संबंधित संदेश लोगों तक पहुंचाया।

हिंदी विभाग के प्रो. कल्याण कुमार झा ने जीवन के महत्व पर सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण भी प्रस्तुत किया। उन्होंने गरुड़ पुराण के संदर्भ का उल्लेख करते हुए आत्महत्या को धार्मिक परंपरा में गंभीर कृत्य के रूप में बताए जाने की बात कही। कार्यक्रम में आधुनिक मनोवैज्ञानिक समझ के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक जागरूकता को जोड़ने का प्रयास किया गया।
शिक्षकों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी
पूरे अभियान के समन्वय की जिम्मेदारी प्रो. रूपश्री जमुआर ने निभाई। कार्यक्रम में प्रो. आभा रानी सिन्हा, डॉ. विकास कुमार, डॉ. सुनीता कुमारी, डॉ. ऋतु कुमारी, डॉ. किरण, डॉ. दिलीप और डॉ. उमा नंद कुमार सहित कई शिक्षक शामिल हुए। विद्यार्थियों में अंतरा, सौरभ, आदित्य, शुभम, पवन, स्वाति, राजा, छोटन, अमृता भारती और सतीश समेत अन्य छात्रों ने सक्रिय भागीदारी की।
RBBM College में World Suicide Prevention Day : छात्राओं ने पोस्टर के जरिए दिया जागरूकता का संदेश https://t.co/TOIRsiQTTh #Muzaffarpur #worldsucidepreventionday @brabu_ac_in pic.twitter.com/2Xv2VSv32D
— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) September 10, 2026
BRABU का यह अभियान मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने और विद्यार्थियों को जरूरत के समय सहायता लेने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि किसी व्यक्ति की मानसिक परेशानी को गंभीरता से लेना, उसकी बात सुनना और उसे उचित सहायता से जोड़ना सामूहिक जिम्मेदारी है।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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