Muzaffarpur 19 September : RDS College रामदयालु सिंह महाविद्यालय के स्नातकोत्तर इतिहास विभाग में प्रथम सत्र में नामांकित छात्र-छात्राओं के लिए “इतिहास विषय में असाइनमेंट लेखन वर्कशॉप” का आयोजन किया गया।
RDS College के इतिहास विभाग में कार्यशाला
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को इतिहास विषय में अकादमिक लेखन की पद्धति, शोधपरक दृष्टिकोण, स्रोतों के उपयोग तथा साक्ष्य आधारित निष्कर्ष निकालने की प्रक्रिया से परिचित कराना था।
असाइनमेंट लेखन विद्यार्थियों में शोध-दृष्टि, तार्किक क्षमता और अकादमिक अभिव्यक्ति विकसित करने का प्रभावी माध्यम : डॉ एम एन रजवी
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. एम. एन. रजवी ने असाइनमेंट लेखन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि असाइनमेंट केवल परीक्षा की औपचारिकता नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में विषय की गहरी समझ विकसित करने, अध्ययन-अनुसंधान की आदत विकसित करने तथा अपने विचारों को तार्किक एवं व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को विषय चयन से लेकर सामग्री संकलन, संदर्भों के उपयोग और निष्कर्ष लेखन तक की प्रक्रिया को गंभीरता से अपनाने की सलाह दी।

डॉ. ललित किशोर ने असाइनमेंट लेखन के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक अच्छे इतिहास संबंधी असाइनमेंट में विषय की स्पष्टता, उचित संरचना, प्रामाणिक स्रोतों का उपयोग, तथ्यों का विश्लेषण, तार्किक प्रस्तुति और संदर्भ लेखन का विशेष महत्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि इतिहास का अध्ययन केवल घटनाओं और तिथियों को याद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उपलब्ध स्रोतों और साक्ष्यों के आधार पर अतीत को समझने एवं उसकी व्याख्या करने की प्रक्रिया है। उन्होंने असाइनमेंट के लिए भूमिका, मुख्य विषय-वस्तु, विश्लेषण, निष्कर्ष तथा संदर्भ-सूची तैयार करने की प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया।

डॉ. अजमत अली ने असाइनमेंट लेखन में साक्ष्य के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इतिहास लेखन की विश्वसनीयता उसके प्रमाणों और स्रोतों पर निर्भर करती है। विद्यार्थियों को प्राथमिक एवं द्वितीयक स्रोतों की पहचान, उनके आलोचनात्मक अध्ययन तथा उपयुक्त संदर्भ के साथ उनके उपयोग पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी ऐतिहासिक निष्कर्ष को प्रस्तुत करते समय उसके समर्थन में प्रामाणिक साक्ष्य देना आवश्यक है।

कार्यशाला में डॉ. अनुपम कुमार, डॉ. मनीष कुमार शर्मा एवं डॉ. रविंद्र कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को असाइनमेंट तैयार करते समय मौलिकता, भाषा की स्पष्टता, तथ्यात्मक शुद्धता, संदर्भों की विश्वसनीयता तथा अकादमिक अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को इंटरनेट से प्राप्त सामग्री के यांत्रिक उपयोग के बजाय पुस्तकालय, शोध-पुस्तकों, शोध-पत्रिकाओं एवं प्रमाणिक ऐतिहासिक स्रोतों के अध्ययन पर जोर देने की सलाह दी।

कार्यशाला के दौरान छात्र-छात्राओं ने असाइनमेंट लेखन से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाएं एवं प्रश्न शिक्षकों के समक्ष रखे। विद्यार्थियों ने विषय चयन, सामग्री संग्रह, स्रोतों के संदर्भ, उद्धरण, संदर्भ-सूची, असाइनमेंट की संरचना तथा निष्कर्ष लेखन से जुड़े सवाल पूछे। शिक्षकों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें व्यावहारिक सुझाव दिए।
Degree College Aurai में पुरस्कार वितरण सह समापन समारोह का भव्य आयोजन https://t.co/qGK9KFcN3V #rdmaurai #Muzaffarpur @brabu_ac_in pic.twitter.com/76SROQakDJ
— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) September 19, 2026
कार्यशाला के अंत में विद्यार्थियों ने कहा कि इस आयोजन से उन्हें इतिहास विषय में असाइनमेंट तैयार करने की वैज्ञानिक एवं अकादमिक पद्धति को समझने में काफी मदद मिली। शिक्षकों ने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, शोधपरक दृष्टिकोण और प्रमाणिक स्रोतों के आधार पर लेखन की आदत विकसित करने का आह्वान किया।
कार्यशाला को स्नातकोत्तर प्रथम सत्र के विद्यार्थियों के लिए अकादमिक लेखन एवं शोध-अभिरुचि विकसित करने की दिशा में एक उपयोगी पहल के रूप में देखा गया।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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