Muzaffarpur News
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Muzaffarpur 21 October : MLC Election 2026 : बिहार शिक्षक MLC चुनाव में NDA प्रत्याशी नरेंद्र प्रसाद सिंह ने ₹12.20 करोड़ की विकास निधि, स्कूल भवनों और शिक्षक हितों का जिक्र किया।

MLC Election 2026 : नरेंद्र प्रसाद सिंह ने गिनाईं उपलब्धियां, 7वें वेतनमान और नियोजित शिक्षकों को सरकारी दर्जा दिलाने का वादा

बिहार विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। NDA प्रत्याशी और पूर्व विधान पार्षद नरेंद्र प्रसाद सिंह ने अपने चुनावी अभियान में शिक्षकों के वेतनमान, नियोजित शिक्षकों की सेवा शर्तों, स्थानांतरण व्यवस्था और शैक्षणिक संस्थानों के विकास को प्रमुख मुद्दा बनाया है। उन्होंने अपने लगभग 18 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए दावा किया कि सीमित विकास निधि के बावजूद उन्होंने कई विद्यालयों के भवन निर्माण और शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए काम किया। उन्होंने सातवें वेतन आयोग के अनुरूप वेतनमान तथा नियोजित शिक्षकों को पूर्ण सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिलाने का वादा भी किया है।

18 वर्षों में ₹12.20 करोड़ की विकास निधि मिलने का दावा

नरेंद्र प्रसाद सिंह के अनुसार, उनके लगभग 18 वर्षों के विधान पार्षद कार्यकाल में कुल ₹12.20 करोड़ की विकास निधि प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि इस राशि से विद्यालयों, महाविद्यालयों, मदरसों और संस्कृत शिक्षण संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए काम कराया गया। उन्होंने वर्तमान प्रतिनिधियों की विकास निधि के उपयोग पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि अधिक राशि मिलने के बावजूद शैक्षणिक संस्थानों में अपेक्षित स्तर पर विकास कार्य नहीं हुए हैं। हालांकि, निधि के उपयोग और वर्तमान प्रतिनिधियों पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए आधिकारिक अभिलेखों की जांच आवश्यक है।

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चार विद्यालयों के भवन निर्माण और स्थानांतरण का उल्लेख

अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए सिंह ने विद्या विहार, यूएस छपरा स्कूल, सराय सैयद अली स्कूल और राधा केरिया हाई स्कूल से जुड़े कार्यों का जिक्र किया। उनके अनुसार, इन विद्यालयों को जमीन, स्थायी भवन या बेहतर परिसर उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की गई। उन्होंने बताया कि विद्या विहार को विधि महाविद्यालय परिसर से हटाकर RDDS कार्यालय परिसर में स्थानांतरित कराया गया, जबकि राधा केरिया हाई स्कूल को बैंक रोड स्थित किराये के भवन से बालूघाट के नए परिसर में ले जाया गया। सराय सैयद अली स्कूल के लिए सरकारी जमीन पर भवन निर्माण के प्रयासों के दौरान कानूनी विवाद का भी उन्होंने उल्लेख किया।

MLC Election 2026 : नरेंद्र प्रसाद सिंह ने गिनाईं उपलब्धियां, 7वें वेतनमान और नियोजित शिक्षकों को सरकारी दर्जा दिलाने का वादा
MLC Election 2026 : नरेंद्र प्रसाद सिंह ने गिनाईं उपलब्धियां, 7वें वेतनमान और नियोजित शिक्षकों को सरकारी दर्जा दिलाने का वादा

सिंह ने रमेश रानी हाई स्कूल के अब भी किराये के भवन में संचालित होने का मुद्दा उठाते हुए पिछले प्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक प्रतिनिधित्व मिलने के बावजूद इस विद्यालय के लिए स्थायी भवन का निर्माण नहीं कराया गया। इन दावों की पुष्टि संबंधित विद्यालयों के अभिलेखों और विभागीय जानकारी से की जानी चाहिए।

शिक्षक स्थानांतरण व्यवस्था पर लगाए गंभीर आरोप

नरेंद्र प्रसाद सिंह ने अपने कार्यकाल में नियोजित शिक्षकों के लिए स्थानांतरण नीति लागू कराने का दावा किया। उन्होंने कहा कि उस व्यवस्था में शिक्षकों को अपनी पसंद के स्थान पर स्थानांतरण पाने के लिए अवैध भुगतान नहीं करना पड़ता था। इसके विपरीत, उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में जिला परिषद के अंतर्गत स्थानांतरण के लिए शिक्षकों से कथित तौर पर 60 हजार से एक लाख रुपये तक की मांग की जाती है। यह आरोप गंभीर प्रकृति का है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। संबंधित विभाग और जिला परिषद का पक्ष सामने आने पर इस मुद्दे की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

उन्होंने चैपमैन स्कूल में मूल्यांकन कार्य के दौरान 12 शिक्षकों से जुड़े एक पुराने मामले का भी उल्लेख किया। सिंह के अनुसार, उस समय प्रत्येक शिक्षक पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाए जाने या जेल भेजे जाने की स्थिति उत्पन्न हुई थी। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपनी निजी राशि से कुल 24 हजार रुपये देकर शिक्षकों की सहायता की थी। इस घटना को उन्होंने शिक्षक हितों के लिए व्यक्तिगत स्तर पर हस्तक्षेप करने के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।

सातवें वेतनमान और सरकारी दर्जे का चुनावी वादा

MLC Election 2026 : चुनावी एजेंडे के तहत सिंह ने शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग के अनुरूप पूर्ण वेतनमान दिलाने का वादा किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न शिक्षक संवर्गों के वेतन और सेवा शर्तों से जुड़ी समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने नियोजित शिक्षकों को जिला परिषद के नियंत्रण से मुक्त कर सीधे राज्य सरकार के अधीन पूर्ण सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिलाने की बात कही।

NDA प्रत्याशी ने शिक्षकों से अपील की कि वे मतदान के दौरान अपने अधिकारों, सेवा सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखें। उन्होंने मतपत्र पर अपनी क्रम संख्या एक होने की जानकारी देते हुए जीत के प्रति भरोसा जताया। उनका तर्क है कि राज्य में NDA की सरकार होने से शिक्षकों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने और उन पर निर्णय कराने में मदद मिल सकती है। यह उनके चुनाव प्रचार का हिस्सा है; अंतिम निर्णय मतदाताओं और संबंधित सरकारी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।

बिहार शिक्षक MLC चुनाव में वेतनमान, नियोजित शिक्षकों की सेवा स्थिति, स्थानांतरण व्यवस्था में पारदर्शिता और विद्यालयों के आधारभूत ढांचे का विकास अहम मुद्दे बनकर उभरे हैं। नरेंद्र प्रसाद सिंह ने अपने अनुभव और घोषित वादों के आधार पर शिक्षकों का समर्थन मांगा है। चुनाव परिणाम से यह तय होगा कि शिक्षक मतदाता उनके दावों और भविष्य की योजनाओं पर कितना भरोसा जताते हैं।

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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