www.goltoo.in

BRABU के 37 नए डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां तेज, औराई कॉलेज में डॉ. रमेश कुमार विश्वकर्मा बने प्रभारी प्राचार्य

May 15, 2026 | by Goltoo

aurai12

Muzaffarpur 15 May : बिहार में उच्च शिक्षा विस्तार की दिशा में BRABU के तहत 37 नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत हो रही है। औराई के नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालय में डॉ. रमेश कुमार विश्वकर्मा ने प्रभारी प्राचार्य के रूप में योगदान दिया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों और विशेषकर छात्राओं को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

BRABU के नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालय में डॉ. रमेश कुमार विश्वकर्मा ने संभाली जिम्मेदारी, बिहार में 37 नए कॉलेजों से उच्च शिक्षा को मिलेगी नई दिशा

बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। BRABU, मुजफ्फरपुर ने 12 मई 2026 को एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी करते हुए 37 नए डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसे केवल नए कॉलेज खोलने की औपचारिक घोषणा नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा पहुंचाने की व्यापक पहल माना जा रहा है।

इसी क्रम में मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड में नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालय में उच्च शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के निर्देश पर डॉ. रमेश कुमार विश्वकर्मा ने प्रभारी प्राचार्य (Professor-in-Charge) के रूप में अपना योगदान दिया। फिलहाल यह महाविद्यालय उच्च मध्य विद्यालय, औराई (हिंदी) परिसर में अस्थायी रूप से संचालित होगा।

BRABU के 37 नए डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां तेज, औराई कॉलेज में डॉ. रमेश कुमार विश्वकर्मा बने प्रभारी प्राचार्य
BRABU के 37 नए डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां तेज, औराई कॉलेज में डॉ. रमेश कुमार विश्वकर्मा बने प्रभारी प्राचार्य

स्थानीय लोगों और शिक्षाविदों ने नए महाविद्यालय की शुरुआत का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र में शिक्षा के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। लोगों का कहना है कि इससे ग्रामीण छात्रों को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा।

37 प्रोफेसरों को सौंपी गई कॉलेज संचालन की जिम्मेदारी

BRABU द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर विभिन्न जिलों में स्थापित इन कॉलेजों के संचालन की जिम्मेदारी 37 शिक्षकों को “प्रोफेसर-इन-चार्ज” के रूप में दी गई है। इन शिक्षकों को केवल पढ़ाई की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि कॉलेजों की आधारभूत संरचना तैयार कराने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

विश्वविद्यालय के निर्देशों के मुताबिक प्रभारी बनाए गए शिक्षकों को संबंधित जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर भवन, कक्षाएं, फर्नीचर, पेयजल, बिजली, शौचालय एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। साथ ही सरकारी बैंकों में खाते खुलवाने और प्रशासनिक रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।

अनुभवी शिक्षकों की निगरानी में शुरू होगा संचालन

भोजपुरी, उर्दू, इतिहास, भौतिकी, मनोविज्ञान, संस्कृत और अर्थशास्त्र जैसे विषयों के वरिष्ठ शिक्षकों को इस कार्य में लगाया गया है। BRABU प्रशासन का मानना है कि अनुभवी शिक्षकों की निगरानी में नए कॉलेजों का संचालन अधिक प्रभावी तरीके से शुरू किया जा सकेगा।

नई शिक्षा नीति के अनुरूप बड़ा कदम

इस पहल का उद्देश्य 2026-30 शैक्षणिक सत्र के लिए चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रमों को व्यवस्थित रूप से संचालित करना है। नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप यह कदम ग्रामीण छात्रों को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

BRABU के 37 नए डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां तेज, औराई कॉलेज में डॉ. रमेश कुमार विश्वकर्मा बने प्रभारी प्राचार्य
BRABU के 37 नए डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां तेज, औराई कॉलेज में डॉ. रमेश कुमार विश्वकर्मा बने प्रभारी प्राचार्य

पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर और वैशाली जिलों के विभिन्न प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें संग्रामपुर, मेहसी, पिपराकोठी, तुर्कौलिया, औराई, गायघाट, डुमरी कटसरी, बाजपट्टी, रून्नीसैदपुर, पटेढ़ी बेलसर, चनपटिया और ठाकराहा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

लड़कियों की शिक्षा को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ

नवनियुक्त प्रभारी प्राचार्य डॉ. रमेश कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि बिहार सरकार का यह प्रयास उच्च शिक्षा को समावेशी और सर्वसुलभ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि इससे लड़कियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और आने वाले समय में बिहार शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर उदाहरण पेश कर सकेगा।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि महाविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालित किया जाएगा।

स्थानीय स्तर पर शिक्षा, पलायन में कमी की उम्मीद

इन नए कॉलेजों की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को अब उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इसका सबसे अधिक लाभ उन छात्राओं को मिलने की उम्मीद है जो दूरी या संसाधनों की कमी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती थीं।

इस अवसर पर उच्च मध्य विद्यालय, औराई की प्रधान शिक्षिका मीनाक्षी झा ने नए प्रभारी प्राचार्य का स्वागत किया और महाविद्यालय संचालन में सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण और अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

RELATED POSTS

View all

view all